आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भविष्य में पूरी मानव सभ्यता को हमेशा के लिए खत्म कर देगा, ऐसे दावे लगातार किए जा रहे हैं. लेकिन, इन दावों की प्रभावशाली AI रिसर्चर Andrew Ng ने हवा निकाल दी. NDTV World Summit 2026 में Andrew Ng ने कहा कि AI के तरफ मानवता को नष्ट करने के ये दावे वास्तव में कोई चेतावनी नहीं हैं, बल्कि ये बड़ी टेक कंपनियों की एक सोची-समझी बिजनेस स्ट्रटेजी और PR स्टंट है. 'DeepLearning.AI' के संस्थापक और 'Coursera' के सह-संस्थापक Andrew Ng ने कहा कि दुनिया भर के कई बड़े टेक बिजनेस और कंपनियों के पास AI के खतरों को जानबूझकर बहुत ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के फाइनेंशियल और बिजनेस कारण मौजूद हैं.
आखिर क्यों कंपनियां फैला रही हैं 'मानवता के अंत' का डर?
Andrew Ng ने उन तीन प्राइमरी बिजनेस कारणों का खुलासा किया, जिनके दम पर टेक कंपनियां AI कयामत का हौवा खड़ा कर रही हैं. एंड्रयू ने कहा, "अलग-अलग बिजनेसों के पास AI के डर को बढ़ाने के कई मजबूत कारण हैं. ये उनके लिए एक बेहतरीन PR साबित हुआ है, क्योंकि जब कोई ये कहता है कि AI दुनिया का अंत कर सकता है या बड़े पैमाने पर नौकरियां छीन सकता है, तो लोग तुरंत उसके बारे में चर्चा करने लगते हैं."
उन्होंने आगे कहा, जब आप ये बेतुका बयान देते हैं कि आपकी तकनीक पूरी मानवता को मिटा सकती है, जो कि किसी भी सामान्य व्यवसाय के लिए एक बेहद बकवास और हास्यास्पद बयान है क्योंकि तकनीक कभी इस तरह काम नहीं करती. हालांकि, ये निवेशकों को यह समझाने का एक बहुत ही कारगर हथकंडा बन जाता है कि आपकी तकनीक वास्तव में बेहद पावरफुल है, और इससे कंपनियां अरबों डॉलर का नया निवेश जुटा लेती हैं.
मस्क और दूसरी बड़ी कंपनियों के असली इरादों को उजागर करते हुए एंड्रयू ने कहा, "तीसरा सबसे बड़ा मकसद रेगुलेटरी कैप्चर है. यदि आपने AI मॉडल को ट्रेन करने में अरबों डॉलर खर्च किए हैं, तो आपके लिए यह बेहद कठिन होता है जब कोई छोटा रिसर्च ग्रुप या दूसरी कंपनी इंटरनेट पर ओपन सोर्स (फ्री) में वैसा ही AI मॉडल पब्लिश कर देती है जिसे कोई भी इस्तेमाल कर सकता है. ये बड़ी कंपनियों के लिए एक बहुत बड़ा बिजनेस खतरा है. इसलिए, ये बड़ी कंपनियां जानबूझकर AI के खतरों का डर फैला रही हैं ताकि दुनिया भर की सरकारें कड़े कानून बनाकर उनके छोटे कंपीटिटर्स को पूरी तरह कुचल दें और फ्री या सस्ते AI मॉडल्स के आने का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो जाए."
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"ये कयामत नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग की नॉर्मल दिक्कते"
Andrew Ng ने हाल ही में हुई उस बड़ी घटना का भी जिक्र किया जिसने पूरी दुनिया को डरा दिया था, जिसमें OpenAI के AI एजेंट्स ने कोडिंग प्लेटफॉर्म 'Hugging Face' पर हमला कर दिया था. एंड्रयू ने साफ किया, "यदि आप वास्तव में देखें कि वहां क्या हुआ था, तो वे केवल इंजीनियरिंग की कुछ सामान्य समस्याएं थीं जिन्हें आसानी से हल किया जा सकता है." उन्होंने AI की तुलना विमानन क्षेत्र से करते हुए कहा, "शुरुआत में हम हवाई जहाजों को भी पूरी तरह कंट्रोल नहीं कर पाते थे, लेकिन लगातार इंजीनियरिंग में सुधार करके, कमियों को ढूंढकर और उन्हें बार-बार ठीक करके आज हम हवाई जहाजों को बेहद सुरक्षित तरीके से उड़ाते हैं. AI के साथ भी हम अभी बिल्कुल इसी सुधार की प्रक्रिया के बीच में हैं."
उन्होंने AI एजेंट्स को "खुद की आत्मा या इच्छा" वाला जीव मानने के प्रयासों को पूरी तरह खारिज कर दिया, क्योंकि इन्हें आखिराकर एक कॉर्पोरेट कंपनी ही कंट्रोल करती है. उन्होंने एक बेहतरीन उदाहरण दिया यदि कोई व्यक्ति हथौड़े से दीवार को तोड़ देता है, तो कोई भी हथौड़े को दोषी नहीं ठहराता. इसलिए, AI के गलत इस्तेमाल के लिए केवल उसे चलाने वाले इंसानों को ही पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए." उन्होंने आगाह किया कि कंपनियां अक्सर कानूनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए यह बहाना बना देती हैं कि "ये हमारे बागी AI (rogue AI) ने खुद कर दिया.
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