गोरखालैंड की मांग को लेकर कई हिंसक प्रदर्शन हुए हैं.
कोलकाता:
पश्चिम बंगाल में काफी समय बाद एक बार फिर दार्जिलिंग इलाके में गोरखालैंड की मांग ने जोर पकड़ा है और स्थानीय निवासी पिछले कुछ महीनों से लगातार प्रदर्शन करते आ रहे हैं. पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता में हुई सर्वदलीय बैठक में राज्य के उत्तरी पर्वतीय इलाके में कुछ संगठनों द्वारा अलग गोरखालैंड राज्य बनाए जाने की मांग पर चर्चा से इनकार कर दिया. राज्य सरकार ने साथ ही गोरखालैंड की मांग कर रहे संगठनों से अनिश्चितकालीन बंद खत्म करने का अनुरोध किया.
गोरखालैंड पर किसी तरह की चर्चा से इनकार करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह मामला राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता.
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राज्य सचिवालय में हुई बैठक के बाद ममता ने कहा, "वे गोरखालैंड की मांग कर रहे हैं, लेकिन हम इस मांग का समर्थन नहीं करते. हमने कहा कि यह हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है और हम इस पर चर्चा नहीं कर सकते. आप अपनी मांगे उठा सकते हैं, क्योंकि यह आपका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन राज्य सरकार का अपना अधिकार क्षेत्र है, संवैधानिक जिम्मेदारियां और बाध्यताएं हैं."
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) सहित उत्तरी बंगाल के पर्वतीय क्षेत्र के प्रमुख दलों ने इस बैठक में हिस्सा लिया.
VIDEO: गोरखालैंड के लिए हिंसक हुए लोग
ममता ने कहा, "हमने स्थानीय लोगों को हो रही परेशानियों के मद्देनजर उनसे लंबे समय से चल रहे बंद को वापस लेने और सामान्य स्थिति बहाल करने का अनुरोध किया. बैठक में हिस्सा लेने वाले सभी लोगों ने इस पर सहमति व्यक्त की कि शांति एवं सामान्य स्थिति बहाल होनी चाहिए. उन्हें अपना वक्त लेने दें." (IANS की रिपोर्ट)
गोरखालैंड पर किसी तरह की चर्चा से इनकार करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह मामला राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता.
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राज्य सचिवालय में हुई बैठक के बाद ममता ने कहा, "वे गोरखालैंड की मांग कर रहे हैं, लेकिन हम इस मांग का समर्थन नहीं करते. हमने कहा कि यह हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है और हम इस पर चर्चा नहीं कर सकते. आप अपनी मांगे उठा सकते हैं, क्योंकि यह आपका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन राज्य सरकार का अपना अधिकार क्षेत्र है, संवैधानिक जिम्मेदारियां और बाध्यताएं हैं."
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) सहित उत्तरी बंगाल के पर्वतीय क्षेत्र के प्रमुख दलों ने इस बैठक में हिस्सा लिया.
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ममता ने कहा, "हमने स्थानीय लोगों को हो रही परेशानियों के मद्देनजर उनसे लंबे समय से चल रहे बंद को वापस लेने और सामान्य स्थिति बहाल करने का अनुरोध किया. बैठक में हिस्सा लेने वाले सभी लोगों ने इस पर सहमति व्यक्त की कि शांति एवं सामान्य स्थिति बहाल होनी चाहिए. उन्हें अपना वक्त लेने दें." (IANS की रिपोर्ट)
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