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लोगों के सामने बच्चा जिद करे तो क्या करें? Parenting Expert ने बताया चिड़चिड़े बच्चे को संभालने का सही तरीका

पीडियाट्रिशियन पार्थ सोनी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में उन्होंने बताया है कि अगर बच्चा जिद करता है या खासकर घर से बाहर जाने पर अपनी बात मनवाने के लिए टेंट्रम दिखाता है, तो इस कंडीशन में पेरेंट्स को क्या करना चाहिए-

लोगों के सामने बच्चा जिद करे तो क्या करें? Parenting Expert ने बताया चिड़चिड़े बच्चे को संभालने का सही तरीका
जिद्दी बच्चे को कैसे समझाएं?
(Photo Credit: NDTV)

छोटे बच्चे का जिद करना बहुत आम बात है. लेकिन कई बार बच्चा इतना जिद्दी और चिड़चिड़ा हो जाता है कि उसे संभालना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. आप बच्चे को लेकर कहीं बाहर जाते हैं और बच्चा कोई सामान खरीदने की जिद करने लगता है. ऐसे में माता-पिता को समझ नहीं आता है कि बच्चे को हैंडल कैसे किया जाए. इसी को लेकर पीडियाट्रिशियन पार्थ सोनी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. आइए जानते हैं एक्सपर्ट की राय-

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

वीडियो में पीडियाट्रिशियन बताते हैं, बच्चा जिद करे या चिल्लाने लगे तो 90 प्रतिशत माता पिता दो गलती कर बैठते हैं. कई पैरेंट्स आसपास के लोगों की बातों के बारे में सोचकर बच्चे की मांग पूरी कर देते हैं, तो कुछ बच्चे को डांटने या पीटने लगते हैं. जबकि ये दोनों ही तरीके ठीक नहीं हैं.

पीडियाट्रिशियन कहते हैं, अगर आप बच्चे के चिल्लाने या टेंट्रम दिखाने पर उसकी जिद पूरी करते हैं, तो बच्चा अगली बार फिर ऐसा ही करेगा. उसके दिमाग में ये बात बैठ सकती है कि अगर वह रोएगा, चिल्लाएगा या तमाशा करेगा, तो उसे अपनी पसंद की चीज मिल जाएगी. ऐसे में बच्चा और ज्यादा जिद करेगा या टेंट्रम दिखाने लगेगा. वहीं, डांटने या मारने से भी परेशानी ठीक नहीं होगी. ऐसा करने से बच्चे के दिमाग में ये बात बैठ सकती है कि हर चीज का सॉल्यूशन मारना है. ऐसे में बच्चे के जिद करने पर उसकी जिद को पूरा न करें और न ही बच्चे को डांट लगाएं.

फिर क्या करना है सही?

पार्थ सोनी के मुताबिक, अगर बच्चा किसी स्टोर में जमीन पर बैठकर जिद कर रहा है, तो माता-पिता को उस समय लोगों क्या कहेंगे, इस बात पर ध्यान नहीं देना चाहिए न ही बच्चे से बहस करनी चाहिए. बिना किसी बार्गेनिंग के बच्चे को शांत तरीके से वहां से उठाएं और घर ले आएं. जरूरत पड़ने पर अगर शॉपिंग बीच में छोड़नी पड़े, तो छोड़ दें. उस स्थिति में बच्चे को यह समझाना जरूरी है कि टैंट्रम करने के बाद उसकी मांग पूरी नहीं होगी, बल्कि उसे उस जगह से बाहर जाना पड़ेगा.

घर पर शांति से समझाएं अपनी बात

जब बच्चा शांत हो जाए, तब उसे साफ शब्दों में समझाएं कि स्टोर में जिस तरह उसने जमीन पर बैठकर जिद की, उसी वजह से आपको अपनी ग्रॉसरी शॉपिंग छोड़कर घर आना पड़ा. हो सकता है कि बच्चा शुरुआत में एक-दो बार फिर ऐसा करे. लेकिन धीरे-धीरे बच्चा इस आदत को खुद छोड़ देगा.

पीडियाट्रिशियन पेरेंट्स को सलाह देते हुए कहते हैं, पैरेंटिंग में सबसे जरूरी चीज है कंसिस्टेंसी यानी अपने नियमों पर कायम रहना. घर पर छोटे-छोटे नियम बनाएं और अपने उन नियमों पर कायम रहें. बच्चे को समझाएं कि ये निमय ऐसे ही रहने वाले हैं फिर चाहे वो घर के अंदर हों या बाहर. इस तरह बच्चे से प्यार से बात करने और कंसिस्टेंसी से आप उसकी जिद और टैंट्रम को शांत कर सकते हैं. इससे बच्चा आपकी बातों को समझेगा और खुद भी चीजों को बेहतर करने की कोशिश करेगा.

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