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मैंने 45 दिन रोज खुद के लिए निकाले 20 मिनट, फिर ऐसे पलटी मेरी जिंदगी... 33 साल की टीचर ने बताई अपनी कहानी

बिजी लाइफ की वजह से खुद के लिए समय निकाल पाना थोड़ा मुश्किल होता है. लेकिन, 33 साल की मेघा ने लगातार 45 दिनों तक ये काम किया और आज उनकी लाइफ बदल गई. यहां पढ़िए उनका क्या अनुभव रहा.

मैंने 45 दिन रोज खुद के लिए निकाले 20 मिनट, फिर ऐसे पलटी मेरी जिंदगी... 33 साल की टीचर ने बताई अपनी कहानी
Life Changing Habits: जानिए कैसे बदली 33 साल की मेघा की जिंदगी. (AI Image)

मैं मेघा हूं. मेरी उम्र 33 साल हैं. मैं एक टीचर हूं. सुबह स्कूल जाने की भागदौड़ में मैं खुद के लिए बिल्कुल भी समय नहीं निकाल पाती थी. खुद की सेहत का मुझे ख्याल ही नहीं था. जिसकी वजह से मेरा वजन बढ़ रहा था, मैं काम के वक्त थकान महसूस करती और पाचन से जुड़ी समस्याएं भी बनी रहती थी. एक दिन एक कलीग ने मुझे सेल्फ केयर की अहमियत को समझाया. उसने बताया कि अगर ज्यादा नहीं तो कम से कम हर दिन 20 मिनट का समय में खुद को दूं. इस समय में योग करूं या वॉक पर जाऊं. मैंने हर दिन घर पर ही 20 मिनट योग करने की शुरुआत की. 45 दिन बाद मैं अपनी जिंदगी में बड़ा बदलाव देख पा रही हूं.

45 दिनों तक 20 मिनट योग करने से क्या हुआ

मैं वृक्षासन, प्लैंक (Planks) और वॉरियर सेकेंड (Warrior II), सूर्य नमस्कार, भुजंगासन, धनुरासन, नौकासन, और पादहस्तासन जैसे योग हर दिन करती हूं. इन योगासनों को करने से मुझे पहले हफ्ते से ही फर्क नजर आने लगा. पहले हफ्ते में मेरी थकान कम होनी लगी. शरीर से भारीपन और आलस दूर होने लगा.

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एनर्जी का लेवल बढ़ा

हर दिन योग करने से मेरी थकान कम होने लगी. मैं अधिक एनर्जेटिक महसूस करती हूं. इसके अलावा योग करने की वजह से कैलोरी बर्न हुई और मेरी बॉडी ज्यादा फ्लेक्सिबल हो पाई है. तीसरे हफ्ते से ही मुझे ये बदलाव दिखने लगे.

वजन पर असर

प्लैंक (Planks) और वॉरियर सेकेंड (Warrior II) जैसे योग की वजह से मेटाबॉलिज्म तेज हुआ और पाचन में सुधार होने लगा. कैलोरी बढ़ने की चिंता खत्म हुई और धीरे-धीरे वजन में भी अंतर दिखने लगा. अब मेरी बॉडी ज्यादा फिट और एक्टिव हो चुकी है.

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नींद हुई बेहतर

जानकारों के मुताबिक कुछ योग आसन पीनियल ग्रंथि (Pineal Gland) को भी उत्तेजित करने में मदद करते हैं, जो मेलाटोनिन नामक हार्मोन बनाती है.यह हार्मोन हमें बेहतर नींद दिलाने में अहम भूमिका निभाती है. मैंने खुद इन चीजों को महसूस किया. रेगुलर योग करने से मेरी स्लीप क्वालिटी में सुधार हुआ. मैं रात में गहरी नींद में सोने लगी और बिस्तर पर जाने के बाद नींद के लिए अब मुझे मशक्कत नहीं करनी पड़ती.

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(मेघा, एक टीचर हैं, जिन्होंने 45 दिन तक खुद के लिए समय निकालने का प्रयास किया. इस लेख में बताए गए ट‍िप्‍स और अनुभव उनके नीज‍ी हैं.)

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