टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में मुंबई पुलिस के हाथ एक बेहद चौंकाने वाली जानकारी लगी है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई गैंग के निशाने पर सबसे पहले सलमान खान ही थे, लेकिन जब सलमान पर हमला करने का प्लान फेल हो गया, तो हैंडलर्स ने शूटरों को एक नया और आसान टारगेट ढूंढने का हुक्म दिया. हैंडलर्स का साफ कहना था कि जिस भी बॉलीवुड स्टार की सुरक्षा सबसे कम और ढीली हो, उसे तुरंत निशाना बनाया जाए. इसके बाद शूटरों ने मुंबई दर्शन के बहाने अमिताभ बच्चन, आमिर खान और अक्षय कुमार जैसे बड़े दिग्गजों के घरों की रेकी की थी. इसी दौरान एक ऑटो ड्राइवर से उन्हें टाइगर श्रॉफ के हर रविवार जुहू में फुटबॉल खेलने आने की जानकारी मिली. इसके बाद 11 अक्टूबर को जुहू के ग्राउंड की रेकी हुई, 17 अक्टूबर को हथियार मिले और 18 अक्टूबर को टाइगर पर हमला किया गया.
पहले टारगेट थे सलमान
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शूटर्स को शुरुआत में सलमान खान को निशाना बनाने का टास्क दिया गया था. हालांकि सलमान को टारगेट करने का प्लान सफल नहीं हो सका. इसके बाद हैंडलर्स ने रणनीति बदली और शूटर्स को बॉलीवुड में नया टारगेट तलाशने के लिए कहा.
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार शूटर करीब 20 दिन पहले ही मुंबई पहुंच गए थे. आरोपियों ने खुद को आम फैन की तरह पेश किया. मुंबई दर्शन और सितारों के घर के बाहर फोटो खिंचवाने के बहाने वे अलग-अलग इलाकों में घूमे. इसके लिए ऑटो-रिक्शा के साथ आरोपी ऋतिक की रैपिडो बाइक का भी इस्तेमाल किया गया.
अमिताभ, आमिर और अक्षय के घर पहुंचे
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शूटर्स ने इस दौरान अमिताभ बच्चन, आमिर खान और अक्षय कुमार के घरों की भी रेकी की. मकसद कथित तौर पर यह पता लगाना था कि किस स्टार तक पहुंचना आसान है और कहां सुरक्षा अपेक्षाकृत कम है. हालांकि अब तक की जांच में अमिताभ, आमिर या अक्षय को हमले के लिए अंतिम टारगेट चुने जाने की बात सामने नहीं आई है. इन सितारों के मामले में फिलहाल रेकी की जानकारी ही सामने आई है.
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ऑटो वाले की टिप से मिला टाइगर का सुराग
मुंबई में इसी रेकी के दौरान एक ऑटो ड्राइवर से शूटर्स को टाइगर श्रॉफ के बारे में अहम जानकारी मिली. उस ड्राइवर ने बताया कि टाइगर हर रविवार जुहू के एक ग्राउंड में फुटबॉल खेलने आते हैं. इसके बाद शूटर्स का फोकस टाइगर की तरफ हो गया. पुलिस सूत्रों का दावा है कि आरोपी 11 अक्टूबर को जुहू के उसी ग्राउंड के पास पहुंचे थे. इलाके में मौजूद CCTV फुटेज से भी 11 अक्टूबर को आरोपियों के इस ग्राउंड के पास पहुंचने की जानकारी सामने आई है. हालांकि उस दिन टाइगर वहां नहीं आए. इस तारीख को लेकर पुलिस के सामने आई दूसरी जानकारियां भी अहम हैं, क्योंकि दिल्ली में गिरफ्तार आरोपियों से जुड़ी दिल्ली पुलिस की जानकारी के मुताबिक शूटर्स को हथियार 17 अक्टूबर को मिले थे. ऐसे में 11 अक्टूबर को ग्राउंड पहुंचने को फिलहाल रेकी से जोड़कर देखा जा रहा है.
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17 को हथियार, 18 को हमला
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, शूटर्स को 17 अक्टूबर को हथियार दिए गए. इसके अगले दिन 18 अक्टूबर को वे पूरी तैयारी के साथ टाइगर को निशाना बनाने पहुंचे और हमला किया. यानी पुलिस के हाथ लगी जानकारी के मुताबिक पूरी साजिश की टाइमलाइन में तीन तारीखें बेहद अहम हैं. 11 अक्टूबर को रेकी, 17 अक्टूबर को हथियार और 18 अक्टूबर को हमला. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस पूरी साजिश के दौरान हरियाणा से कुछ दूसरे लोग भी मुंबई आए थे. इन लोगों के भी रेकी करने की बात सामने आई है. अपना काम पूरा करने के बाद ये लोग वापस हरियाणा लौट गए थे. मुंबई पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रेकी में कुल कितने लोग शामिल थे और उनका शूटर्स तथा हैंडलर्स से क्या कनेक्शन था.
दो पिस्टल से फायरिंग, अज्ञात जगह पर फेंके
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात में दो हथियारों का इस्तेमाल किया गया था. इनमें एक विदेशी और एक देसी पिस्टल थी. हालांकि शूटर्स को विदेशी पिस्टल के मॉडल या उसकी तकनीक के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी. हमले के बाद मुंबई से भागते वक्त शूटर्स ने दोनों हथियार किसी अज्ञात जगह पर फेंक दिए. पुलिस अब दोनों पिस्टल को बरामद करने की कोशिश कर रही है. इस पूरे मामले में अब जांच का बड़ा हिस्सा हमले के पीछे मौजूद नेटवर्क पर टिका है. पुलिस के लिए यह पता लगाना अहम है कि सलमान खान को लेकर बनाए गए कथित प्लान से लेकर दूसरे बॉलीवुड सितारों की रेकी और फिर टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाए जाने तक शूटर्स को कौन-कौन निर्देश दे रहा था. इसके साथ ही पुलिस उन लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है, जिन्होंने मुंबई में रेकी, हथियारों की सप्लाई और हमले की तैयारी में शूटर्स की मदद की.
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