कमजोर वैश्विक अर्थव्यवस्था
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50% टैरिफ... भारत पर सख्त रुख अमेरिका पर करेगा 'बैक फायर'? जानिए क्या हैं खतरे
- Sunday August 31, 2025
- Reported by: आईएएनएस
ट्रंप प्रशासन रणनीतिक रूप से भारत संग अपने संबंधों को नुकसान पहुंचाने का जोखिम उठा रहा है. भारत न केवल एक आर्थिक महाशक्ति है, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक साझेदार भी है.
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2023 में दुनिया के एक तिहाई हिस्से पर पड़ेगी मंदी की मार, IMF प्रमुख ने दी चेतावनी
- Monday January 2, 2023
- Reported by: भाषा, Edited by: अंजलि कर्मकार
मुद्राकोष ने पिछले साल अक्टूबर में 2023 के लिये आर्थिक वृद्धि के अनुमान को घटाया था. वैश्विक संस्थान ने कहा, ‘‘वैश्विक वृद्धि दर के 2022 में 3.2 प्रतिशत और 2023 में घटकर 2.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 2021 में छह प्रतिशत पर था. वैश्विक वित्तीय संकट और कोविड-19 महामारी के समय को छोड़ दिया जाए तो यह 2001 के बाद वृद्धि का सबसे कमजोर रुख है.’’
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खतरनाक मंदी की ओर बढ़ रही दुनिया, World Bank ने बताई यह वजह
- Friday October 14, 2022
- Reported by: वार्ता, Edited by: वर्तिका
“हम विकासशील देशों में लोगों को आगे बढ़ने में मदद करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. इन देशों में कर्ज बढ़ने का कारण उच्च ब्याज दर है. एक तरफ कर्ज बढ़ रहा है और दूसरी तरफ उनकी मुद्राएं कमजोर हो रही हैं. मुद्रा के मूल्य में गिरावट कर्ज का बोझ बढ़ा रही है. विकासशील देशों के समक्ष कर्ज संकट की समस्या है.”- विश्व बैंक
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शेयर बाजारों में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1100 अंक लुढ़का
- Friday September 16, 2022
- Reported by: भाषा
वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोर रुख और विदेशी पूंजी की निकासी के चलते शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 500 अंक से अधिक टूट गया था. वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका और विदेशी पूंजी की निकासी से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई.
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मंदी के अंदेशे के बीच सरकार ने विदेशी निवेशकों पर बढ़े सरचार्ज को वापस लिया, 10 बड़ी बातें
- Saturday August 24, 2019
- Reported by: अखिलेश शर्मा, Edited by: नंदन सिंह
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने देश के आर्थिक हालात के बारे में विस्तार से जानकारी तो दी ही, साथ ही कई घोषणाएं भी की. उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बाकी देशों की अर्थव्यवस्था से बेहतर है. भारत में मंदी जैसी कोई बात नहीं है, लेकिन हम अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक जीडीपी वृद्धि दर संशोधित होकर मौजूदा अनुमान 3.2 प्रतिशत से नीचे जा सकती है. वैश्विक मांग कमजोर रहेगी. अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध तथा मुद्रा अवमूल्यन के चलते वैश्विक व्यापार में काफी उतार-चढ़ाव वाली स्थिति पैदा हुई है. भारत की आर्थिक वृद्धि दर कई देशों की तुलना में ऊंची है. आर्थिक सुधार सरकार के एजेंडा में सबसे ऊपर है, सुधारों की प्रक्रिया जारी है, इसकी रफ्तार थमी नहीं है. उन्होंने कहा कि कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) नियमों के उल्लंघन को दिवानी मामले की तरह देखा जाएगा, इसे आपराधिक मामलों की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा.
