प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली:
वेल्स और बेल्जियम की टीम में पलड़ा हर लिहाज से बेल्जियम का भारी माना जा रहा था और उसने शुरू से ही आक्रमण करना शुरू कर दिया। बेल्जियम को कामयाबी मिली मैच के 13वें मिनट में और फीफा की नंबर 2 रैंकिंग वाली टीम ने 1-0 बढ़त हासिल कर ली। मगर वेल्स के खिलाड़ी एशली विलियम्स ने मैच के 30वें मिनट में हिसाब बराबर कर दिया।
हाफ टाइम के बाद कहानी पूरी तरह वेल्स की रही और उसने 54वें मिनट में गोल कर 2-1 से बढ़त हासिल कर ली। ऐसा नहीं कि बेल्जियम को मौके नहीं मिले, लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। मैच खत्म होने से 5 मिनट पहले वेल्स के सैम वोक्स ने तीसरा गोलकर बेल्जियम की कहानी को खत्म कर दिया और 1958 के बाद टीम पहली बार किसी बड़े टूर्नामेंट में इतना आगे पहुंची है।
1958 में टीम फुटबॉल विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी, लेकिन उस समय पेले की ब्राजील की टीम ने उसका सफर रोका था। वेल्स की इस ऐतिहासिक जीत ने फुटबॉल के जानकारों को न केवल सन्न कर दिया है, बल्कि पूरे देश में जश्न का माहौल बना दिया है। टीम के खिलाड़ी, खासकर गैरथ बेल, अपने देश के सबसे बड़े हीरो बन गए हैं।
हाफ टाइम के बाद कहानी पूरी तरह वेल्स की रही और उसने 54वें मिनट में गोल कर 2-1 से बढ़त हासिल कर ली। ऐसा नहीं कि बेल्जियम को मौके नहीं मिले, लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। मैच खत्म होने से 5 मिनट पहले वेल्स के सैम वोक्स ने तीसरा गोलकर बेल्जियम की कहानी को खत्म कर दिया और 1958 के बाद टीम पहली बार किसी बड़े टूर्नामेंट में इतना आगे पहुंची है।
1958 में टीम फुटबॉल विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी, लेकिन उस समय पेले की ब्राजील की टीम ने उसका सफर रोका था। वेल्स की इस ऐतिहासिक जीत ने फुटबॉल के जानकारों को न केवल सन्न कर दिया है, बल्कि पूरे देश में जश्न का माहौल बना दिया है। टीम के खिलाड़ी, खासकर गैरथ बेल, अपने देश के सबसे बड़े हीरो बन गए हैं।