Dark Circles: हर कोई चाहता है कि उसकी स्किन हमेशा ग्लोइंग और दाग-धब्बे रहित बनी रहे. लेकिन खराब लाइफस्टाइल, अधूरी नींद और अन्य कारणों से स्किन पर झुर्रियां, फाइन लाइन्स, पिंपल्स और एक्ने आना शुरू हो जाते हैं. ऐसी ही एक बड़ी समस्या है डार्क सर्कल. इसे अक्सर कम नींद और देर रात तक जागने से जोड़कर देखा जाता है. इसलिए जब कोई व्यक्ति रोजाना पर्याप्त नींद लेने के बावजूद आंखों के नीचे काले घेरे देखता है, तो उसके लिए ये समझना मुश्किल जाता है कि आखिर डार्क सर्कल आ क्यों रहे हैं. असल में सच ये है कि आंखों के नीचे की स्किन का डार्क दिखना कई अलग-अलग कारणों से जुड़ा हो सकता है और हर बार इसका कनेक्शन नींद से नहीं होता. इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि भरपूर नींद के बावजूद भी डार्क सर्कल क्यों आते हैं और इनसे छुटकारा पाने के लिए स्किनकेयर रुटीन में क्या-क्या शामिल करना चाहिए. इसकी जानकारी डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. नेहा सचदे ने दी है.
जेनेटिक्स भी हो सकती है वजह
डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार अगर माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्यों को लंबे समय से डार्क सर्कल्स हैं, तो यह एक जेनेटिक टेंडेंसी भी हो सकती है. ऐसे मामलों में केवल ज्यादा सोने से डार्क सर्कल पूरी तरह खत्म होना जरूरी नहीं है.

आंखों के नीचे की पतली त्वचा
एक्सपर्ट के अनुसार आंखों के आसपास की त्वचा चेहरे के दूसरे हिस्सों की तुलना में काफी नाजुक और पतली होती है. उम्र बढ़ने के साथ कोलेजन और स्किन इलास्टिसिटी में कमी आ सकती है, जिससे नीचे की ब्लड वैसेल्स ज्यादा दिखाई देने लगती हैं. इससे आंखों के नीचे का हिस्सा गहरा नजर आ सकता है.
एलर्जी और आंखों को बार-बार रगड़ना
नाक बंद रहना, छींक आना या आंखों में खुजली जैसी एलर्जी की समस्या भी आंखों के आसपास की अपीयरेंस को प्रभावित कर सकती है. एलर्जी के दौरान आंखों को बार-बार रगड़ने से इरिटेशन और पिगमेंटेशन बढ़ सकती है. इसलिए अगर डार्क सर्कल्स के साथ लगातार आंखों में खुजली या पानी आने की समस्या है, तो केवल स्किनकेयर प्रोडक्ट्स पर निर्भर रहने की जगह इसकी वजह समझना जरूरी है.

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धूप का असर
सूरज की UV किरणें स्किन में पिगमेंटेशन को बढ़ा सकती हैं और आंखों के आसपास का हिस्सा भी इससे प्रभावित होता है. इसलिए सनस्क्रीन को केवल चेहरे के बाकी हिस्सों तक सीमित रखना सही नहीं है. आंखों के आसपास सनस्क्रीन लगाते समय सावधानी रखें और जरूरत के अनुसार सनग्लासेस का इस्तेमाल भी करें.
डिहाइड्रेशन और लाइफस्टाइल
कम पानी पीना, लगातार तनाव, असंतुलित खान-पान और लंबे समय तक स्क्रीन देखने जैसी लाइफस्टाइल की आदतें भी आंखों के आसपास की त्वचा को डार्क बना देते हैं. हालांकि इन्हें हर डार्क सर्कल का सीधा कारण नहीं माना जा सकता, लेकिन इनका असर जरूर पड़ता है.
डार्क सर्कल से छुटकारा पाने के लिए क्या इस्तेमाल करें?
एक्पर्ट के अनुसार सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि डार्क सर्कल्स का कारण क्या है. अगर समस्या पिगमेंटेशन से जुड़ी है, तो डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह से विटामिन सी, नियासिनमाइड (Niacinamide) और विटामिन के वाले अंडरआई प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं, अगर उम्र से जुड़े बदलाव मुख्य कारण हैं, तो केवल क्रीम से बहुत ज्यादा बदलाव की उम्मीद करना सही नहीं होगा.
इन बातों का रखें ध्यान
एक्सपर्ट के अनुसार आंखों के आसपास की त्वचा को रगड़ने से बचें, रोजाना सनस्क्रीन लगाएं और हाइड्रेशन बनाए रखें. अगर डार्क सर्कल्स अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं या उनके साथ सूजन, लगातार खुजली या अन्य लक्षण भी हैं, तो डर्मेटोलॉजिस्ट या डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है.
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