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कार और हाउसिंग लोन होंगे सस्ते, GST की प्रक्रिया भी होगी सरल, पढ़ें- वित्त मंत्री के 10 बड़े ऐलान
- Friday August 23, 2019
- Reported by: अखिलेश शर्मा, Edited by: प्रभात उपाध्याय
देश के आर्थिक हालात को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने देश के आर्थिक हालात के बारे में विस्तार से जानकारी तो दी ही, साथ ही कई घोषणाएं भी की. उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बाकी देशों की अर्थव्यवस्था से बेहतर है. भारत में मंदी जैसी कोई बात नहीं है, लेकिन हम अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक जीडीपी वृद्धि दर संशोधित होकर मौजूदा अनुमान 3.2 प्रतिशत से नीचे जा सकती है. वैश्विक मांग कमजोर रहेगी. अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध तथा मुद्रा अवमूल्यन के चलते वैश्विक व्यापार में काफी उतार-चढ़ाव वाली स्थिति पैदा हुई है. भारत की आर्थिक वृद्धि दर कई देशों की तुलना में ऊंची है. आर्थिक सुधार सरकार के एजेंडा में सबसे ऊपर है, सुधारों की प्रक्रिया जारी है, इसकी रफ्तार थमी नहीं है. उन्होंने कहा कि कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) नियमों के उल्लंघन को दिवानी मामले की तरह देखा जाएगा, इसे आपराधिक मामलों की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा. वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शुरुआती दौर में ही 70 हजार करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी ताकि बैंक बाजार में पांच लाख करोड़ रुपये तक की नकदी जारी करने में सक्षम हो सकें. छोटे एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के अब तक के सभी लंबित जीएसटी रिफंड का भुगतान 30 दिन के भीतर कर दिया जाएगा. भविष्य के रिफंड मामलों को 60 दिन के भीतर निपटा दिया जाएगा. वहीं, बैंकों ने रेपो दर में कटौती का फायदा ग्राहकों को पहुंचाने का फैसला किया है. रेपो दर या बाहरी मानक आधारित कर्ज उत्पाद पेश किए. बैंक घर और वाहन के लिए कर्ज सस्ता करेंगे. जबकि 2020 तक खरीदे गए भारत मानक- चार के वाहन पंजीकरण की पूरी अवधि तक परिचालन में बने रहेंगे. पढ़ें- वित्त मंत्री के प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें.
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अब भारत उभरती कमजोर अर्थव्यवस्था वाला देश नहीं, आकर्षक गंतव्य बना : जेटली
- Saturday May 26, 2018
- Reported by: भाषा
केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि बीते चार साल में मोदी सरकरार ने ‘भ्रष्टाचार मुक्त’ प्रशासन दिया है और भारत आज विदेशी निवेश पर निर्भर ‘पांच उभरती अर्थव्यवस्थाओं’ की सूची से निकलकर वैश्विक मंच पर ‘आकर्षक गंतव्य’ बन गया है.
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घटती बिक्री से कोका कोला परेशान
- Wednesday July 27, 2016
- Reported by: एएफपी
कमजोर वैश्विक अर्थव्यवस्था, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मुद्रा बाजार की उठापटक से वर्ष की दूसरी तिमाही में भी शीतल पेय बनाने वाली प्रमुख कंपनी कोका कोला की कमाई प्रभावित रही है।
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फेडरल रिजर्व ने निम्न मुद्रास्फीति का हवाला देते हुए अहम ब्याज दर को नहीं बदला
- Friday September 18, 2015
- Reported by Bhasha
फेडरल रिजर्व ने कमजोर वैश्विक अर्थव्यस्था, निम्न मुद्रास्फीति और अस्थिर वित्तीय बाजारों के जोखिमों के कारण अमेरिकी ब्याज दरों को रिकॉर्ड निचले स्तर पर बरकरार रखा।
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2015 में भारत की वृद्धि दर 7 प्रतिशत रहेगी, कैड रहेगा निम्न स्तर पर : मूडीज
- Tuesday September 8, 2015
- Reported by Bhasha
मूडीज ने वैश्विक वृद्धि में नरमी का हवाला देते हुए एशिया प्रशांत (एपीएसी) क्षेत्र के कई देशों के लिए वृद्धि का अनुमान कम कर दिया है। चीन में मांग अधिक कमजोर होने से वैश्विक नरमी और गहराई है।
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कमजोर मानसून भारत की वित्तीय स्थिति के प्रतिकूल है : मूडीज
- Tuesday June 9, 2015
वैश्विक रेटिंग एजेन्सी मूडीज ने सोमवार को कहा कि कमजोर मानसून भारत की वित्तीय साख के प्रतिकूल हो सकता है क्योंकि इससे खाद्य मुद्रास्फीति और राजकोषीय घाटा बढ़ने की संभावना है।
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50% टैरिफ... भारत पर सख्त रुख अमेरिका पर करेगा 'बैक फायर'? जानिए क्या हैं खतरे
- Sunday August 31, 2025
- Reported by: आईएएनएस
ट्रंप प्रशासन रणनीतिक रूप से भारत संग अपने संबंधों को नुकसान पहुंचाने का जोखिम उठा रहा है. भारत न केवल एक आर्थिक महाशक्ति है, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक साझेदार भी है.
