आजकल शार्प और स्कल्प्टेड जॉलाइन पाने का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. इसके लिए लोग फेस कॉन्टूरिंग, फेशियल मसाज, गुआ शा और तरह-तरह की फेस एक्सरसाइज करते हैं. हालांकि, हर बार जॉलाइन का कम दिखना सिर्फ जबड़े की समस्या नहीं होता. कई लोगों में इसकी असली वजह ठोड़ी यानी चिन की बनावट और उसका आगे की ओर प्रोजेक्शन हो सकता है. ठोड़ी चेहरे के निचले हिस्से को बैलेंस देने में अहम भूमिका निभाती है. अगर, चिन थोड़ी पीछे हो, तो जॉलाइन और गर्दन का हिस्सा भी कम शार्प दिखाई दे सकता है. चलिए आपको बताते हैं चिन और जॉलाइन का आपस में क्या संबंध है.
चिन और जॉलाइन में क्या अंतर है?
अक्सर, लोग चिन और जॉलाइन को एक ही मान लेते हैं, लेकिन दोनों अलग-अलग होते हैं. जॉलाइन हमारे निचले जबड़े यानी मेंडिबल के किनारे को कहा जाता है, जबकि चिन चेहरे के निचले हिस्से के बीच में स्थित होती है. टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एस्थेटिक एक्सपर्ट डॉ. देबराज शोम ने बताया कि हर कमजोर या कम दिखने वाली जॉलाइन की समस्या जबड़े से जुड़ी नहीं होती. कई मामलों में चिन का पर्याप्त रूप से आगे न होना चेहरे की प्रोफाइल को प्रभावित कर सकता है. ठोड़ी में छोटा सा बदलाव भी जॉलाइन, गर्दन और पूरे चेहरे का लुक बदल सकता है.
छोटी या पीछे की चिन से जॉलाइन क्यों लग सकती है सॉफ्ट?
अगर, ठोड़ी पीछे की ओर हो या कम उभरी हुई हो, तो साइड प्रोफाइल में चेहरे का निचला हिस्सा छोटा या कम एंगुलर दिखाई दे सकता है. इसके कारण जॉलाइन उतनी शार्प नजर नहीं आती और ठोड़ी के नीचे का हिस्सा भी कम डिफाइंड लग सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि किसी व्यक्ति का चेहरा खराब दिखता है. हर व्यक्ति के चेहरे की बनावट और अनुपात अलग होते हैं और कोई एक परफेक्ट चिन या जॉलाइन नहीं होती.
क्या फेस एक्सरसाइज से आगे आ सकती है ठोड़ी?
सोशल मीडिया पर कई तरह की फेस योग और जॉलाइन एक्सरसाइज वायरल होते रहती हैं. ये चेहरे की मांसपेशियों को कुछ हद तक प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन हड्डियों की संरचना को नहीं बदल सकती. इसी तरह लगातार च्युइंग गम चबाने से भी चिन आगे नहीं आ जाती. अगर समस्या चेहरे की हड्डियों और चिन की संरचना से जुड़ी है, तो मसाज, क्रीम या एक्सरसाइज से ठोड़ी को आगे लाना संभव नहीं है.
क्या फिलर्स से मिल सकती है बेहतर जॉलाइन?
कुछ लोगों में हल्की या कम चिन रिट्रूजन होने पर नॉन-सर्जिकल चिन फिलर्स से चेहरे के निचले हिस्से का बैलेंस बेहतर किया जा सकता है. इससे जॉलाइन भी अधिक डिफाइंड दिखाई दे सकती है, लेकिन फिलर्स हर व्यक्ति के लिए सही विकल्प नहीं हैं. इसके लिए सही जांच, चेहरे की बनावट की समझ और एक्सपर्ट की सलाह जरूरी है. कुछ मामलों में चिन में सुधार करने से वही शार्प जॉलाइन मिल सकती है, जिसके लिए लोग लंबे समय से कॉन्टूरिंग और दूसरे ब्यूटी ट्रिक्स आजमा रहे होते हैं.
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