Tips to reduce mobile addiction; आज के समय में मोबाइल जीवन का जरूरी हिस्सा बन चुका है. हालात ऐसे है कि अगर थोड़ी देर के लिए भी मोबाइल पास न हो तो लोगों को ऐसा लगता है मानो जिंदगी रुक गई है. मोबाइल हर समय हाथ में रहता है. यहां तक कि लोग बाथरूम में भी मोबाइल लेकर जाते हैं. यह समस्या टीन एज के बच्चों और युवाओं में बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है और इसका असर उनकी सेहत से लेकर पढ़ाई लिखाई पर पड़ने लगा है. मोबाइल की यह आदत अब लत (Mobile addiction) बन चुकी है. हाल ही में इंजीनियरिंग की कोचिंग देने वाले अलख पांडे, जो फिजिक्स वाला (Physics wallah) के नाम से मशहूर हैं, इस आदत के बारे में में बात की. उन्होंने टीन एज बच्चों और युवाओं को मोबाइल की लत से बचने के लिए कई टिप्स दिए. आइए जानते हैं मोबाइल की लत से बचने के लिए फिजिक्स वाला के टिप्स (Physics wallah's tips to reduce mobile addiction)
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
फिजिक्स वाला के मोबाइल की लत से बचाव के टिप्स (Physics wallah's tips to reduce mobile addiction)
मोबाइल के कारण डिस्ट्रेक्शन
मोबाइल पढ़ाई से डिस्ट्रेक्शन का बड़ा कारण बन जाता है. माबाइल जरूरी है लेकिन बच्चे सोशल मीडिया से लेकर इंटरटेनमेंट के लिए कंटेट की भरमार होने के कारण घंटों मोबाइल देखते रहते हैं और उन्हें समय का ध्यान नहीं रहता है.

निरंतर प्रयास की जरूरत
टीन एज बच्चे उम्र की ऐसी मोड़ पर रहते हैं, जहां उन्हें अपने आने जीवन की नींव रखनी होती है. इस समय वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. यह एक रेस की तरह होता है जिसमें जीतने के लिए निरंतर तेज दौड़ना पड़ता है. इस दौड़ में मोबाइल की लत बाधा डाल सकती है जिससे आपकी रफ्तार कम हो सकती है और पीछे रह जाने का खतरा बढ़ जाता है.
युवा करते हैं फॉलो
इंजीनियरिंग की कोचिंग देने वाले अलख पांडे फिजिक्स वाला के नाम से मशहूर हैं और बड़ी संख्या में युवा इन्हें फॉलो करते हैं. युवा उनकी बातों को ध्यान से सुनते हैं और सफलता हासिल करने के लिए मानते भी हैं.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं