हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा अच्छी आदतें सीखे, बड़ों की बात माने और जिम्मेदार बने. ऐसे में ज्यादातर पेरेंट्स के मन में सवाल होता है कि वे अपने बच्चे को डिसिप्लिन कैसे करें? इसे लेकर मशहूर पीडियाट्रिशियन रवि मलिक ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में डॉक्टर ने बताया है कि बच्चों को डिसिप्लिन सिखाने के लिए क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए. आइए जानते हैं इस बारे में-
बच्चे को कभी भी मारें या डराएं नहीं
डॉक्टर रवि मलिक कहते हैं कि कई बार बच्चे की गलती पर गुस्सा आ जाता है. ऐसे में पेरेंट्स बच्चे को मारते या डांट लगा देते हैं. ये सही तरीका नहीं है. मारने या शारीरिक सजा देने से बच्चा आपकी बात डर की वजह से मान सकता है, लेकिन वह सही और गलत का फर्क नहीं समझ पाता. ऐसे बच्चे अक्सर डरे हुए रहते हैं और खुलकर अपनी बात भी नहीं कह पाते. इसलिए बच्चे को प्यार से समझाएं और धैर्य के साथ उसकी गलती सुधारें.
सबसे पहले खुद अच्छी आदतें अपनाएंबच्चे अपने माता-पिता को देखकर सबसे ज्यादा सीखते हैं. अगर आप चाहते हैं कि बच्चा मोबाइल कम चलाए, तो आपको भी फोन से दूरी बनानी होगी. अगर आप समय पर उठते हैं, समय पर खाना खाते हैं और अपने नियमों का पालन करते हैं, तो बच्चा भी धीरे-धीरे वही आदतें सीखने लगता है. इसलिए पहले खुद अच्छा उदाहरण बनें.
बच्चे के लिए एक रूटीन फिक्स कर देंपीडियाट्रिशियन कहते हैं, बच्चे की पढ़ाई, खेलने, खाने और सोने का समय तय होना चाहिए. जब बच्चे की रोज की दिनचर्या एक जैसी रहती है, तो उसे पता रहता है कि किस समय क्या करना है. इससे उसकी आदतें अच्छी बनती हैं और वह समय की कीमत भी समझने लगता है. धीरे-धीरे यही रूटीन उसे डिसिप्लिन सिखा देता है.
हर गलती पर सजा देने की जगह उसका नतीजा समझने देंहर बार डांटने या इनाम देने से बच्चा नहीं सीखता. अगर बच्चा पढ़ाई नहीं करता, तो उसे उसके काम का नतीजा भी देखने दें. जैसे अगर वह तैयारी नहीं करेगा, तो परीक्षा में कम नंबर आएंगे. जब बच्चा अपनी गलती का असर खुद देखता है, तो वह अगली बार उसे सुधारने की कोशिश करता है. ऐसी सीख लंबे समय तक उसके साथ रहती है.
प्यार के साथ नियम भी जरूरी हैंइन सब से अलग पीडियाट्रिशियन कहते हैं, बच्चों को बहुत ज्यादा छूट देना भी ठीक नहीं है. अगर घर में कोई नियम नहीं होंगे, तो बच्चा यह नहीं समझ पाएगा कि क्या सही है और क्या गलत. इसलिए कुछ साफ नियम बनाएं और उन्हें हमेशा एक जैसा रखें. नियम बनाते समय बच्चे को प्यार से समझाएं, ताकि वह उन्हें आसानी से मान सके.
डॉक्टर रवि मलिक कहते हैं, बच्चों को डिसिप्लिन सिखाने का मतलब उन्हें डराना या सजा देना नहीं है. सही तरीका यह है कि माता-पिता खुद अच्छी आदतें अपनाएं, बच्चे के लिए एक तय रूटीन बनाएं, प्यार से समझाएं और उसकी हर गलती से उसे सीखने का मौका दें. ऐसे माहौल में बच्चा खुद धीरे-धीरे जिम्मेदार, समझदार और अनुशासित बनने लगता है.
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