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2023 में दुनिया के एक तिहाई हिस्से पर पड़ेगी मंदी की मार, IMF प्रमुख ने दी चेतावनी
- Monday January 2, 2023
- Reported by: भाषा, Edited by: अंजलि कर्मकार
मुद्राकोष ने पिछले साल अक्टूबर में 2023 के लिये आर्थिक वृद्धि के अनुमान को घटाया था. वैश्विक संस्थान ने कहा, ‘‘वैश्विक वृद्धि दर के 2022 में 3.2 प्रतिशत और 2023 में घटकर 2.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 2021 में छह प्रतिशत पर था. वैश्विक वित्तीय संकट और कोविड-19 महामारी के समय को छोड़ दिया जाए तो यह 2001 के बाद वृद्धि का सबसे कमजोर रुख है.’’
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खतरनाक मंदी की ओर बढ़ रही दुनिया, World Bank ने बताई यह वजह
- Friday October 14, 2022
- Reported by: वार्ता, Edited by: वर्तिका
“हम विकासशील देशों में लोगों को आगे बढ़ने में मदद करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. इन देशों में कर्ज बढ़ने का कारण उच्च ब्याज दर है. एक तरफ कर्ज बढ़ रहा है और दूसरी तरफ उनकी मुद्राएं कमजोर हो रही हैं. मुद्रा के मूल्य में गिरावट कर्ज का बोझ बढ़ा रही है. विकासशील देशों के समक्ष कर्ज संकट की समस्या है.”- विश्व बैंक
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शेयर बाजारों में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1100 अंक लुढ़का
- Friday September 16, 2022
- Reported by: भाषा
वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोर रुख और विदेशी पूंजी की निकासी के चलते शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 500 अंक से अधिक टूट गया था. वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका और विदेशी पूंजी की निकासी से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई.
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मंदी के अंदेशे के बीच सरकार ने विदेशी निवेशकों पर बढ़े सरचार्ज को वापस लिया, 10 बड़ी बातें
- Saturday August 24, 2019
- Reported by: अखिलेश शर्मा, Edited by: नंदन सिंह
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने देश के आर्थिक हालात के बारे में विस्तार से जानकारी तो दी ही, साथ ही कई घोषणाएं भी की. उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बाकी देशों की अर्थव्यवस्था से बेहतर है. भारत में मंदी जैसी कोई बात नहीं है, लेकिन हम अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक जीडीपी वृद्धि दर संशोधित होकर मौजूदा अनुमान 3.2 प्रतिशत से नीचे जा सकती है. वैश्विक मांग कमजोर रहेगी. अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध तथा मुद्रा अवमूल्यन के चलते वैश्विक व्यापार में काफी उतार-चढ़ाव वाली स्थिति पैदा हुई है. भारत की आर्थिक वृद्धि दर कई देशों की तुलना में ऊंची है. आर्थिक सुधार सरकार के एजेंडा में सबसे ऊपर है, सुधारों की प्रक्रिया जारी है, इसकी रफ्तार थमी नहीं है. उन्होंने कहा कि कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) नियमों के उल्लंघन को दिवानी मामले की तरह देखा जाएगा, इसे आपराधिक मामलों की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा.
