भारत के युवा खिलाड़ी रंजीत विराली मुरुगेसन को डेविस कप टेनिस एशिया ओसियाना ग्रुप ए के पहले मैच में मिन हियोक चो के हाथों एकतरफा मुकाबले में 6-1, 6-0, 6-1 से शिकस्त का सामना करना पड़ा, जिससे कोरिया ने 1-0 की बढ़त बना ली।
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नई दिल्ली:
भारत के युवा खिलाड़ी रंजीत विराली मुरुगेसन को डेविस कप टेनिस एशिया ओसियाना ग्रुप ए के पहले मैच में मिन हियोक चो के हाथों एकतरफा मुकाबले में 6-1, 6-0, 6-1 से शिकस्त का सामना करना पड़ा, जिससे कोरिया ने 1-0 की बढ़त बना ली।
दुनिया के 511वें नंबर के खिलाड़ी रंजीत के पास एटीपी चार्ट में बिना रैंकिंग वाले कोरियाई खिलाड़ी का कोई जवाब नहीं था और उन्हें एक घंटे और 23 मिनट में शिकस्त का सामना करना पड़ा। भारतीय खिलाड़ी पूरे मैच के दौरान सिर्फ एक बार अपनी सर्विस बचा पाया, जबकि सिर्फ एक बार विरोधी की सर्विस तोड़ी।
मिन हियोक चोट ने अपने दमखम और बेहतर फिटनेस से विरोधी खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने मैच के दौरान नौ बार रंजीत की सर्विस तोड़ी और सिर्फ एक बार अपनी सर्विस गंवाई। डेविस कप में अपना पहला मैच खेल रहे रंजीत को आरके खन्ना स्टेडियम के हार्ड कोर्ट पर लय हासिल करने के लिए जूझना पड़ा।
भारतीय खिलाड़ी की सर्विस काफी कमजोर रही और पहले दो सेट में तो वह अपनी सर्विस पर एक भी गेम नहीं जीत पाए। उनके फोरहैंड और बैकहैंड शाट में लंबी रैलियों के लिए जरूरी दमखम नहीं था, जबकि उन्होंने अपने कई शॉट नेट पर उलझाने के अलावा बाहर भी मारे, जिसका फायदा साफ तौर पर मिन हियोक चो को मिला।
दुनिया के 511वें नंबर के खिलाड़ी रंजीत के पास एटीपी चार्ट में बिना रैंकिंग वाले कोरियाई खिलाड़ी का कोई जवाब नहीं था और उन्हें एक घंटे और 23 मिनट में शिकस्त का सामना करना पड़ा। भारतीय खिलाड़ी पूरे मैच के दौरान सिर्फ एक बार अपनी सर्विस बचा पाया, जबकि सिर्फ एक बार विरोधी की सर्विस तोड़ी।
मिन हियोक चोट ने अपने दमखम और बेहतर फिटनेस से विरोधी खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने मैच के दौरान नौ बार रंजीत की सर्विस तोड़ी और सिर्फ एक बार अपनी सर्विस गंवाई। डेविस कप में अपना पहला मैच खेल रहे रंजीत को आरके खन्ना स्टेडियम के हार्ड कोर्ट पर लय हासिल करने के लिए जूझना पड़ा।
भारतीय खिलाड़ी की सर्विस काफी कमजोर रही और पहले दो सेट में तो वह अपनी सर्विस पर एक भी गेम नहीं जीत पाए। उनके फोरहैंड और बैकहैंड शाट में लंबी रैलियों के लिए जरूरी दमखम नहीं था, जबकि उन्होंने अपने कई शॉट नेट पर उलझाने के अलावा बाहर भी मारे, जिसका फायदा साफ तौर पर मिन हियोक चो को मिला।
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