
प्रतीकात्मक तस्वीर
नई दिल्ली:
दिल्ली में डीज़ल टैक्सी चालकों को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिल पाई है। लिहाज़ा रविवार से दिल्ली-एनसीआर में डीजल वाली टैक्सियां नहीं चलेंगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक एक मई के बाद दिल्ली - एनसीआर में केवल सीएनजी लगी टैक्सियां ही चल सकेंगी। हालांकि यह आदेश ऑल इंडिया परमिट वाली टैक्सियों पर लागू नहीं है।
उच्चतम न्यायालय ने हरित उपकर के भुगतान पर दिल्ली पुलिस को 2000 सीसी या इससे अधिक सीसी के उसके 190 डीजल वाहनों के पंजीकरण की अनुमति भी दे दी है। कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड को भी डीजल चालित पानी के उसके नए टैंकरों का परिवहन प्राधिकरण में पंजीकरण कराने की अनुमति दी है। साथ ही डीजेबी को हरित उपकर के भुगतान से छूट दी गई है। इस मामले पर आज की सुनवाई खत्म हो गई है और अगली सुनवाई सोमवार 9 मई को होगी। वहीं दिल्ली-एनसीआर में 2000 सीसी से ज़्यादा की लक्ज़री डीज़ल गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर पाबंदी के खिलाफ कार निर्माताओं की अर्ज़ी पर कोर्ट ने कोई आदेश जारी नहीं किया है यानी फ़िलहाल रोक जारी है।
कोर्ट की नाराज़गी
इससे पहले प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने उस समय नाखुशी जताई थी जब सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने इस आधार पर सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया कि कोई भी विधि अधिकारी शनिवार को उपलब्ध नहीं होगा क्योंकि वे ओडिशा के कटक में एक सम्मेलन में जा रहे हैं। पीठ ने इस मामले को किसी अन्य शनिवार को सुनवाई के लिए स्थगित करने से इंकार करते हुए कहा था, ‘हमने गैरकामकाजी दिवस पर सुनवाई तय की और सभी पक्ष सहमत थे। हम इस पर कल विचार करेंगे। कल यहां किसी भी विधि अधिकारी से उपस्थित होने के लिए कहिए।’ पीठ ने सॉलिसिटर जनरल से कहा कि अदालत कक्ष में मौजूद अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह से उपस्थित होने के लिए कहिए।
उच्चतम न्यायालय ने हरित उपकर के भुगतान पर दिल्ली पुलिस को 2000 सीसी या इससे अधिक सीसी के उसके 190 डीजल वाहनों के पंजीकरण की अनुमति भी दे दी है। कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड को भी डीजल चालित पानी के उसके नए टैंकरों का परिवहन प्राधिकरण में पंजीकरण कराने की अनुमति दी है। साथ ही डीजेबी को हरित उपकर के भुगतान से छूट दी गई है। इस मामले पर आज की सुनवाई खत्म हो गई है और अगली सुनवाई सोमवार 9 मई को होगी। वहीं दिल्ली-एनसीआर में 2000 सीसी से ज़्यादा की लक्ज़री डीज़ल गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर पाबंदी के खिलाफ कार निर्माताओं की अर्ज़ी पर कोर्ट ने कोई आदेश जारी नहीं किया है यानी फ़िलहाल रोक जारी है।
कोर्ट की नाराज़गी
इससे पहले प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने उस समय नाखुशी जताई थी जब सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने इस आधार पर सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया कि कोई भी विधि अधिकारी शनिवार को उपलब्ध नहीं होगा क्योंकि वे ओडिशा के कटक में एक सम्मेलन में जा रहे हैं। पीठ ने इस मामले को किसी अन्य शनिवार को सुनवाई के लिए स्थगित करने से इंकार करते हुए कहा था, ‘हमने गैरकामकाजी दिवस पर सुनवाई तय की और सभी पक्ष सहमत थे। हम इस पर कल विचार करेंगे। कल यहां किसी भी विधि अधिकारी से उपस्थित होने के लिए कहिए।’ पीठ ने सॉलिसिटर जनरल से कहा कि अदालत कक्ष में मौजूद अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह से उपस्थित होने के लिए कहिए।
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