प्रतीकात्मक तस्वीर
लखनऊ:
उत्तर प्रदेश सरकार ने पेंशनधारकों को जीवित होने का प्रमाणपत्र संबंधित जनपदों के कोषागारों को 15 दिसंबर, 2015 तक उपलब्ध कराने की तिथि निर्धारित कर दी है।
पेंशनधारकों की सुविधा के लिए निर्धारित जीवित होने का निर्धारित प्रमाणपत्र प्रारूप नि:शुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
पेंशनधारकों को किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर संबंधित जनपद के कोषाधिकारी से संपर्क करने तथा उनकी समस्याओं को निस्तारित कराने की मजबूत व्यवस्था की गई है। पेंशनधारक कोषागार से निर्धारित प्रारूप नि:शुल्क प्राप्त कर सकते हैं।
शासन द्वारा पेंशनधारकों की कठिनाइयों को संज्ञान में लेते हुए उन्हें जीवित होने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के बाद उनके बैंक खातों में सीधे धनराशि भेजने की सुदृढ़ एवं पारदर्शी व्यवस्था की गई है।
पेंशनधारकों की सुविधा के लिए निर्धारित जीवित होने का निर्धारित प्रमाणपत्र प्रारूप नि:शुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
पेंशनधारकों को किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर संबंधित जनपद के कोषाधिकारी से संपर्क करने तथा उनकी समस्याओं को निस्तारित कराने की मजबूत व्यवस्था की गई है। पेंशनधारक कोषागार से निर्धारित प्रारूप नि:शुल्क प्राप्त कर सकते हैं।
शासन द्वारा पेंशनधारकों की कठिनाइयों को संज्ञान में लेते हुए उन्हें जीवित होने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के बाद उनके बैंक खातों में सीधे धनराशि भेजने की सुदृढ़ एवं पारदर्शी व्यवस्था की गई है।
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