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This Article is From Jul 03, 2016

लखनऊ : कानपुर की 4 लड़कियों ने विधानसभा के सामने की आत्मदाह की कोशिश, जानें क्यों...

लखनऊ : कानपुर की 4 लड़कियों ने विधानसभा के सामने की आत्मदाह की कोशिश, जानें क्यों...
प्रतीकात्मक तस्वीर
लखनऊ: खाकी का एक और शर्मनाक चेहरा सामने आया है। इस बार उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की चार लड़कियों ने पुलिस पर 25 फर्जी अपराधिक मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया है। पीड़ित लड़कियों का कहना है उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है, इसलिए वे जान देने यहां आईं।

पीड़ित लड़कियां एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) दलजीत चौधरी से भी मिलीं, लेकिन उनके निर्देश के बाद भी स्थानीय पुलिस कुछ नहीं कर रही है। आरोप है कि पुलिस डीडीपी से मिलने नहीं दे रही है।

पीड़ित लड़कियों का कहना है कि उनके बूढ़े माता-पिता गम में मरने के कगार पर पहुंच गए हैं, इसलिए उन्होंने अपनी जान देने की सोची और राजधानी आ पहुंचीं। वे आत्मदाह की कोशिश कर रही थीं, मगर लोगों ने उन्हें बचा लिया।

पीड़ित रंजना पांडेय व रचना त्रिपाठी ने बताया कि उनकी दो छोटी बहनें रचना और अंजली हैं। माता-पिता बूढ़े हैं। बहनों की शादी करनी है, लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ 25 अपराधिक मुकदमे दर्ज कर रखे हैं।

पीड़ित लड़कियों की कहानी
पीड़िताओं ने बताया वे कानपुर बर्रा-8 में रहने वाले सुमित अवस्थी की बहनें हैं। पीड़िताओं कहना है कि कानपुर नगर स्थित बायोमास रिसर्च एंड टेक्निकल सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से उनके भाई ने मुर्गी पालन के लिए जो दाना (सप्लीमेंट) दिया जाता है, उसकी कंपनी खोली थी।

इसी कंपनी में उनका भाई पहले एजेंट था। इस नाम से कृष्णा टावर सिविल लाइन में अजय कुमार की कंपनी है। कंपनी माल की ट्रेडिंग कर मुर्गी का दाना व्यापारियों को सप्लाई करती है। इस काम में लागत निकालकर दस गुना बचत होती है।

अरोप है कि व्यापारिक रंजिश के चलते अजय ने अपने गुर्गों के साथ 24 नवंबर, 2014 को उनके घर पर धावा बोलकर उनके पिता से चार लाख का चेक लेकर अपहरण कर लिया था।

पीड़िता ने बताया इसके बाद से अजय ने धनबल के दम पर सुमित के खिलाफ 18 अपराधिक मुकदमें दर्ज करवा दिए। आरोप है कि दबंग ने उनकी बहनों, भाई और माता-पिता समेत रिश्तेदारों पर भी दर्जनों मुकदमे दर्ज कर दिए।

एडीजी से भी मिलीं, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही
इस बारे में सभी एडीजी कानून एवं व्यवस्था दलजीत चौधरी से भी मिलीं। उन्होंने कानपुर के पुलिस अधीक्षक को फोन कर मामले की जांच करने को कहा, लेकिन पुलिस अधिकारी जांच करने के बजाय लड़कियों को जेल भेजने पर तुले हैं।

पीड़ित लड़कियां शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे विधानसभा के सामने पहुंचीं और जान देने की कोशिश की। पीड़िताओं ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़िताओं ने बताया पहले तो पुलिस ने जांच की तब मुकदमे नहीं लिखे गए थे। लेकिन दबंगों ने ज्यादातर मुकदमें न्यायालय से लिखवाए हैं। पीड़िताओं के भाइयों को पुलिस ने जेल में डाल रखा है। दबंग अब जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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