पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मतदान की प्रक्रिया पूरी होने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहली बार सामने आकर प्रतिक्रिया दी. ममता बनर्जी ने वोटरों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तरह घरों से निकलकर आपने वोट किया, दमन सहते हुए भी वोट डालने के लिए कतारों में डटे रहे, उसके लिए मैं आभारी हूं. मैं उन पार्टी कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त करती हूं जिन्होंने केंद्रीय और स्थानीय बलों के अत्याचारों को सहते हुए ये संघर्ष किया है.
ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे खिलाफ भारत सरकार की पूरी मशीनरी झोंक दी गई. केंद्रीय बलों और पुलिस की नई तैनाती के जरिए डर का माहौल बनाया गया, मारपीट की गई. भाजपा नेताओं ने अपने धन-बल और हथियारों की ताकत के दम पर बंगाल की जनता को दबाने की कोशिश की, लेकिन मतपेटियों ने उन्हें खामोश कर दिया है.
बंगाल के एग्जिट पोल्स के आंकड़ों को सिरे से खारिज करते हुए ममता बनर्जी ने इन्हें सोची-समझी साजिश करार दिया और कहा कि किसी भ्रम में न रहें. 2014, 2017 और 2021 में भी इसी तरह के भ्रामक एग्जिट पोल दिखाए गए थे. असल नतीजों में तृणमूल कांग्रेस इस बार 230 सीटों के आंकड़े तक पहुंच सकती है. उन्होंने राज्य में फिर से 'मां, माटी, मानुष' की सरकार बनने का भरोसा जताया और कहा की दीदी पर भरोसा रखें.
ममता बनर्जी ने मतगणना और ईवीएम की निगरानी को लेकर अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि मजबूत बने रहें और काउंटिंग सेंटरों की आज से ही निगरानी शुरू कर दें. अगर जरूरत पड़ी तो मैं खुद भी निगरानी करने जाऊंगी. उन्होंने मतगणना में धांधली की आशंका जाहिर करते हुए कहा कि काउंटिंग के दौरान कार्यकर्ता अपनी टेबल को छोड़कर न जाएं और गिनती पूरी होने तक डटे रहें.
प्रशासन को चेतावनी देते हुए ममता ने कहा कि आपने बहुत खेल कर लिया है, अब मतगणना के दौरान किसी भी कार्यकर्ता या राजनीतिक दल को परेशान न करें. उन्होंने कहा कि बीजेपी के पास बहुत से बूथ पर एजेंट नहीं हैं, इसलिए वो केंद्रीय बलों को अपने एजेंट के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने बंगाली लोगों से अपील की कि बाहरियों का सपोर्ट न करें. बस बहुत हो चुका, ये बंगाल आपका नहीं है.
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