- मुंबई के वर्ली में BJP की महिला आरक्षण रैली के दौरान भारी यातायात जाम हुआ, जिससे स्थानीय लोग परेशान हुए.
- मंत्री गिरीश महाजन ने महिला की नाराजगी को आंशिक रूप से सही माना पर भाषा के प्रयोग पर असहमति जताई.
- महिला ने रैली स्थल पर मंत्री से सड़क जाम के कारण सवाल पूछते हुए तुरंत रैली खत्म करने की मांग की.
Mumbai BJP Rally Traffic Video: दक्षिण मुंबई के वर्ली इलाके में BJP की रैली के दौरान हुए यातायात जाम को लेकर एक महिला द्वारा सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताने के एक दिन बाद महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने बुधवार को माना कि महिला का गुस्सा कुछ हद तक जायज था. महाजन ने हालांकि महिला द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा पर आपत्ति जताई. वहीं, मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े ने महिला और अन्य यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया. महिला की नाराजगी का वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा. शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने महिला की सराहना करते हुए कहा कि उसने मंत्री को “आईना दिखाया” और महाजन के रवैये को “असम्मानजनक और उपेक्षापूर्ण” बताया.
रैली के जाम से परेशान महिला ने दिखाया था गुस्सा
महाजन को मंगलवार को उस समय एक महिला के गुस्से का सामना करना पड़ा, जब वह एक रैली के दौरान पत्रकारों से बात कर रहे थे. यह रैली लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने को लेकर विपक्ष को घेरने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी.
So Proud of her.
— Living2Die (For Freedom & Dignity)🥩 (@schunell) April 22, 2026
Woman at Worli, Mumbai spoke for a million COWARDLY Indians who do nothing, when stuck in traffic caused by politicians blocking roads.
More power to women who stand for their rights & do not behave like slaves of corrupt Politicians.
Note:They are our SERVANTS. pic.twitter.com/leavw0aM0Q
भड़की महिला ने कहा- यहां से निकल जाइए
यह घटना उस समय हुई जब मंत्री रैली स्थल पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे. इस दौरान एक महिला, जो काफी नाराज दिख रही थी, उनसे भिड़ गई और सड़क जाम को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि प्रदर्शन पास के किसी मैदान में क्यों नहीं किया गया. महिला ने कहा, “यहां से निकल जाइए, आप यातायात जाम कर रहे हैं.” महिला ने यात्रियों को हो रही परेशानी पर नाराजगी जताई.
महाजन द्वारा महिला को शांत कराने के प्रयास के बाद भी महिला वापस लौटी और नाराजगी जताते हुए कहा, “आपको समझ में नहीं आता क्या? यहां सैकड़ों लोग इंतजार कर रहे हैं.” पुलिस अधिकारी के हस्तक्षेप करने पर उसने बातचीत करने से इनकार कर दिया.
कांग्रेस अध्यक्ष ने उठाए थे सवाल
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस वीडियो को साझा करते हुए भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया. महाजन ने बुधवार को कहा कि रैली में हजारों महिलाओं के शामिल होने के कारण कुछ हद तक यातायात प्रभावित हुआ और उन्होंने मौके पर ही महिला से माफी भी मांगी थी. उन्होंने पुलिस से उसके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न करने को भी कहा.
महिला का गुस्सा कुछ हद तक जायजः मंत्री
मंत्री महाजन ने कहा, “महिला अपने बच्चे को लाने की जल्दी में थी और उसका गुस्सा कुछ हद तक जायज था, लेकिन उसने अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया और गुस्से में बोतल भी फेंक दी.” महाजन ने बताया कि आवश्यक अनुमति लेकर आयोजित इस रैली में करीब 15,000 से 20,000 महिलाओं ने भाग लिया, जिससे कुछ हद तक यातायात प्रभावित होना अवश्यंभावी था. उन्होंने पुलिस की योजना में किसी चूक या ‘वीआईपी संस्कृति' के आरोपों से इनकार किया.
मेयर ने भी जाम के कारण हुई परेशानी के लिए मांगी माफी
महापौर तावड़े ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि ‘महिला जनाक्रोश मोर्चा' सभी आवश्यक अनुमतियों के साथ आयोजित किया गया था और इसका उद्देश्य महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों को कमजोर करने के प्रयासों का विरोध करना था. तावड़े ने कहा, “यातायात और नागरिकों को असुविधा से बचाने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग ने उचित योजना बनाई थी. इसके बावजूद, मुंबई की प्रथम नागरिक के रूप में मैं कुछ नागरिकों को हुई असुविधा के लिए माफी मांगती हूं.”
काल (२१ एप्रिल २०२६) रोजी वरळी येथे आयोजित महिलांचा जनआक्रोश मोर्चा हा पूर्णपणे पूर्वनियोजित असून सर्व आवश्यक परवानग्या घेऊनच काढण्यात आला होता. नागरिक आणि वाहतुकीची गैरसोय टाळण्यासाठी पोलीस व वाहतूक विभागाकडून योग्य नियोजनही करण्यात आले होते. तरीही काही नागरिकांना झालेल्या… https://t.co/oGRhJJafjo
— Ritu Tawde (@TawdeRitu) April 22, 2026
तावड़े ने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद राज्य भर से हजारों महिलाओं ने इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और यह महिलाओं के अधिकारों और प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों पर आक्रोश का प्रतीक था. उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रभावित नागरिक इस भावना को समझेंगे. उन्होंने दक्षिण मुंबई में तटीय सड़क परियोजना, रेलवे फ्लाईओवर और सड़कों के कंक्रीटीकरण जैसे बुनियादी ढांचा कार्यों का भी उल्लेख किया, जिनसे यातायात में सुधार होने का दावा किया.
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा- मुंबई की उस महिला को सलाम
दूसरी ओर, प्रियंका चतुर्वेदी ने भाजपा पर मुंबईकरों की रोजमर्रा की यातायात समस्याओं के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया. चतुर्वेदी ने कहा कि लोगों को कई घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ता है, लेकिन सरकार इस समस्या को समझने के बजाय ऐसे आयोजनों से स्थिति और बिगाड़ती है. उन्होंने कहा, “मुंबई की उस महिला को सलाम, जिसने मंत्री और भाजपा के प्रदर्शनकारियों को आईना दिखाया. लोगों को परेशान कर राजनीतिक प्रदर्शन क्यों किया जा रहा है?”
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