कोरोना वायरस (Coronavirus) का नया रूप क्या हमारी मौजूदा टेस्टिंग प्रक्रिया पकड़ पाएगी? इस पर सवाल उठ रहे हैं. फूड एंड ड्रग एसोसिएशन ने ICMR को खत लिखकर जल्द टेस्टिंग अपग्रेड करने की मांग की है. वैज्ञानिक भी मानते हैं कि नए स्ट्रेन के लिए मौजूदा RT-PCR शायद सक्षम न हो. ब्रिटेन से आए लोगों के लिए रेग्युलर टेस्टिंग न करने की मांग उठ रही है. ब्रिटेन से पिछले 15 दिनों में आए सभी मुसाफ़िरों का आरटी-पीसीआर टेस्ट होगा. लेकिन यह सवाल उठ रहा है कि क्या कोरोना की मौजूदा टेस्टिंग प्रक्रिया नए स्ट्रेन को पकड़ पाएगी?
ऑल फूड एंड ड्रग लाइसेंस होल्डर फाउंडेशन (AFDLHF), पैन इंडिया एसोसिएशन ने ICMR को ख़त लिखकर टेस्टिंग में ज़रूरी बदलाव की मांग की है.AFDLHF के अध्यक्ष अभय पांडे ने कहा कि ‘'कई बार जिन कम्पनियों ने टेस्टिंग किट जो बनाए हैं उन पर सवाल उठे हैं. ऐसे में वायरस के बदले स्वरूप के साथ उन किट के साथ जांच करना, परीक्षण करना कितना कारगर होगा बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह है, इसलिए मैंने ICMR, DCGI को पत्र लिखकर सूचना दी है कि जैसे कोरोना का रूप बदला है हम भी अपनी टेस्टिंग फ़ैसिलिटी अपग्रेड करें.''
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वायरस के नए स्ट्रेन को वैज्ञानिकों ने VUI-202012/01 नाम दिया है. अभी तक इसकी नई सीक्वेंसिंग हुई नहीं है और एक्सपर्ट इसे समझने की कोशिश ही कर रहे हैं. ये समझने की कोशिश भी हो रही है कि क्या नए वेरिएंट में किसी तरह के जीनोम बदलाव भी हैं, क्योंकि अगर ऐसा होता है तो वैक्सीन के कम असरदार होने का खतरा बढ़ जाता है. हालांकि फिलहाल कोरोना वायरस के जितने भी नए रूप मिले, उनकी जीनोम संरचना में कोई बदलाव नहीं दिखा.
केंद्र सरकार के The Council of Scientific and Industrial Research के डायरेक्टर जनरल डॉ शेखर मंडे भी मानते हैं कि आरटी पीसीआर के नतीजों में थोड़े बदलाव दिख सकते हैं.
ब्रिक्स के स्वास्थ्य प्रोजेक्ट से जुड़े रहे वैज्ञानिक डॉ सुरेश चंद्र सिंह ने भी मौजूदा टेस्टिंग तरीक़ों पर सवाल उठाए हैं. डॉ सुरेश चंद्र सिंह ने कहा कि बड़ी समस्या है डिटेक्शन जो हमने रैपिड एंटीजन, आरटीपीसीआर, एंटीबॉडी बनाया है, अभी और समझना पड़ेगा क्योंकि कुछ स्पेशल प्रोटीन डेवलप हुए हैं, स्पाइक्स डेवलप हुए हैं, जिसके लिए अलग से सोचना पड़ेगा. आरटीपीसीआर अरली स्ट्रेन के लिए अच्छा था, लेकिन अभी इनको फिर से समझना पड़ेगा, कि क्या ये एकजिस्टिंग आरटीपीसीआर इसको पकड़ पाएंगे? या बदलाव की ज़रूरत है?
मुंबई में कोविड ड्यूटी पर तैनात डॉ द्यानेश्वर वाघमारे ने ब्रिटेन से आए लोगों पर की जा रही आरटीपीसीआर टेस्टिंग पर चिंता जताई है. डॉ द्यानेश्वर वाघमारे ने कहा कि‘'स्ट्रेन स्पेसिफ़िक एस्से की ज़रूरत है जो भारत में NIV पुणे और बहुत कम जगह होता है. अभी जब ब्रिटेन से लोग आए हैं उनका स्ट्रेन स्पेसिफ़िक टेस्ट बहुत ज़रूरी है ना कि रेगुलर आरटीपीसीआर टेस्ट करें.''
रैपिड एंटीजन पर तो सरकार को भी कुछ ख़ास भरोसा नहीं, आरटीपीसीआर की भी कई बार फ़ॉल्स निगेटिव रिपोर्ट सवालों में रही हैं. ऐसे में नए स्ट्रेन को पकड़ने की क्षमता पर उठ रहे सवाल भी गौर करने लायक़ हैं.
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