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तरनतारन: सोया चाप और मोमोज खाने से भाई-बहन की मौत! नीले पड़े थे दोनों के शव

Momos soya chaap poisoning: दो मासूम बच्चों के शव उनके बिस्तर पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिले. परिजन का दावा है कि बच्चों की मौत रात को फास्ट फूड (मोमोज और चाप) खाने की वजह से हुई है, लेकिन पुलिस इस थ्योरी को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पा रही है.

तरनतारन:  सोया चाप और मोमोज खाने से भाई-बहन की मौत! नीले पड़े थे दोनों के शव
Tarn Taran Momos soya chaap poisoning News (प्रतीकात्मक तस्वीर)
  • तरनतारन में भाई-बहन के शव संदिग्ध परिस्थितियों में बिस्तर पर मिले, परिजन फास्ट फूड को मौत का कारण मान रहे हैं
  • बच्चों ने रात को मोमोज और चाप खाए थे, जिनके बाद उल्टी हुई और सुबह उनकी मृत्यु हो गई थी
  • पुलिस फास्ट फूड से मौत की थ्योरी पर संदेह जता रही है और जांच में परिवार के सदस्यों पर शक कर रही है
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तरनतारन:

पंजाब के तरनतारन शहर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है. यहां रविवार सुबह दो मासूम बच्चों के शव उनके बिस्तर पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिले. परिजन का दावा है कि बच्चों की मौत रात को फास्ट फूड (मोमोज और चाप) खाने की वजह से हुई है, लेकिन पुलिस इस थ्योरी को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पा रही है और मामले की जांच अपनों के इर्द-गिर्द घूम रही है. जूस का काम करने वाले विशाल कुमार उर्फ टिंकू के दो बच्चे, दानिका (9 वर्ष) और आरब (6 वर्ष) शनिवार रात को बिल्कुल ठीक थे. पिता के अनुसार, बच्चों ने जिद करके रात को चाप और मोमोज मंगवाए थे. घर से मात्र 50 गज की दूरी पर स्थित एक फास्ट फूड रेहड़ी से ये खाने का सामाना खरीदा गया था.

परिजन का कहना है कि खाने के कुछ देर बाद बच्चों को उल्टी हुई, जिसके बाद उन्हें डॉक्टर से दवा दिलवाई गई. दवा लेने के बाद बच्चे सो गए, लेकिन रविवार सुबह जब उन्हें जगाने की कोशिश की गई, तो दोनों के शरीर नीले पड़ चुके थे और उनकी मौत हो चुकी थी. बच्चों के साथ उनकी मां नेहा ने भी थोड़ा सा खाना खाया था, लेकिन उसे कुछ नहीं हुआ. 

मृतक बच्चों की मां

मृतक बच्चों की मां

पुलिस को 'फूड पॉइजनिंग' की थ्योरी पर संदेह

शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नवदीप सिंह भट्टी के नेतृत्व में पुलिस टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके का मुआयना किया. पुलिस के मन में इस घटना को लेकर कई सवाल हैं. अगर खाने में जहर या संक्रमण था, तो उसी भोजन को खाने वाली मां नेहा की हालत स्थिर क्यों है? बच्चों के शव नीले पड़ना किसी गंभीर जहर या दम घुटने की ओर इशारा करता है. सूत्रों के अनुसार, पुलिस की जांच की सुई परिवार के ही कुछ सदस्यों की ओर घूम रही है. मोहल्ले में भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.

आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार

विशाल कुमार करीब 20 साल से इस गली में रह रहे हैं. उनकी पहली पत्नी से तलाक हो चुका है, जिससे उनका एक बड़ा बेटा निखिल है जो सिंगापुर में रहता है. करीब 11 साल पहले विशाल ने अमृतसर निवासी नेहा से दूसरी शादी की थी, जिनसे दानिका (तीसरी कक्षा) और आरब (पहली कक्षा) हुए थे. बताया जा रहा है कि फिलहाल विशाल का कारोबार मंदा चल रहा है और परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है. 

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस ने फास्ट फूड रेहड़ी के संचालक से भी पूछताछ की है. फिलहाल दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. सोमवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि मौत का असली कारण 'फूड पॉइजनिंग' है या कुछ और. अभी कुछ दिन पहले ही परिवार ने आरब का जन्मदिन मनाया था, और आज घर में मातम पसरा हुआ है.   

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