झारखंड में अगले साल लोकसभा के साथ साथ मुख्यमंत्री रघुबर दास सरकार को विधानसभा चुनाव का भी सामना करना है. तीन राज्यों में अपनी पार्टी की सरकार को किसानों के आक्रोश का सामना जैसे करना पड़ा है उसके बाद मुख्यमंत्री रघुबर दास ने किसानों के किए सरकारी ख़ज़ाना खोल दिया है. शुक्रवार को झारखंड सरकार ने एक फ़ैसले में राज्य में हर किसान को प्रति एकड़ 5000 रुपये देने की घोषणा की है और जिन किसानों के पास एक एकड़ से कम भूमि है उन्हें भी इतनी ही राशि दी जाएगी लेकिन यह योजना और राशि केवल ख़रीफ़ फ़सल के लिए लागू होगी. इस योजना का नाम मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना रखा गया है और इससे राज्य के छोटे और मध्यम किसानों को लाभ मिलेगा.
सरकार का अनुमान है कि इस योजना पर 2200 करोड़ से अधिक का ख़र्च आएगा लेकिन राज्य में जब किसानों के खाते में सीधे ये राशि पहुंचेगी तब उन्हें खाद और बीज के लिए किसी के ऊपर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसानों को ये राशि फ़सल उत्पादन के बाद उन्हें लौटानी नहीं होगी.
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माना जाता है कि यह योजना कृषि उत्पादन से ज़्यादा रघुबर दास सरकार को लोकसभा और विधानसभा चुनाव में किसानों का आक्रोश न झेलना पड़े, इसलिए लागू की जा रही है. मुख्यमंत्री रघुबर दास को उम्मीद थी कि केंद्र सरकार किसानों की कर्ज़ माफ़ी की कोई न कोई योजना लाएगी लेकिन उसमें हो रहे विलंब से निपटने के लिए सरकार ने इस योजना की घोषणा की है.
हालांकि किसानों को सीधे फ़सल उत्पादन के लिए कृषि इनपुट योजना के नाम से पूर्ववर्ती राज्य बिहार में सीधे किसानों के खाते में पैसा दिया जाता है लेकिन झारखंड पहला राज्य होगा जहां ख़रीफ़ की फ़सल के लिए हर किसान के खाते में 5 हज़ार रुपये की राशि दी जाएगी.
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