Meta जैसी कंपनी से नौकरी का ऑफर आए और कोई मना कर दे, ऐसा काफी कम देखा जाता है. हालांकि आईआईटी से पढ़ाई कर चुके एक भारतीय युवा ने कुछ ऐसा ही काम किया. AI की दुनिया में कमाल का काम करने वाले ऋषभ अग्रवाल ने मेटा की तरफ से आया करीब 10 करोड़ रुपये का ऑफर ठुकरा दिया था. ऋषभ ने कंपनी के साथ पांच महीने तक काम किया और फिर नौकरी छोड़ दी. इससे पहले उन्होंने गूगल ब्रेन और डीपमाइंड जैसी कंपनियों में भी नौकरी की थी. कुल मिलाकर ऋषभ की कहानी काफी ज्यादा इंस्पायरिंग है.
IIT बॉम्बे से पढ़ाई
ऋषभ अग्रवाल ने आईआईटी बॉम्बे से पढ़ाई की है. उन्होंने JEE में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 33 हासिल कर यहां एडमिशन लिया था और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक किया. इसके बाद एआई की दुनिया में उनकी दिलचस्पी बढ़ती रही और उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में पीएचडी की डिग्री भी हासिल की. इसके बाद 2016 में उनका करियर JioSaavn में इंटर्नशिप से शुरू हुआ, जहां उन्होंने सर्च और एल्गोरिदम पर काम किया.
ऐसा रहा करियर
इंटर्नशिप में तमाम चीजों का अनुभव लेने के बाद ऋषभ ने 2018 से 2023 तक गूगल ब्रेन में सीनियर रिसर्च साइंटिस्ट के तौर पर काम किया, जिसके बाद 2023 में उन्होंने डीपमाइंड ज्वाइन कर लिया. दो साल यहां नौकरी करने के बाद ऋषभ ने मेटा की सुपरइंटेलिजेंस लैब में रिसर्च साइंटिस्ट के रूप में नौकरी ज्वाइन की, यहां पांच महीने काम करने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया. तब मार्क जुकरबर्ग की तरफ से उन्हें 10 करोड़ से ज्यादा का ऑफर दिया गया था. ऋषभ अग्रवाल ने खुद इस बात को स्वीकार किया था और कहा था कि ये रकम मीडिया रिपोर्ट्स में बताई गई रकम से भी ज्यादा थी.
ऋषभ अग्रवाल ने मेटा की नौकरी छोड़ने के बाद अपना स्टार्टअप शुरू किया और एआई कंपनी खड़ी कर दी. आज वो एआई की दुनिया का एक बड़ा नाम हैं और उन चुनिंदा लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी एआई लैब्स में काम किया है. ऋषभ मैकगिल यूनिवर्सिटी में एडजंक्ट प्रोफेसर के तौर पर भी पिछले कुछ साल से काम कर रहे हैं.
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