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UPTET 2026 में बड़ा विवाद, OMR शीट की गलतियों से 60 हजार अभ्यर्थियों का रिजल्ट हुआ रिजेक्ट

UPTET 2026 का परिणाम जारी होने के बाद करीब 60 हजार अभ्यर्थियों का रिजल्ट रिजेक्ट कर दिया गया है. अभ्यर्थियों का कहना है कि वे ऑफिशियल आंसर की में पास हो रहे थे, लेकिन OMR शीट में हुई मामूली गलतियों के चलते उनका रिजल्ट रिजेक्ट कर दिया गया.

UPTET 2026 में बड़ा विवाद, OMR शीट की गलतियों से 60 हजार अभ्यर्थियों का रिजल्ट हुआ रिजेक्ट
गौरतलब है कि UPTET 2026 की लिखित परीक्षा का आयोजन दो, तीन और चार जुलाई को कुल पांच पालियों में किया गया था.
Representative image (copilot)

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा हाल ही में UPTET 2026 के रिजल्ट जारी किए जाने के बाद से प्रदेश भर के हजारों युवाओं में निराशा का माहौल है. आयोग द्वारा 26 अगस्त को जारी किए गए आधिकारिक नतीजों में 13 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है लेकिन इसके साथ ही एक बड़े वर्ग को तगड़ा झटका लगा है. परीक्षा में शामिल हुए लगभग 60 हजार अभ्यर्थियों के परिणाम को आयोग ने ‘अस्वीकृत' यानी रिजेक्ट कर दिया है.

आंसर की में पास...लेकिन रिजल्ट आने पर हुए फेल

चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी शामिल है जो आयोग की आधिकारिक आंसर की से अपने उत्तरों का मिलान करने पर आसानी से परीक्षा पास कर रहे थे लेकिन अंतिम परिणाम में उनका स्टेटस रिजेक्ट दिख रहा है. 

परिणाम रिजेक्ट होने के पीछे कारण ओएमआर (OMR) शीट को भरते समय हुई टेक्निकल और बुनियादी मानवीय गलतियों को बताया गया है. आयोग के अनुसार रोल नंबर, क्वेश्चन पेपर बुकलेट की संख्या या अन्य आवश्यक कॉलम में सर्कल गलत भरने, ऊपर-नीचे हो जाने या किसी कॉलम के छूट जाने के कारण कंप्यूटर सॉफ्टवेयर ने इन ओएमआर कॉपियों को जांचने से सीधे खारिज कर दिया. अब इसके खिलाफ अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर ऑब्जेक्शन दर्ज किया है. 

गुरुवार को रिजल्ट जारी होने के बाद प्रयागराज स्थित चयन आयोग के दफ्तर पर अभ्यर्थियों ने आयोग को अपना रिप्रजेंटेशन सौंपा है. अभ्यर्थियों का कहना है कि ओएमआर शीट में एंट्रीज के लिए दो व्यवस्थाएं होती है- इसमें एक लिखित रूप में जानकारी दर्ज करना और दूसरा उससे संबंधित गोले को काला करना.

अगर किसी अभ्यर्थी ने लिखित कॉलम में अपना रोल नंबर या बुकलेट संख्या बिल्कुल सही भरी है और केवल गोला भरने में कोई मैनुअल चूक हुई है तो आयोग को ऐसे मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए.

अभ्यर्थियों ने न्याय की लगाई गुहार...

अभ्यर्थियों का तर्क है कि जब लिखित विवरण से छात्र की पहचान स्पष्ट हो सकती है तो केवल एक गोले की गलती के आधार पर सालों की मेहनत और करियर को पूरी तरह खारिज कर देना न्यायसंगत नहीं है. छात्रों ने कहा है कि उन्होंने रिजल्ट घोषित होने से पहले भी आयोग को इस संबंध में प्रत्यावेदन दिए थे.

छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय कुमार यादव ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए मांग की है कि आयोग मानवीय गलतियों को ध्यान में रखते हुए सभी प्रभावित ओएमआर शीटों की मैनुअली जांच कराए और रिवाएज्ड रिजल्ट जारी करे.

गौरतलब है कि UPTET 2026 की लिखित परीक्षा का आयोजन 2, 3 और 4 जुलाई को कुल पांच पालियों में किया गया था. इस परीक्षा के लिए कुल 19,94,661 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड थे जिसके चलते प्रदेश के 60 जिलों में 955 एग्जाम सेंटर्स बनाए गए थे. आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार द्वारा घोषित नतीजों में प्राथमिक स्तर पर 80.07 प्रतिशत और उच्च प्राथमिक स्तर पर 71.85 प्रतिशत अभ्यर्थी पास हुए हैं.

परिणाम नॉर्मलाइजेशन की जटिल प्रक्रिया के तहत तैयार किए गए है, लेकिन 60 हजार अभ्यर्थियों का रिजल्ट अटक जाने से अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है कि उनका क्या होगा. अभ्यर्थी अब सरकार और आयोग से तत्काल हस्तक्षेप कर राहत देने की गुहार लगा रहे है.

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