नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
- नीतीश ने विरोधी दलों और अपनी पार्टी के बागियों पर साधा निशाना
- जेडीयू की मजबूती पर कोई असर नहीं, हमारे साथी प्रतिबद्ध
- लालू प्रसाद यादव की भी नीतीश ने जमकर आलोचना की
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पटना:
जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले कुछ वक्त से जारी बिहार के सियासी तूफान को ऐसे शांत कर दिया मानो एक तेजतर्रार छात्र चुटकी बजाते हुए सवालों का जवाब दे देता है. नीतीश ने एक तरफ विरोधी दलों पर तंज कसते हुए उन्हें नसीहत दी, तो वहीं अपनी पार्टी के सदस्यों पर पुरजोर भरोसा भी जताया. उन्होंने कहा कि इक्के-दुक्के लोगों को छोड़कर जेडीयू के हर साथी में प्रतिबद्धता है, कोई पार्टी छोड़कर नहीं जा रहा है. नीतीश ने कहा, 11 तारीख को मीटिंग हो रही थी और बाहर निकलकर कह दिया कि चार दिन का अल्टीमेटम दे रहे हैं. अब आजकल कहां है, जरा बताइए तो. नीतीश ने हालांकि किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा रमई राम की ओर था. नीतीश ने कहा, कुछ लोगों की मानसिकता अलग हो सकती है. वे स्वतंत्र हैं जो चाहें करें, लेकिन पार्टी पर इससे कोई असर नहीं है.
यह भी पढ़ें: नीतीश कुमार ने शरद यादव को दी खुली चुनौती, 'हिम्मत है तो जेडीयू को तोड़ लें'
अपनी पार्टी की मजबूती का जिक्र करते हुए नीतीश ने कहा कि 71 विधायक, 30 एमएलसी, लोकसभा के दो सदस्य और बिहार से राज्यसभा के 9 सदस्य हैं. राज्यसभा के 9 में से 7 सदस्य एकजुट हैं. एक तो महान है, भाजपा के वोट पर हम पहुंचाए थे. वे लोग आज कैसी-कैसी बातें कर रहे हैं. इन्हीं बातों को लेकर नीतीश कुमार ने खुद को बेवकूफ कह डाला. नीतीश ने कहा, 'मेरे साथियों का आरोप है और मुझे कभी-कभी लगता है कि मैं सचमुच बेवकूफ हूं. अपनी भड़ास निकलते हुए उन्होंने कहा कि किस-किस को बना देते, एक बार नहीं दो-दो बार बना दिए और अब मुझे ही उपदेश दे रहे हैं. थोड़ी भी लज्जा नाम की चीज नहीं हैं. यहां पर नीतीश, सांसद अली अनवर का नाम लिए बिना उनका उपहास कर रहे थे.
निशाने पर शरद यादव और लालू
वहीं नीतीश ने पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव को कुछ नहीं कहते हुए भी बहुत कुछ कह डाला. उन्होंने शरद यादव को अपनी पार्टी के वरीय नेता के रूप में संबोधित किया और कहा कि वे स्वतंत्र हैं निर्णय लेने के लिए, जो चाहें करें. नीतीश ने महागठबंधन में 'बड़े भाई' और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर ताबड़तोड़ हमले करते हुए कहा कि मैंने बहुत बर्दाश्त किया था, लेकिन सहना मुश्किल हो रहा था.
VIDEO : आरजेडी तक जाता है शरद यादव का रास्ता: केसी त्यागी
नीतीश ने साफ किया कि उन्हें लालू की यह बातें अपमानजनक लगती थीं कि 'हमने नीतीश को बनाया, हमारी पार्टी बड़ी है.' नीतीश ने इस बैठक में ये भी माना कि जब महागठबंधन की सरकार थी और लालू यादव जब सार्वजनिक मंच से ये एहसास कराते थे की उन्होंने मुख्यमंत्री बनाया है, तब उन्हें ये काफी अपमानजनक लगता था.
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अपनी पार्टी की मजबूती का जिक्र करते हुए नीतीश ने कहा कि 71 विधायक, 30 एमएलसी, लोकसभा के दो सदस्य और बिहार से राज्यसभा के 9 सदस्य हैं. राज्यसभा के 9 में से 7 सदस्य एकजुट हैं. एक तो महान है, भाजपा के वोट पर हम पहुंचाए थे. वे लोग आज कैसी-कैसी बातें कर रहे हैं. इन्हीं बातों को लेकर नीतीश कुमार ने खुद को बेवकूफ कह डाला. नीतीश ने कहा, 'मेरे साथियों का आरोप है और मुझे कभी-कभी लगता है कि मैं सचमुच बेवकूफ हूं. अपनी भड़ास निकलते हुए उन्होंने कहा कि किस-किस को बना देते, एक बार नहीं दो-दो बार बना दिए और अब मुझे ही उपदेश दे रहे हैं. थोड़ी भी लज्जा नाम की चीज नहीं हैं. यहां पर नीतीश, सांसद अली अनवर का नाम लिए बिना उनका उपहास कर रहे थे.
निशाने पर शरद यादव और लालू
वहीं नीतीश ने पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव को कुछ नहीं कहते हुए भी बहुत कुछ कह डाला. उन्होंने शरद यादव को अपनी पार्टी के वरीय नेता के रूप में संबोधित किया और कहा कि वे स्वतंत्र हैं निर्णय लेने के लिए, जो चाहें करें. नीतीश ने महागठबंधन में 'बड़े भाई' और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर ताबड़तोड़ हमले करते हुए कहा कि मैंने बहुत बर्दाश्त किया था, लेकिन सहना मुश्किल हो रहा था.
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नीतीश ने साफ किया कि उन्हें लालू की यह बातें अपमानजनक लगती थीं कि 'हमने नीतीश को बनाया, हमारी पार्टी बड़ी है.' नीतीश ने इस बैठक में ये भी माना कि जब महागठबंधन की सरकार थी और लालू यादव जब सार्वजनिक मंच से ये एहसास कराते थे की उन्होंने मुख्यमंत्री बनाया है, तब उन्हें ये काफी अपमानजनक लगता था.
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