हर पिता चाहता है कि उनकी बेटी हमेशा खुश रहे. समाज में अपना अच्छा नाम करे और खूब आगे बढ़े. इसके लिए वे अपनी लाडली को अच्छे से अच्छे स्कूल भेजते हैं और उसकी हर जरूरत का ध्यान रखने की कोशिश करते हैं. लेकिन बेटी की अच्छी परवरिश के लिए सिर्फ उसे अच्छे स्कूल भेजना या अच्छे नंबर लाने तक ही सीमित नहीं है. इसके साथ प्यार, भरोसे और आत्मविश्वास की भी जरूरत होती है. वहीं, इन सभी चीजों में पिता की भूमिका बहुत खास होती है. इसी कड़ी में 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में दिव्या मित्तल ने बेटियों के पिता को खास सलाह दी है. आइए जानते हैं इस बारे में-
क्या कहती हैं दिव्या मित्तल?
वीडियो में दिव्या कहती हैं, मां का प्यार अक्सर रोज की छोटी-छोटी चीजों में दिखाई देता है. बेटी के लिए खाना बनाना, उसकी पसंद का ध्यान रखना और उसकी छोटी-छोटी बातें सुनना, ये सब हर मां रोज ही करती है. लेकिन पिता का प्यार कई बार दिखाई नहीं देता है. ऐसे में पिता को अपनी बेटी से कुछ बातें खुलकर कहनी चाहिए. अगर आप भी बेटी के पिता हैं तो ये 3 काम जरूर करें.
नंबर 1- बेटी से उसके सपनों के बारे में बात करेंदिव्या मित्तल सलाह देती हैं कि हर पिता को अपनी बेटी से उसके सपनों के बारे में खुलकर बात करनी चाहिए. पढ़ाई कैसी चल रही है, कितने नंबर आए या परीक्षा की तैयारी कैसी है, ये बातें जरूरी हैं लेकिन इसके साथ बेटी से उसके सपनों के बारे में भी बात करें. उससे पूछें कि वह बड़ी होकर क्या करना चाहती है? उसे कौन सा काम पसंद है? वह अपनी जिंदगी में क्या हासिल करना चाहती है?
जरूरी नहीं कि उसका सपना आपको सही या आसान लगे. हो सकता है उसे ऐसा कुछ करना हो, जो आपको मुश्किल या थोड़ा अजीब लगे लेकिन फिर भी उसकी बात पूरी सुनें. इससे बेटी को लगेगा कि उसके सपने भी जरूरी हैं. फिर वह उन सपनों को पूरा करने की कोशिश कर पाएगी.
नंबर 2- छोटे-छोटे फैसलों में बेटी की राय लेंघर के छोटे-छोटे फैसलों में बेटी की राय भी जरूर लें. जैसे किसी त्योहार पर क्या खरीदना चाहिए, घर में क्या खाना बनाना है या किसी खास दिन के लिए क्या तैयारी करनी है. दिव्या कहती हैं, ये बात सुनने में छोटी लग सकती है, लेकिन इससे बेटी में अपनी बात कहने का भरोसा बढ़ता है. आगे चलकर उसे पढ़ाई, नौकरी, करियर और जिंदगी से जुड़े कई बड़े फैसले खुद लेने होंगे. ऐसे में अगर बचपन से ही उसे अपनी बात रखने की आदत होगी तो वह आगे चलकर बड़े फैसलों के समय भी डर या झिझकेगी नहीं.
नंबर 3- बेटी को बताएं कि आपको उस पर भरोसा हैदिव्या मित्तल कहती हैं, कई पिता बेटी से बहुत प्यार करते हैं, लेकिन यह बात खुलकर नहीं कहते. अपनी बेटी को बताएं कि आपको उसपर पूरा भरोसा है. इससे बेटी में कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और वो हर काम को करने की हिम्मत दिखा पाएगी. पिता की कही हुई ऐसी बातें बेटी को लंबे समय तक याद रहती हैं. आपका भरोसा उसे मुश्किल समय में हिम्मत दे सकता है.
दिव्या मित्तल कहती हैं, जब बेटी को घर में अपनी बात कहने की आजादी मिलती है, अपने सपनों के लिए परिवार का साथ मिलता है और पिता का भरोसा मिलता है, तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है. यही आत्मविश्वास आगे चलकर उसे अपने फैसले लेने और जिंदगी में आगे बढ़ने में मदद करता है.
यहां देखें वीडियो-
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