Ajmer Blast 2007
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2007 के अजमेर बम विस्फोट पर फिर होगी सुनवाई, राजस्थान हाईकोर्ट को SC ने दिए अहम निर्देश
- Saturday December 20, 2025
- Reported by: विश्वास शर्मा, Edited by: श्यामजी तिवारी
2017 में एनआईए की विशेष अदालत ने दो आरोपियों भवेश पटेल और देवेंद्र गुप्ता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जबकि सात अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया था. इस पर सात बरी हुए आरोपियों के खिलाफ और सजा पाए दो आरोपियों की सजा को चुनौती देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में अपील दायर हुई थी.
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वर्ष 2007 के मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में स्वामी असीमानंद की जमानत मंजूर
- Thursday March 23, 2017
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
साल 2007 में हैदराबाद की मक्का मस्जिद में हुए धमाके के मामले में स्वामी असीमानंद को जमानत मिल गई है. और इस तरह अब असीमानंद की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है. फिलहाल वह जयपुर जेल में बंद हैं. हाल ही में असीमानंद अजमेर ब्लास्ट केस में बरी हुए हैं और मालेगांव तथा समझौता केस में पहले ही उन्हें जमानत मिल चुकी है.
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अजमेर बम विस्फोट : दो दोषियों को उम्रकैद की सजा, विशेष अदालत ने सुनाया फैसला
- Wednesday March 22, 2017
- Reported by: हर्षा कुमारी सिंह, Edited by: सूर्यकांत पाठक
जयपुर की विशेष अदालत ने अजमेर बम विस्फोट कांड में दो दोषियों देवेश गुप्ता और भावेश पटेल को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस केस में असीमानंद समेत सात आरोपियों को कोर्ट बरी कर चुकी है जबकि उसने तीन अभियुक्तों को इस मामले में दोषी पाया था. कोर्ट ने मामले में आज सजा का ऐलान किया है. राष्ट्रीय जांच एजेन्सी के मामलों की विशेष अदालत के न्यायाधीश दिनेश गुप्ता ने अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह परिसर में 11 अक्टूबर 2007 को आहता ए नूर पेड़ के पास हुए बम विस्फोट मामले में देवेन्द्र गुप्ता, भावेश पटेल और सुनील जोशी को दोषी करार दिया था. तब सजा का ऐलान बाद में करने की बात कोर्ट ने कही थी.
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अजमेर दरगाह ब्लास्ट : स्वामी असीमानंद समेत सात को बरी किया, तीन को दोषी माना
- Wednesday March 8, 2017
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
जयपुर की विशेष अदालत ने अजमेर बम विस्फोट कांड में असीमानंद समेत सात आरोपियों को आज बरी कर दिया जबकि उसने तीन अभियुक्तों को इस मामले में दोषी पाया है. राष्ट्रीय जांच एजेन्सी के मामलों की विशेष अदालत के न्यायाधीश दिनेश गुप्ता ने अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह परिसर में 11 अक्टूबर 2007 को आहता ए नूर पेड़ के पास हुए बम विस्फोट मामले में देवेन्द्र गुप्ता, भावेश पटेल और सुनील जोशी को दोषी करार दिया है.
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अजमेर दरगाह पर हुए ब्लास्ट केस में अब तक 20 गवाह पलटे, 2007 में हुआ था धमाका
- Tuesday August 18, 2015
- Reporter by Harsha Kumari Singh
कथित तौर पर हिंदुत्ववादी ताकतों द्वारा की गई आतंकी घटनाओं पर नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी (एनआईए) को एक और बड़ा झटका लगा है। अजमेर ब्लास्ट मामले में अभियोजन पक्ष के अब तक 20 महत्वपूर्ण गवाह अब मुकर गए हैं। जयपुर कोर्ट में मंगलवार को 20वां गवाह भी अपने बयान पर कायम नहीं रहा।
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2007 के अजमेर बम विस्फोट पर फिर होगी सुनवाई, राजस्थान हाईकोर्ट को SC ने दिए अहम निर्देश
- Saturday December 20, 2025
- Reported by: विश्वास शर्मा, Edited by: श्यामजी तिवारी
2017 में एनआईए की विशेष अदालत ने दो आरोपियों भवेश पटेल और देवेंद्र गुप्ता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जबकि सात अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया था. इस पर सात बरी हुए आरोपियों के खिलाफ और सजा पाए दो आरोपियों की सजा को चुनौती देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में अपील दायर हुई थी.
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वर्ष 2007 के मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में स्वामी असीमानंद की जमानत मंजूर
- Thursday March 23, 2017
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
साल 2007 में हैदराबाद की मक्का मस्जिद में हुए धमाके के मामले में स्वामी असीमानंद को जमानत मिल गई है. और इस तरह अब असीमानंद की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है. फिलहाल वह जयपुर जेल में बंद हैं. हाल ही में असीमानंद अजमेर ब्लास्ट केस में बरी हुए हैं और मालेगांव तथा समझौता केस में पहले ही उन्हें जमानत मिल चुकी है.
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अजमेर बम विस्फोट : दो दोषियों को उम्रकैद की सजा, विशेष अदालत ने सुनाया फैसला
- Wednesday March 22, 2017
- Reported by: हर्षा कुमारी सिंह, Edited by: सूर्यकांत पाठक
जयपुर की विशेष अदालत ने अजमेर बम विस्फोट कांड में दो दोषियों देवेश गुप्ता और भावेश पटेल को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस केस में असीमानंद समेत सात आरोपियों को कोर्ट बरी कर चुकी है जबकि उसने तीन अभियुक्तों को इस मामले में दोषी पाया था. कोर्ट ने मामले में आज सजा का ऐलान किया है. राष्ट्रीय जांच एजेन्सी के मामलों की विशेष अदालत के न्यायाधीश दिनेश गुप्ता ने अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह परिसर में 11 अक्टूबर 2007 को आहता ए नूर पेड़ के पास हुए बम विस्फोट मामले में देवेन्द्र गुप्ता, भावेश पटेल और सुनील जोशी को दोषी करार दिया था. तब सजा का ऐलान बाद में करने की बात कोर्ट ने कही थी.
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अजमेर दरगाह ब्लास्ट : स्वामी असीमानंद समेत सात को बरी किया, तीन को दोषी माना
- Wednesday March 8, 2017
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जयपुर की विशेष अदालत ने अजमेर बम विस्फोट कांड में असीमानंद समेत सात आरोपियों को आज बरी कर दिया जबकि उसने तीन अभियुक्तों को इस मामले में दोषी पाया है. राष्ट्रीय जांच एजेन्सी के मामलों की विशेष अदालत के न्यायाधीश दिनेश गुप्ता ने अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह परिसर में 11 अक्टूबर 2007 को आहता ए नूर पेड़ के पास हुए बम विस्फोट मामले में देवेन्द्र गुप्ता, भावेश पटेल और सुनील जोशी को दोषी करार दिया है.
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अजमेर दरगाह पर हुए ब्लास्ट केस में अब तक 20 गवाह पलटे, 2007 में हुआ था धमाका
- Tuesday August 18, 2015
- Reporter by Harsha Kumari Singh
कथित तौर पर हिंदुत्ववादी ताकतों द्वारा की गई आतंकी घटनाओं पर नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी (एनआईए) को एक और बड़ा झटका लगा है। अजमेर ब्लास्ट मामले में अभियोजन पक्ष के अब तक 20 महत्वपूर्ण गवाह अब मुकर गए हैं। जयपुर कोर्ट में मंगलवार को 20वां गवाह भी अपने बयान पर कायम नहीं रहा।
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