फाइल फोटो
नई दिल्ली:
सुप्रीम कोर्ट से आदर्श हाउसिंग सोसायिटी को राहत मिली है. कोर्ट ने सोसायिटी के तीन बैंक अकाउंट को फिर से शुरू करने का निर्देश दिया है. सोसायिटी अब 1.68 करोड़ रुपये निकाल सकती है और इसके लिए सोसायिटी को अचल संपत्ति की गारंटी देनी होगी. आपको बता दें कि सीबीआई ने ये खाते फ्रीज किए थे और सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने इन खातों को फिर से शुरू करने का विरोध किया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अकाउंट डीफ्रीज करने से मामले में मनी ट्रेल प्रभावित नहीं होगी. सोसायिटी का कहना था कि अकाउंट में सदस्यों ने मुकदमा लड़ने के लिए पैसा इकट्ठा किए थे, ये कोई बेनामी नही हैं.
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आपको बता दें कि आदर्श हाउसिंग सोसायिटी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनोती दी थी जिसमें कोर्ट ने सोसायिटी के बैंक एकाउंट को डिफ़्रीज करने से इनकार कर दिया था. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आदर्श हाउसिंग सोसायिटी को एक नया बैंक एकाउंट खोलने के आदेश दिए थे ऐसे में सोसायिटी की याचिका में कोई आधार नजर नही आता.
वीडियो : आदर्श सोसायिटी घोटाला में पूर्व सीएम बरी
वहीं इस मामले में सीबीआई की तरफ से कहा गया था कि सोसायिटी के एकाउंट में जो रकम जमा है उसमें से कुछ बेनामी ट्रान्जेक्शन हो सकते हैं ऐसे में सोसायिटी की याचिका ख़ारिज की जानी चाहिए. ऐसी ही एक याचिका को सितंबर 2015 में सीबीआई की विशेष अदालत ने खारिज कर दिया था.
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वहीं इस मामले में सीबीआई की तरफ से कहा गया था कि सोसायिटी के एकाउंट में जो रकम जमा है उसमें से कुछ बेनामी ट्रान्जेक्शन हो सकते हैं ऐसे में सोसायिटी की याचिका ख़ारिज की जानी चाहिए. ऐसी ही एक याचिका को सितंबर 2015 में सीबीआई की विशेष अदालत ने खारिज कर दिया था.
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