तस्वीर : KanakJhaOffical@facebook
- कनक झा भारतीय मूल के अमेरिकी हैं
- 15 साल की उम्र में रियो में क्वॉलिफाई कर कनक ने इतिहास रचा
- अमेरिकी टेबल टेनिस टीम को हैं पदक की उम्मीद
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न्यूयॉर्क:
रियो ओलिंपिक में क्वालिफ़ाई करना किसी भी एथलीट के लिए गर्व की बात है। 15 साल की उम्र में रियो में क्वॉलिफाई कर अमेरिकी टेबल टेनिस खिलाड़ी कनक झा ने इतिहास कायम किया। भारतीय मूल के कनक, टेबल टेनिस में अमेरिका के लिए पहली बार पदक जीतकर इतिहास रचना चाहते हैं। इलाहाबाद के रहने वाले कनक के पिता अरुण अमेरिका पढ़ने के लिए गए और ओरेकल में काम करते हैं जबकि मां करुणा पहले सन माइक्रोसिस्टम में काम करती थी और अब वह अपना रेकी का सेंटर चलाती हैं।
पदक की उम्मीद
कनक झा कहते हैं 'ओलिंपिक में मैं सबसे युवा खिलाड़ी हूं, यह मुझे नहीं मालूम था लेकिन मैं इसके बारे में ज़्यादा नहीं सोचता हूं क्योंकि खेलने के वक़्त ये महत्व नहीं रखता।' कनक का जन्म अमेरिका में हुआ लेकिन वह स्वीडन में रह रहे हैं। उन्होंने जुलाई में अपने साथी खिलाड़ी यूजून फ़ेंग को हराकर यूएस नेशनल्स जीता है। 6 लोगों की टीम में शामिल कनक ओलिंपिक में खेलने को लेकर काफ़ी उत्साहित हैं तो साथी खिलाड़ियों को उम्मीद है कि कनक के आने से अमेरिका टेबल टेनिस में एक पदक ज़रूर जीत सकेगा।
कनक ने कहा 'ओलिंपिक में खेलना मेरा सपना रहा है। 8 साल की उम्र में ओलिंपिक टीवी पर देखा फिर 12 साल की उम्र में लंदन ओलिंपिक टीवी पर देखा। मैं ओलिंपिक में खेलने को लेकर उत्साहित हूं।' अमेरिका के लिए ओलिंपिक खेल चुकी लिली ज़ेंग के मुताबिक 'ओलिंपिक में अगर हम पदक जीतते हैं तो इससे बड़ी बात क्या होगी। ओलिंपिक टेबल टेनिस इवेंट में अमेरिका ने कभी कोई मेडल नहीं जीता है। यह हमारे लिए सपने का सच होना होगा। हम एक टीम के तौर पर खेलने पर ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं।' टेबल टेनिस इवेंट में चीन, दक्षिण कोरिया और जर्मनी का दबदबा रहा है। 1988 से चीन ने 47, दक्षिण कोरिया ने 18 और जर्मनी ने 5 मेडल जीते हैं लेकिन वर्ल्ड रैंकिंग में 272 नंबर पर मौजूद कनक का लक्ष्य रियो में मेंस सिंग्लस में मेडल जीतने पर है।
पदक की उम्मीद
कनक झा कहते हैं 'ओलिंपिक में मैं सबसे युवा खिलाड़ी हूं, यह मुझे नहीं मालूम था लेकिन मैं इसके बारे में ज़्यादा नहीं सोचता हूं क्योंकि खेलने के वक़्त ये महत्व नहीं रखता।' कनक का जन्म अमेरिका में हुआ लेकिन वह स्वीडन में रह रहे हैं। उन्होंने जुलाई में अपने साथी खिलाड़ी यूजून फ़ेंग को हराकर यूएस नेशनल्स जीता है। 6 लोगों की टीम में शामिल कनक ओलिंपिक में खेलने को लेकर काफ़ी उत्साहित हैं तो साथी खिलाड़ियों को उम्मीद है कि कनक के आने से अमेरिका टेबल टेनिस में एक पदक ज़रूर जीत सकेगा।
कनक ने कहा 'ओलिंपिक में खेलना मेरा सपना रहा है। 8 साल की उम्र में ओलिंपिक टीवी पर देखा फिर 12 साल की उम्र में लंदन ओलिंपिक टीवी पर देखा। मैं ओलिंपिक में खेलने को लेकर उत्साहित हूं।' अमेरिका के लिए ओलिंपिक खेल चुकी लिली ज़ेंग के मुताबिक 'ओलिंपिक में अगर हम पदक जीतते हैं तो इससे बड़ी बात क्या होगी। ओलिंपिक टेबल टेनिस इवेंट में अमेरिका ने कभी कोई मेडल नहीं जीता है। यह हमारे लिए सपने का सच होना होगा। हम एक टीम के तौर पर खेलने पर ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं।' टेबल टेनिस इवेंट में चीन, दक्षिण कोरिया और जर्मनी का दबदबा रहा है। 1988 से चीन ने 47, दक्षिण कोरिया ने 18 और जर्मनी ने 5 मेडल जीते हैं लेकिन वर्ल्ड रैंकिंग में 272 नंबर पर मौजूद कनक का लक्ष्य रियो में मेंस सिंग्लस में मेडल जीतने पर है।
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