विज्ञापन
This Article is From Apr 06, 2019

लोकसभा चुनाव : क्या मायावती बन पाएंगी इस बार देश की पहली दलित प्रधानमंत्री?

पिछले लोकसभा चुनाव में बीएसपी का वोट शेयर 4.19 प्रतिशत था वहीं साल 2009 के लोकसभा चुनाव में 6.17 प्रतिशत था. इस चुनाव में बीएसपी ने 500 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 21 सीटों पर जीत दर्ज की थी.

लोकसभा चुनाव : क्या मायावती बन पाएंगी इस बार देश की पहली दलित प्रधानमंत्री?
बीएसपी सुप्रीमो मायावती ( फाइल फोटो )
  • लगातार गिर रहा है बीएसपी वोट प्रतिशत
  • 2014 में नहीं मिली थी एक भी सीट
  • विधानसभा चुनाव में भी लचर प्रदर्शन
लखनऊ:

बीएसपी सुप्रीमो मायावती  खुद को पीएम पद का उम्मीदवार मानती हैं. उनका कहना है कि अगर केंद्र में सरकार चलाने का मौका मिला तो वह उत्तर प्रदेश की तर्ज पर देश का विकास करेंगी. यह बात उन्होंने विशाखापत्तनम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही है. लेकिन इन सब के बीच एक बात जानकर हैरानी होगी की अब पहले चरण का मतदान होने में सिर्फ 5 ही दिन बचे हैं और उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रहीं मायावती की एक भी रैली राज्य में नहीं हुई हैं. माना जाता है कि उत्तर प्रदेश के ही रास्ते से प्रधानमंत्री की कुर्सी तक का सफर पूरा होता है. उन्होंने अब तक चार रैलियों को संबोधित किया है जिनमें ओडिशा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना हैं. वहीं आगे जो उनकी रैलियों का कार्यक्रम है उनमें उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक केरल और तमिलनाडु शामिल हैं.   बीएसपी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मायावती चुनाव के बाद खुद को बड़ी भूमिका में देख रही हैं और खुद को पीएम पद की सबसे प्रबल दावेदारा मानती हैं. विशाखापत्तनम में जब उनसे पीएम पद को लेकर सवाल पूछा गया तो उनका कहना था कि यह उनके लिए कोई नहीं बात नहीं है. उन्होंने कहा, 'मैं चार बार मुख्यमंत्री रही हूं. मेरे पास बहुमत है. जब चुनाव के नतीजे आएंगे तो देखा जाएगा'. एक तरह देखा जाए तो यह पहला मौका है जब मायावती जब उन्होंने प्रधानमंत्री की कुर्सी के लिए खुद की इच्छा जारी की है या फिर यह कह लें कि उत्तर प्रदेश से बाहर वह सीटों के लिए लड़ रही हैं. यह भी ध्यान देने वाली बात है कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी ने 503 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे और उत्तर प्रदेश तक में वह एक भी सीट नहीं जीत पाई थी. 

मोदी को भारत बताकर बीजेपी वाले कांग्रेस जैसी गलती कर रहे हैं : मायावती

पिछले लोकसभा चुनाव में बीएसपी का वोट शेयर 4.19 प्रतिशत था वहीं साल 2009 के लोकसभा चुनाव में 6.17 प्रतिशत था. इस चुनाव में बीएसपी ने 500 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 21 सीटों पर जीत दर्ज की थी. जिसमें 20 उत्तर प्रदेश थीं जबकि एक सीट मध्य प्रदेश से थी. इससे पहले सिर्फ 1996 के लोकसभा चुनाव में ही बीएसपी को उत्तर प्रदेश से बाहर सीटें मिली थी. जिसमें पंजाब से तीन, मध्य प्रदेश से दो जबकि उत्तर प्रदेश से 6 सीटें मिली थीं. कभी पार्टी के लिए गढ़ रहे उत्तर प्रदेश में हालत लगातार बिगड़ती जा रही है. साल 2009 के चुनाव में जहां 27.42 प्रतिशत वोटों के साथ बीएसपी को 20 सीटें मिली थीं वहीं साल 2014 के लोकसभा चुनाव में उसे 19.82 वोट मिले और एक भी सीट नहीं जीत पाई. आपको जानकारी हैरानी होगी कि 17 आरक्षित सीटो में 6 पर बीएसपी तीसरे नंबर पर रही थी. वहीं साल 2017 के विधानसभा चुनाव में मात्र 19 ही सीट जीत पाई थी. उसके खाते में 22 फीसदी वोट आए थे.

बॉलीवुड एक्टर ने किया Tweet लिखा- इन दो महिलाओं की वजह से दोबारा पीएम बनेंगे मोदी जी

इस बार मायावती ने अखिलेश, आंध प्रदेश में पवन कल्याण की जन सेना और छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी के साथ गठबंधन किया है. मायावती के प्रधानमंत्री बनने की इच्छा का सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सम्मान किया है. उन्होंने कहा, 'उत्तर प्रदेश ने कई प्रधानमंत्री दिए हैं मुझे खुशी होगी अगर राज्य से कोई प्रधानमंत्री बनता है.' गठबंधन के साथ ही भले ही उनका समर्थन करें, लेकिन मायावती को पहले अपनी ही पार्टी के वोटबैंक को सुधारना होगा. 

मायावती ने मेरे फोन का नहीं दिया जवाब - चंद्रशेखर​

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Lok Sabha Election 2019, Lok Sabha Polls 2019, Mayawati
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com