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कार और हाउसिंग लोन होंगे सस्ते, GST की प्रक्रिया भी होगी सरल, पढ़ें- वित्त मंत्री के 10 बड़े ऐलान
- Friday August 23, 2019
- Reported by: अखिलेश शर्मा, Edited by: प्रभात उपाध्याय
देश के आर्थिक हालात को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने देश के आर्थिक हालात के बारे में विस्तार से जानकारी तो दी ही, साथ ही कई घोषणाएं भी की. उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बाकी देशों की अर्थव्यवस्था से बेहतर है. भारत में मंदी जैसी कोई बात नहीं है, लेकिन हम अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक जीडीपी वृद्धि दर संशोधित होकर मौजूदा अनुमान 3.2 प्रतिशत से नीचे जा सकती है. वैश्विक मांग कमजोर रहेगी. अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध तथा मुद्रा अवमूल्यन के चलते वैश्विक व्यापार में काफी उतार-चढ़ाव वाली स्थिति पैदा हुई है. भारत की आर्थिक वृद्धि दर कई देशों की तुलना में ऊंची है. आर्थिक सुधार सरकार के एजेंडा में सबसे ऊपर है, सुधारों की प्रक्रिया जारी है, इसकी रफ्तार थमी नहीं है. उन्होंने कहा कि कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) नियमों के उल्लंघन को दिवानी मामले की तरह देखा जाएगा, इसे आपराधिक मामलों की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा. वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शुरुआती दौर में ही 70 हजार करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी ताकि बैंक बाजार में पांच लाख करोड़ रुपये तक की नकदी जारी करने में सक्षम हो सकें. छोटे एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के अब तक के सभी लंबित जीएसटी रिफंड का भुगतान 30 दिन के भीतर कर दिया जाएगा. भविष्य के रिफंड मामलों को 60 दिन के भीतर निपटा दिया जाएगा. वहीं, बैंकों ने रेपो दर में कटौती का फायदा ग्राहकों को पहुंचाने का फैसला किया है. रेपो दर या बाहरी मानक आधारित कर्ज उत्पाद पेश किए. बैंक घर और वाहन के लिए कर्ज सस्ता करेंगे. जबकि 2020 तक खरीदे गए भारत मानक- चार के वाहन पंजीकरण की पूरी अवधि तक परिचालन में बने रहेंगे. पढ़ें- वित्त मंत्री के प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें.
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अब भारत उभरती कमजोर अर्थव्यवस्था वाला देश नहीं, आकर्षक गंतव्य बना : जेटली
- Saturday May 26, 2018
- Reported by: भाषा
केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि बीते चार साल में मोदी सरकरार ने ‘भ्रष्टाचार मुक्त’ प्रशासन दिया है और भारत आज विदेशी निवेश पर निर्भर ‘पांच उभरती अर्थव्यवस्थाओं’ की सूची से निकलकर वैश्विक मंच पर ‘आकर्षक गंतव्य’ बन गया है.
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घटती बिक्री से कोका कोला परेशान
- Wednesday July 27, 2016
- Reported by: एएफपी
कमजोर वैश्विक अर्थव्यवस्था, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मुद्रा बाजार की उठापटक से वर्ष की दूसरी तिमाही में भी शीतल पेय बनाने वाली प्रमुख कंपनी कोका कोला की कमाई प्रभावित रही है।
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फेडरल रिजर्व ने निम्न मुद्रास्फीति का हवाला देते हुए अहम ब्याज दर को नहीं बदला
- Friday September 18, 2015
- Reported by Bhasha
फेडरल रिजर्व ने कमजोर वैश्विक अर्थव्यस्था, निम्न मुद्रास्फीति और अस्थिर वित्तीय बाजारों के जोखिमों के कारण अमेरिकी ब्याज दरों को रिकॉर्ड निचले स्तर पर बरकरार रखा।
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2015 में भारत की वृद्धि दर 7 प्रतिशत रहेगी, कैड रहेगा निम्न स्तर पर : मूडीज
- Tuesday September 8, 2015
- Reported by Bhasha
मूडीज ने वैश्विक वृद्धि में नरमी का हवाला देते हुए एशिया प्रशांत (एपीएसी) क्षेत्र के कई देशों के लिए वृद्धि का अनुमान कम कर दिया है। चीन में मांग अधिक कमजोर होने से वैश्विक नरमी और गहराई है।
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कमजोर मानसून भारत की वित्तीय स्थिति के प्रतिकूल है : मूडीज
- Tuesday June 9, 2015
वैश्विक रेटिंग एजेन्सी मूडीज ने सोमवार को कहा कि कमजोर मानसून भारत की वित्तीय साख के प्रतिकूल हो सकता है क्योंकि इससे खाद्य मुद्रास्फीति और राजकोषीय घाटा बढ़ने की संभावना है।
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