स्टार युगल खिलाड़ी लिएंडर पेस ने शनिवार को कहा कि उन्होंने टीम के चयन मामलों में हस्तक्षेप नहीं किया और अगर लंदन ओलिंपिक में भारत की सर्वश्रेष्ठ टीम जाती तो पदक जीतने का बेहतर मौका होता।
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नई दिल्ली:
स्टार युगल खिलाड़ी लिएंडर पेस ने शनिवार को कहा कि उन्होंने टीम के चयन मामलों में हस्तक्षेप नहीं किया और अगर लंदन ओलिंपिक में भारत की सर्वश्रेष्ठ टीम जाती तो पदक जीतने का बेहतर मौका होता।
पिछले साल लंदन ओलिंपिक और अब दक्षिण कोरिया के खिलाफ खिलाड़ियों से जुड़े विवाद के कारण भारत को चयनकर्ताओं की पसंद के इतर टीमें चुनने के लिए बाध्य होना पड़ा।
पेस ने कहा, ‘‘मेरे लिए देश का प्रतिनिधित्व करना और देश के झंडे के लिए खेलना सबसे बढ़कर है। मैं कभी चयन मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता है। मुझे जो भी साथी मिलेगा मैं उसके साथ खेलूंगा। मुझे अगर महेश (भूपति), रोहन (बोपन्ना) या सोम (सोमदेव देववर्मन) के साथ खेलने के लिए कहा जाएगा तो मैं उनके साथ भी खेलूंगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लंदन ओलिंपिक से पहले भी मैंने कभी चयन मामलों में हस्तक्षेप नहीं किया। मैं कभी टीम के संचालन या चयन में शामिल होने की कोशिश नहीं करता। मेरे 23 बरस के अनुभव के आधार पर मुझसे पूछा गया था कि कौन की जोड़ी सर्वश्रेष्ठ होगी और मैंने अपना नजरिया रखा।’’
दुनिया के सबसे सफल डेविस कप खिलाड़ी पेस ने कहा, ‘‘लेकिन मेरी पसंद की टीम नहीं बनी। उसके बाद लंदन ओलिंपिक में जो हुआ सबको पता है। अगर बेहतर टीम चुनी जाती तो अच्छे नतीजे मिल सकते थे।’’
भूपति और बोपन्ना ने ओलिंपिक से पहले पेस के साथ जोड़ी बनाने से इनकार कर दिया था और अपनी जोड़ी बनाने की बात कही थी। बाद में एआईटीए को झुकना पड़ा और भूपति तथा बोपन्ना को एक साथ खेलने का मौका मिला जबकि पेस को विष्णु वर्धन के साथ जोड़ी बनानी पड़ी।
पिछले साल लंदन ओलिंपिक और अब दक्षिण कोरिया के खिलाफ खिलाड़ियों से जुड़े विवाद के कारण भारत को चयनकर्ताओं की पसंद के इतर टीमें चुनने के लिए बाध्य होना पड़ा।
पेस ने कहा, ‘‘मेरे लिए देश का प्रतिनिधित्व करना और देश के झंडे के लिए खेलना सबसे बढ़कर है। मैं कभी चयन मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता है। मुझे जो भी साथी मिलेगा मैं उसके साथ खेलूंगा। मुझे अगर महेश (भूपति), रोहन (बोपन्ना) या सोम (सोमदेव देववर्मन) के साथ खेलने के लिए कहा जाएगा तो मैं उनके साथ भी खेलूंगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लंदन ओलिंपिक से पहले भी मैंने कभी चयन मामलों में हस्तक्षेप नहीं किया। मैं कभी टीम के संचालन या चयन में शामिल होने की कोशिश नहीं करता। मेरे 23 बरस के अनुभव के आधार पर मुझसे पूछा गया था कि कौन की जोड़ी सर्वश्रेष्ठ होगी और मैंने अपना नजरिया रखा।’’
दुनिया के सबसे सफल डेविस कप खिलाड़ी पेस ने कहा, ‘‘लेकिन मेरी पसंद की टीम नहीं बनी। उसके बाद लंदन ओलिंपिक में जो हुआ सबको पता है। अगर बेहतर टीम चुनी जाती तो अच्छे नतीजे मिल सकते थे।’’
भूपति और बोपन्ना ने ओलिंपिक से पहले पेस के साथ जोड़ी बनाने से इनकार कर दिया था और अपनी जोड़ी बनाने की बात कही थी। बाद में एआईटीए को झुकना पड़ा और भूपति तथा बोपन्ना को एक साथ खेलने का मौका मिला जबकि पेस को विष्णु वर्धन के साथ जोड़ी बनानी पड़ी।
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