बच्चों को खिलौने बहुत पसंद होते हैं. लेकिन इनसे बच्चे बस थोड़ी देर खेलते हैं और फिर रख देते हैं. ऐसे में आप चाहें तो अपने बच्चों के लिए कुछ ऐसे खिलौने ला सकते हैं, जो खेल-खेल में उनके काम भी आएं. फेमस पीडियाट्रिशियन निमिशा अरोड़ा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में उन्होंने 12 महीने तक के बच्चों के लिए 5 ऐसे ही खिलौने बताए हैं, जो बच्चे की ग्रोथ और डेवलपमेंट में मदद कर सकते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में-
नंबर 1- ब्लैक एंड व्हाइट फ्लैश कार्ड
पीडियाट्रिशियन बताती हैं, छोटे बच्चों की आंखों की रोशनी जन्म के बाद धीरे-धीरे विकसित होती है. खासकर 2 से 3 महीने तक के बच्चों को तेज और साफ रंगों वाली चीजें ज्यादा आसानी से दिखाई देती हैं. ऐसे में ब्लैक एंड व्हाइट फ्लैश कार्ड बच्चे के लिए अच्छे हो सकते हैं. इन कार्ड पर बनी काली और सफेद तस्वीरें बच्चे का ध्यान खींचती हैं. इन्हें कुछ समय के लिए बच्चे के सामने दिखाने से उसे चीजों को देखने और पहचानने की आदत बनने में मदद मिल सकती है. ऐसे में आप अपने बच्चे के लिए इस तरह के फ्लैश कार्ड्स ला सकते हैं.
नंबर 2- अलग-अलग टेक्सचर वाले टीथर्सलगभग 3 से 4 महीने की उम्र में बच्चे चीजों को मुंह में डालकर उन्हें समझने लगते हैं. इसे मौथिंग स्टेज कहा जाता है. इस समय बच्चा खिलौने को हाथ से पकड़कर मुंह तक ले जाता है. ऐसे में आप अपने बच्चे के लिए अलग-अलग टेक्सचर वाले टीथर्स ला सकते हैं. पीडियाट्रिशियन कहती हैं, अलग-अलग सतह वाले टीथर्स बच्चे को चीजों को पकड़ने और छूकर महसूस करने का मौका देते हैं. इससे हाथ और मुंह के बीच तालमेल बनाने में मदद मिलती है.
नंबर 3- स्टैकिंग कप्स या रिंग्स6 से 9 महीने की उम्र में बच्चा चीजों को एक के ऊपर एक रखना और फिर उन्हें हटाना सीखने लगता है. इस उम्र में आप अपने बच्चे को स्टैकिंग कप्स या रिंग्स लाकर दे सकते हैं. बच्चा कप या रिंग को उठाता है, एक के ऊपर दूसरा रखता है और फिर गिरा देता है. इस छोटे से खेल में बच्चा ये समझने लगता है कि उसके काम से क्या होता है. इससे बच्चे की सोचने की क्षमता को बढ़ावा मिल सकता है.
नंबर 4- क्रिंकल बुक्स और कपड़े वाली किताबेंछोटे बच्चों को ऐसी किताबें पसंद आती हैं जिनमें अलग-अलग आवाज और रंग होते हैं. ऐसे में आप अपने बच्चे को क्रिंकल बुक्स लाकर दे सकते हैं. डॉक्टर अरोड़ा बताती हैं, इस तरह की किताबें दबाने या छूने पर आवाज करती हैं. वहीं, कपड़े वाली किताबों में अलग-अलग टेक्सचर और रंग होते हैं. इन किताबों से बच्चा आवाज, रंग और चीजों को छूकर समझने की कोशिश करता है. माता-पिता बच्चे के साथ बैठकर उन्हें इस तरह की किताबें दिखाएं और तस्वीरों के बारे में बात करें, इससे बच्चा नई चीजें सीखेगा और आप भी उसके साथ अच्छा क्वालिटी टाइम बिता पाएंगे.
नंबर 5- सॉफ्ट बॉल और पुश-पुल खिलौनेइन सब से अलग पीडियाट्रिशियन बताती हैं, 9 से 12 महीने की उम्र में बच्चे रेंगना, बैठना और खड़े होना सीखने लगते हैं. इस समय सॉफ्ट बॉल और पुश-पुल वाले खिलौने बच्चे के लिए काम के हो सकते हैं. बच्चा गेंद को पकड़ने, उसे आगे करने या उसके पीछे जाने की कोशिश करता है. इससे उसके हाथ-पैर की मूवमेंट और मोटर डेवलपमेंट को सपोर्ट मिल सकता है.
इस तरह आप अपने बच्चे की उम्र के हिसाब से उसके लिए काम के खिलौने ला सकते हैं. इनसे बच्चा खेल भी पाएगा और नई चीजें भी सीख पाएगा.
यह भी पढ़ें- गुलदस्ते के फूलों को ज्यादा दिनों तक फ्रेश कैसे रखें? पानी में मिला दें ये 2 चीजें, जल्दी नहीं मुरझाएंगे फूल
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं