विज्ञापन
This Article is From Mar 30, 2011

उसी DRS से मिला फायदा, जिसके विरोध में हैं सचिन

सचिन को मोहाली में पाकिस्तान के खिलाफ क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल में उसी समीक्षा प्रणाली से फायदा हुआ जिसका वह लगातार विरोध करते रहते हैं।
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
मुंबई: भारतीय स्टार सचिन तेंदुलकर को बुधवार को मोहाली में पाकिस्तान के खिलाफ क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल में उसी समीक्षा प्रणाली से फायदा हुआ जिसका वह लगातार विरोध करते रहते हैं। जबकि उनके सलामी जोड़ीदार वीरेंद्र सहवाग डीआरएस के पक्षधर हैं। तेंदुलकर जब 11वें ओवर में 23 रन पर थे उन्हें पाकिस्तानी ऑफ स्पिनर सईद अजमल की गेंद पर अंपायर इयान गाउल्ड ने पगबाधा आउट कर दिया था। इसके बाद उन्होंने डीआरएस की अपील की और उन्हें राहत मिल गई जिसमें दिखा कि गेंद उनके पैड से लगकर लेग स्टंप से चूक गई थी। वह बाद में 85 रन पर आउट हो गए। तेंदुलकर इससे पहले हमेशा ही डीआरएस प्रणाली का विरोध करते रहे हैं। 2008 में श्रीलंका के भारत के दौरे के दौरान वह इसका शिकार हुए थे जिसके बाद वह कहते हैं कि वह इस विवादास्पद रेफरल प्रणाली से पूरी तरह से संतुष्ट नहीं है। पिछले साल भारत के अगले दौरे पर तेंदुलकर ने कहा था कि डीआरएस के बजाय वह नयी हाट स्पाट तकनीक के इस्तेमाल के पक्षधर हैं, जिसमें इंफ्रा रेड इमेज प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है जिससे पता चल जाता है कि गेंद बल्लेबाज के बल्ले या पैड से टकराई थी।

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
डीआरएस, सचिन तेंदुलकर, भारत, पाकिस्तान, मैच, DRS, Sachin
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com