'Jallianwala Bagh Massacre' - 10 न्यूज़ रिजल्ट्स
  • Career | सोमवार अप्रैल 13, 2020 10:25 AM IST
    Jallianwala Bagh Massacre: जनरल डायर के आदेश पर ब्रिटिश आर्मी ने बिना रुके लगभग 10 मिनट तक गोलियां बरसाईं. इस घटना में करीब 1,650 राउंड फायरिंग हुई थी.
  • Career | सोमवार अप्रैल 13, 2020 06:07 PM IST
    Jallianwala Bagh: देश की आजादी के इतिहास में 13 अप्रैल का दिन एक दुखद घटना के साथ दर्ज है. वह वर्ष 1919 का 13 अप्रैल का दिन था, जब जलियांवाला बाग में एक शांतिपूर्ण सभा के लिए जमा हुए हजारों भारतीयों पर अंग्रेज हुक्मरान ने अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं. पंजाब के अमृतसर जिले में ऐतिहासिक स्वर्ण मंदिर के नजदीक जलियांवाला बाग (Jallianwala Bagh) नाम के इस बगीचे में अंग्रेजों की गोलीबारी से घबराई बहुत सी औरतें अपने बच्चों को लेकर जान बचाने के लिए कुएं में कूद गईं.
  • Career | गुरुवार दिसम्बर 26, 2019 03:04 PM IST
    स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी एवं क्रांतिकारी उधम सिंह की आज जयंती (Udham Singh Jayanti) है. उधम सिंह का जन्म 26 दिसम्बर 1899 को पंजाब के संगरूर जिले के सुनाम गांव में हुआ था. सन 1901 में उधम सिंह की माता और 1907 में उनके पिता का निधन हो गया. उधम सिंह (Shaheed Udham Singh) का बचपन का नाम शेर सिंह और उनके भाई का नाम मुक्ता सिंह था जिन्हें अनाथालय में क्रमश: उधम सिंह और साधु सिंह के रूप में नए नाम मिले. उधम सिंह (Sardar Udham Singh) ने जलियांवाला बाग नरसंहार (Jallianwala Bagh Massacre) को अंजाम देने वाले जनरल डायर (General O'Dwyer) को उसके देश में घुसकर गोली मारी थी. जलियांवाला बाग नरसंहार में लोगों को गोलियों से भून दिया गया था, जिससे पूरे भारत में आक्रोश का माहौल था.  
  • Zara Hatke | शनिवार अप्रैल 13, 2019 05:48 PM IST
    Jallianwala Bagh: पंजाब के सुनाम में जन्मे उधम सिंह को गवर्नव जनरल माइकल डायर (Michael O'Dwyer) की हत्या की वजह से जाने जाते हैं. उधम सिंह ने ही 13 मार्च, 1940 को लंदन के कैक्सटन हॉल में डायर को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था. 
  • India | शनिवार अप्रैल 13, 2019 11:31 AM IST
    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी  ने जलियांवाला बाग नरसंहार के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर जलियांवाला बाग स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि स्वतंत्रता की जो कीमत चुकाई गई है उसे भुलाया नहीं जाना चाहिए.  राहुल के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू सहित कांग्रेस के अन्य नेता भी मौजूद थे. सभी नेताओं ने जलियांवाला बाग के भीतर स्थित स्मारक स्थल पर सुबह श्रद्धांजलि अर्पित की साथ ही 13 अप्रैल, 1919 को बर्बर तरीके से मौत के घाट उतारे गए लोगों की याद में दो मिनट का मौन भी रखा.
  • File Facts | शनिवार अप्रैल 13, 2019 10:15 AM IST
    आज जालियांवाला बाग की 100वीं बरसी है. देश जालियांवाला बाग की 100वीं बरसी पर शहीदों को याद कर रहा है. साल 1919 में अमृतसर में हुए इस नरसंहार में हजारों लोग मारे गए थे लेकिन ब्रिटिश सरकार के आंकड़ें में सिर्फ 379 की हत्या दर्ज की गई है. जलियांवाला बाग हत्‍याकांड ब्रिटिश भारत के इतिहास का काला अध्‍याय है. आज से 99 साल पहले 13 अप्रैल, 1919 को अंग्रेज अफसर जनरल डायर ने अमृतसर के जलियांवाला बाग में मौजूद निहत्‍थी भीड़ पर अंधाधुंध गोलियां चलवा दी थीं. इस हत्‍याकांड में 1,000 से ज़्यादा लोग मारे गए थे, जबकि 1,500 से भी ज़्यादा घायल हुए थे. जिस दिन यह क्रूरतम घटना हुई, उस दिन बैसाखी थी. इसी हत्‍याकांड के बाद ब्रिटिश हुकूमत के अंत की शुरुआत हुई. इसी के बाद देश को ऊधम सिंह जैसा क्रांतिकारी मिला और भगत सिंह के दिलों में समेत कई युवाओं में देशभक्ति की लहर दौड़ गई. जानिए, जलियांवाला बाग हत्‍याकांड से जुड़ी 10 खास बातें...
  • India | शनिवार अप्रैल 13, 2019 10:11 AM IST
    ब्रिटिश गुलामी के दौरान हुए जलियांवाला बाग नरसंहार की 100वीं बरसी पर शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आदि नेताओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी.
  • World | शुक्रवार अप्रैल 12, 2019 11:18 AM IST
    पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी (Fawad Chaudhry) ने ब्रिटेन से कहा कि वह कोहिनूर हीरा (Kohinoor Diamond) पाकिस्तान को वापस लौटाए.
  • Career | शुक्रवार अप्रैल 13, 2018 11:26 AM IST
    जलियांवाला बाग हत्‍याकांड ब्रिटिश भारत के इतिहास का काला अध्‍याय है. आज से 99 साल पहले 13 अप्रैल, 1919 को अंग्रेज अफसर जनरल डायर ने अमृतसर के जलियांवाला बाग में मौजूद निहत्‍थी भीड़ पर अंधाधुंध गोलियां चलवा दी थीं.
  • India | बुधवार दिसम्बर 6, 2017 07:14 PM IST
    लंदन के मेयर सादिक खान ने अमृतसर दौरे पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि वक्त आ गया है कि ब्रिटिश सरकार को 1919 में हुए जलियांवाला बाग नरसंहार के लिए माफी मांगनी चाहिए. उ
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