विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस गेब्रेयेसस ने मंगलवार को गुजरात के जामनगर में ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन के शिलान्यास समारोह में गुजराती बोल कर लोगों का दिल जीत लिया. उन्हें गुजराती बोलता देख पीएम मोदी ने भी ताली बजाकर उनका स्वागत किया. टेड्रोस गेब्रेयेसस ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए हाथ जोड़कर कहा, 'नमस्कार! केम छो मजा मा...' साथ ही उन्होंने कहा कि गुजरात आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा.
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डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने अपने संबोधन में कहा कि यह केंद्र पारंपरिक चिकित्सा को मजबूत करने के लिए विज्ञान की शक्ति का उपयोग करने में देशों की मदद करेगा, और इसका पूरा ध्यान साक्ष्य, डेटा, और इनोवेशन पर होगा. उन्होंने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियां सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी चिकित्सा सेवाओं तक समान पहुंच में सुधार करके देशों को विश्वव्यापी स्वास्थ्य कवरेज की ओर बढ़ने में मदद कर सकती हैं.
बताते चलें कि भारत इस परियोजना में 25 करोड़ डॉलर खर्च करने जा रहा है, कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा जीवन के समग्र विज्ञान को शामिल करती है और आने वाले 30 वर्षों में वैश्विक महत्व हासिल करेगी. साथ ही उन्होंने कहा कि इससे पारंपरिक दवाओं के बारे में विश्वास पैदा करने में मदद मिलेगी. हालांकि भारत की कई पारंपरिक दवाएं विदेशों में लोकप्रिय हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मानकों की कमी के कारण आपूर्ति सीमित है.
गौरतलब है कि जीसीटीएम नॉलेज हब का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और उत्पादों पर विश्वसनीय साक्ष्य और डेटा को एकत्र करना है, जिससे कि इसे प्रभावी बनाया जा सके. (इनपुट ANI से भी)
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