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120 दिनों तक टीवी कम देखने से मेरे बेटे की जीवनशैली कैसे बदली? कामकाजी मां ने साझा किए अपने अनुभव

घंटों टीवी देखना मेंटल हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकता है, जिससे डिप्रेशन, डिमेंशिया और पार्किंसंस का खतरा बढ़ता है. टीवी समय कम कर बेहतर गतिविधियों में लगाने से ऊर्जा, फोकस और सोचने की क्षमता बढ़ती है.

120 दिनों तक टीवी कम देखने से मेरे बेटे की जीवनशैली कैसे बदली? कामकाजी मां ने साझा किए अपने अनुभव

Stopped Watching TV For 120 Days And Realized This: गुरुग्राम में रहने वाली रेखा, एक बूटीक चलाती हैं और द‍िन भर कस्‍टमर्स और मास्‍टर जी के साथ व्‍यस्‍त रहती हैं. हाल ही में रेखा ने बताया कि उनकी व्‍यस्‍तता के चलते वे अपने 15 साल के बेटे जय को ज्‍यादा समय नहीं दे पाती थीं और उसके एंटरटेनमेंट के लिए उसे टीवी चला कर बैठा देती थीं. लेकिन कुछ समय के लिए अच्‍छी लगने वाली ये बात रेखा को तब चुभी जब उन्‍हें अहसास हुआ कि उनका बेटा अब ब‍िना टीवी के खाना भी नहीं खा सकता था.

एक द‍िन रेखा ने तय किया कि वह अपने बेटे का टीवी एकदम से बंद कर देंगी और उन्‍होंने ऐसा किया भी. रेखा ने बताया कि उन्‍होंने अपने बेटे के सा‍मने शर्त रखी कि अगर वह पूरे 120 दिन तक टीवी नहीं देखता है तो इस बार गर्मी की छुट्टि‍यों में वे उसे कश्‍मीर ले जाएंगी. इसी एक्‍साइटमेंट में वह मान गया और इसके बाद जो हुआ उसे आप सभी को जनना चाह‍िए. 

टीवी का इतना दखल क्‍यों...

खुद को व्‍यस्‍त रखने के लिए लगातार टीवी देखता रहता  टेलीविजन लंबे समय से मनोरंजन का एक प्रमुख माध्यम बना हुआ है और इसने लगभग हर घर में अपनी खास जगह बना ली है. लेकिन रोजाना घंटों टीवी देखना आपकी सेहत और सोच दोनों पर असर डाल सकता है. ज्यादा स्क्रीन टाइम न केवल शरीर को सुस्त करता है, बल्कि मेंटल हेल्थ पर भी खराब असर डाल सकता है. लेकिन अगर आप टीवी देखने का समय कम करके उसे दूसरी बेहतर एक्टिविटीज में लगाते हैं, तो आपकी ऊर्जा, फोकस और सोचने की क्षमता में बड़ा बदलाव आ सकता है.

रेखा कहती हैं - 

''मेरा बेटा पूरे द‍िन टीवी में घुसा रहता था. न वह स्‍कूल का होमवर्क करता था, न टाइम से खाना खाता था, न नहाता था और न ही किसी को दोस्‍त बनाता था. मैं इतनी परेशान थी कि खुद को ही कोसने लगी थी. ऐसा लगता था कि न तो मैं कर‍ियर बना पा रही हूं और न ही अपने बच्‍चे को सही से पाल पा रही हूं. बस फि‍र एक द‍िन मैंने सोचा कि 120 दिन का ये चैलेंज लेकर देखा जाए.''

तो चल‍िए रेखा के अनुभव से जानते हैं कि अगर 120 दिनों तक टीवी न देखा जाए तो इससे क्‍या असर होगा

टीवी देखने से मेरे बेटे पर कैसा असर हो रहा था...

