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This Article is From Aug 02, 2024

Explain: 46 सेकेंड में खत्म हुआ 'खूनी' मैच, महिला बॉक्सर का 'पुरुष' से सामना, जानें इस विवाद का दिल्ली कनेक्शन

अल्जीरियाई मुक्केबाज इमाने खलीफ ने पेरिस ओलंपिक में 66 किग्रा महिला मुक्केबाजी वर्ग में अपनी इतालवी प्रतिद्वंद्वी को महज 46 सेकंड में हराकर अगले दौर में जगह बनाई है, लेकिन इस मुकाबले के बाद विवाद हो गया है.

Explain: 46 सेकेंड में खत्म हुआ 'खूनी' मैच, महिला बॉक्सर का 'पुरुष' से सामना, जानें इस विवाद का दिल्ली कनेक्शन
Paris Olympics 2024: महिला बॉक्सर का पुरुष से 'सामना', 46 सेकेंड में खत्म हुआ मैच

अल्जीरियाई मुक्केबाज इमाने खलीफ ने पेरिस ओलंपिक में 66 किग्रा महिला मुक्केबाजी वर्ग में अपनी इतालवी प्रतिद्वंद्वी को महज 46 सेकंड में हराकर अगले दौर में जगह बनाई है, लेकिन इस मुकाबले के बाद विवाद हो गया है. इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी इस मैच से बिल्कुल भी खुश नहीं थी और उन्होंने कहा कि यह मुकाबला "समान स्तर पर नहीं रहा." बता दें, इमाने खलीफ पिछले साल लिंग पात्रता परीक्षा में असफल हो गए थे. ऐसे में कई इसे पुरुष बनाम महिला का मुकाबला कह रहे थे.

हैरी पॉटर की लेखिका जेके राउलिंग ने मैच के दौरान लैंगिक विवाद पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा,"स्पष्ट करिए कि क्यों आपको इस बात से कोई आपत्ति नहीं है कि कोई पुरुष आपके मनोरंजन के लिए किसी महिला को सार्वजनिक रूप से पीट रहा है."

इटालियन मुक्केबाज एंजेला कैरिनी काफी परेशान थी. पहले ही राउंड में 46 सेकेंड बाद मुकाबले से पीछे हटने के बाद वह रिंग के बीच में अपने घुटनों पर गिर गई और रोने लगी. वहीं मैच खत्म होने के बाद उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी खलीफ़ से हाथ भी नहीं मिलाया. एक मुक्केबाजी मुकाबला तीन राउंड का चलता है और हर राउंड तीन मिनट के होते हैं. अल्जीरियाई मुक्केबाज के दो जोरदार मुक्कों के बाद एंजेला कैरिनी ने केवल 46 सेकंड बाद ही मैच छोड़ने का फैसला लिया.

नाक पर चोट लगने और खून बहने के बाद इतालवी मुक्केबाज खड़ी नहीं हो पा रही थी. मैच के बाद कैरिनी ने कहा,"मेरी नाक में बहुत दर्द हो रहा है और मैंने कहा, 'रुको'. आगे न बढ़ना ही बेहतर है. पहली चोट से ही मेरी नाक से (खून) टपकना शुरू हो गया."

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वहीं इस मैच को लेकर इटली की प्रधानमंत्री ने कहा,"मुझे लगता है कि जिन एथलीटों में मेल जेनेटिक्स केरेक्टरस्टिक्स होते हैं, उन्हें महिलाओं की प्रतियोगिताओं में प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए. और इसलिए नहीं कि आप किसी के साथ भेदभाव करना चाहते हैं, बल्कि आप महिला एथलीटों के अधिकार की रक्षा करना चाहते हैं, ताकि दोनों एक समान शर्तों पर प्रतिस्पर्धा कर सके."

इटली की प्रधानमंत्री ने आगे कहा,"मैं कल भावुक हो गयी था जब उसने लिखा था 'मैं लड़ूंगी' क्योंकि समर्पण, दिमाग और चरित्र भी निश्चित रूप से इन चीजों में एक भूमिका निभाते हैं. लेकिन फिर, समान आधार पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम होना भी मायने रखता है और मेरे हिसाब से यह बराबरी का मुकाबला नहीं था."

क्या है पूरा विवाद

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने दो मुक्केबाजों को अनुमति दी, जो बीते साल दिल्ली में हुई विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए लिंग पात्रता परीक्षण में विफल रहे, उन्हें 2024 पेरिस ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करने के लिए योग्य बनाया गया.

पिछले साल, अल्जीरियाई मुक्केबाज को दिल्ली में महिला विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक मैच से कुछ घंटे पहले अयोग्य घोषित कर दिया गया था. अल्जीरियाई मीडिया ने बताया कि खलीफ को उनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन के उच्च स्तर के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था. ताइवान की डबल विश्व चैंपियन लिन यू-टिंग ने उसी प्रतियोगिता में अपना कांस्य पदक खो दिया क्योंकि वह भी मानदंडों को पूरा करने में विफल रहीं.

एमेच्योर बॉक्सिंग के अध्यक्ष उमर क्रेमलेव ने रूसी समाचार एजेंसी TASS को बताया,"दो मुक्केबाजों के डीएनए परीक्षणों से साबित हुआ कि उनके पास XY क्रोमोसोम हैं और इस प्रकार उन्हें बाहर कर दिया गया." XY पुरुष क्रोमोसोम हैं जबकि  XX महिलाओं के लिए है.

महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत रीम अलसलेम ने एक्स पर लिखा,"एंजेला कैरिनी ने सही ढंग से अपनी प्रवृत्ति का पालन किया और अपनी शारीरिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी, लेकिन उन्हें और अन्य महिला एथलीटों को उनके लिंग के आधार पर इस शारीरिक और मनोवैज्ञानिक हिंसा का सामना नहीं करना चाहिए था."

विश्व चैंपियनशिप का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (आईबीए) द्वारा किया गया था और वित्तीय पारदर्शिता के कारण इसे अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा मान्यता नहीं दी गई थी. आईओसी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ में पुरस्कार राशि का स्रोत स्पष्ट नहीं है और यही एक कारण है कि उन्होंने आईबीए की मान्यता वापस ले ली है. पेरिस ओलंपिक में मुक्केबाजी प्रतियोगिता का आयोजन पेरिस बॉक्सिंग यूनिट (पीबीयू) द्वारा किया जा रहा है, जो आईओसी के कार्यकारी बोर्ड की एक तदर्थ इकाई है.

आईओसी के प्रवक्ता, मार्क एडम्स ने कहा,"महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाली हर कोई प्रतियोगिता पात्रता नियमों का अनुपालन कर रही है. उनके पासपोर्ट में वे महिलाएं हैं और वहां लिखा है कि वे महिला हैं."

देशों ने अपने बॉक्सों का किया समर्थन

जैसा कि अपेक्षित था, अल्जीरियाई और ताइवानी मुक्केबाजों को अपने देशों के नेताओं से समर्थन मिला है. ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने कहा,"यू-टिंग के प्रदर्शन ने कई ताइवानी खिलाड़ियों को प्रेरित किया है और ताइवान के लोगों को एकजुट किया है. अब जब वह एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर हैं, तो हमें एकजुट होना चाहिए और उनके लिए चीयर करना चाहिए."

अल्जीरिया की ओलंपिक समिति ने इसे "कुछ विदेशी मीडिया द्वारा हमारे प्रतिष्ठित एथलीट इमाने खलीफ के खिलाफ निर्देशित दुर्भावनापूर्ण और अनैतिक हमला" कहा है.

आईबीए ने एक बयान में स्पष्ट किया कि खलीफ ने शुरू में आईबीए के फैसले के खिलाफ कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (सीएएस) में अपील की थी, लेकिन बाद में प्रक्रिया के दौरान इसे वापस ले लिया, जिससे उनका निर्णय कानूनी रूप से बाध्यकारी हो गया. हालांकि, लिन यू-टिंग ने निर्णय के खिलाफ अपील नहीं की और इस प्रकार इसे कानूनी रूप से बाध्यकारी बना दिया.

आईबीए ने इस मामले को लेकर कहा,"इन मामलों पर आईओसी के अलग-अलग नियम, जिसमें आईबीए शामिल नहीं है, प्रतिस्पर्धी निष्पक्षता और एथलीटों की सुरक्षा दोनों के बारे में गंभीर सवाल उठाते हैं. आईओसी प्रतिस्पर्धात्मक लाभ वाले एथलीटों को अपने आयोजनों में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति क्यों देता है, इस पर स्पष्टीकरण के लिए, हम इच्छुक पार्टियों से आग्रह करते हैं कि सीधे आईओसी से जवाब मांगें."

'स्पष्ट करें कि एक पुरुष द्वारा एक महिला को पीटने पर आपको आपत्ति क्यों है'

हैरी पॉटर की लेखिका जेके राउलिंग ने मैच के दौरान लैंगिक विवाद पर अपनी राय रखी और कहा,"समझाएं कि आपको इस बात से कोई आपत्ति नहीं है कि कोई पुरुष अपने मनोरंजन के लिए किसी महिला को सार्वजनिक रूप से पीट रहा है. यह खेल नहीं है. धमकाने वाले धोखेबाज़ से लेकर उन आयोजकों तक जिन्होंने ऐसा होने दिया, यह पुरुष महिलाओं पर अपनी शक्ति का आनंद ले रहे हैं."

आईओसी में सेफ स्पोर्ट यूनिट के प्रमुख किर्स्टी बरोज़ ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा,"पेरिस ओलंपिक 2024 इतिहास में किसी भी अन्य ओलंपिक या खेल आयोजन की तुलना में मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पहल का सबसे व्यापक पैकेज प्रदान करता है." किर्स्टी बरोज़ की टिप्पणियां मुक्केबाजी मैच की घटना से संबंधित नहीं थीं, लेकिन राउलिंग ने टिप्पणी की और कहा,"एक युवा महिला मुक्केबाज से वह सब कुछ छीन लिया गया है जिसके लिए उसने काम किया था और प्रशिक्षण लिया था क्योंकि आपने एक पुरुष को उसके साथ रिंग में आने की अनुमति दी थी. आप अपमानजनक हैं, आपकी 'सुरक्षा' एक मजाक है और कैरिनी के साथ हुए क्रूर अन्याय से पेरिस 24 हमेशा के लिए कलंकित हो जाएगा."

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