रेखा कहती हैं कि 'घंटों टीवी देखने की आदत मेरे बेटे की मेंटल हेल्थ की दुश्मन बन गई थी. इससे वह डिप्रेशन की ओर बढ़ने लगा था. मेरा बेटा लगातार बिना ब्रेक लिए लंबे समय तक टीवी या स्क्रीन देखता था इससे उसकी आंखे भी थक रही थीं और आंखो में सूखापन, धुंधली नजर और सिरदर्द जैसे लक्षण हो रहे थे. 

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रेखा गुरुग्राम में अपना बूटीक चलाती हैं. 

रेखा की बात एकदम सही है. हमने भी जब इससे जुड़े अध्‍ययन तलाशे तो पता चला कि यूरोपियन साइकियाट्री में पब्लिश्ड एक स्टडी के मुताबिक, टीवी के सामने कम समय बिताना गंभीर डिप्रेशन को रोकने में मददगार हो सकता है. असल में डिप्रेशन एक गंभीर मानसिक समस्या है. यह इस बात पर असर डालता है कि आप कैसा महसूस करते हैं, सोचते हैं, व्यवहार करते हैं और दुनिया को किस नजर से देखते हैं.

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टीवी देखने के बजाय कराए ये काम 

रेखा कहती हैं -  मैंने अपने बेटे को टीवी से तो दूर क‍िया ही, ले‍कि‍न इससे वह अकेला और बोर न  इस बात का भी मुझे ड़र सता रहा था. इसल‍िए मैंने ऐसे रास्‍ते तालशे क‍ि मैं उसे बीजी रख सकूं. इस बात में कोई शक नहीं कि उसकी टीवी की लत छुडान के लिए मुझे खुद बहुत सी जुगत लगानी पड़ी. लेकिन क्‍योंकि ये उसके फ्यूचर का सवाल था तो मैं सब भूल गई. अगर मेरा बेटा ही खराब हो गया तो मैं पैसे जोड़कर क्‍या ही कर लूंगी. मेरी असली कमाई तो मेरा बेटा है.

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उसे स‍िर्फ टीवी से दूर करना काफी नहीं था. इसके लिए उस समय का सही इस्तेमाल भी जरूरी है. तो मैंने कुछ रिसर्चर्स पढ़ीं और समझ आया कि टीवी देखने के समय को दूसरी बेहतर एक्टिविटीज में देने से काफी फायदा मिलता है, जैसे- 

खेलकूद: कोई भी खेल खेलने से डिप्रेशन का खतरा कम होता है और शरीर भी दुरुस्त रहता है.

फिजिकल एक्टिविटीज: काम या पढ़ाई करने की क्षमता में सुधार होता है. 

अच्छी नींद: पर्याप्त नींद लेने से मेंटल हेल्थ बेहतर होती है.

घूमना-फिरना: घूमने से भी मेंटल और फिजिकल हेल्थ बेहतर होती है.

120 दिन तक टीवी न देखने से मेरे बेटे को क्‍या फायदे हुए

रेखा कहती हैं कि -

हां ये तो तय है कि अब मुझे अपने बेटे को कश्‍मीर लेकर जाना होगा. ये उसकी मेहनत का एक ऐसा ईनाम होगा, ज‍िसका लुत्फ हम सभी उठाएंगे. आप भी इस ट्र‍िक को इस्‍तेमाल करें और अपने बच्‍चे में होने वाले बदलावों को देखकर आप सातवें आसमान पर होंगे. 

रेखा ने बताया कि 120 दिन तक टीवी न देखने से उनके बेटे में बहुत ही सकारात्‍मक बदलाव द‍िखे. रेखा कहती हैं - मेरे बेटे में न केवल मानसिक, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य में भी बड़ा सुधार हुआ. वह ज्यादा चुस्त रहने लगा है और उसका फोकस और एकाग्रता भी बढ़ गई है. इतना ही नहीं पहले जो वह बात-बात पर च‍िड़च‍िड़ा और गुस्‍सा हो जाता था उसमें बहुत ज्‍यादा कमी है. टीवी न देखने से उसका तनाव व डिप्रेशन कम करने में भी मदद मिलती है.

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