पुणे के ड्राइवरों ने अवैध बाइक टैक्सियों के बढ़ते चलन के खिलाफ पुणे से मुंबई तक पैदल मार्च किया और अब राज्य की राजधानी में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि ओला, उबर और रैपिडो जैसे एग्रीगेटर्स के किराये के ढांचे में पूरी पारदर्शिता लाई जाए और पारंपरिक ड्राइवरों के लिए उचित किराया सुनिश्चित किया जाए.
ड्राइवरों का कहना है कि एग्रीगेटर कंपनियां किस आधार पर किराया वसूल रही हैं और ड्राइवरों को क्या हिस्सा मिल रहा है, इसकी स्पष्ट जानकारी और सरकारी निगरानी होनी चाहिए. जब तक सरकार बाइक टैक्सियों पर प्रतिबंध को लागू नहीं करती और समान मूल्य निर्धारण सुनिश्चित नहीं करती, तब तक मुंबई में ड्राइवरों ही हड़ताल जारी रहेगी.
बाइक टैक्सी का विरोध
ड्राइवरों का तर्क है कि अवैध बाइक टैक्सियों के कारण उनके व्यवसाय को भारी नुकसान हो रहा है, क्योंकि एग्रीगेटर कंपनियां नियमों का उल्लंघन कर कम दरों पर सेवाएं दे रही हैं. वर्तमान में ओला और उबर जैसी कंपनियां कितना कमीशन काट रही हैं, इसमें ड्राइवरों को स्पष्टता नहीं मिलती. वे मांग कर रहे हैं कि सरकार इन एग्रीगेटर्स के एल्गोरिदम और मूल्य निर्धारण पर कड़ी निगरानी रखे.
महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर आईपीएस अधिकारियों के तबादले
महाराष्ट्र सरकार ने आईपीएस अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं. इस प्रशासनिक फेरबदल में कई जिलों के एसपी और डीसीपी की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है. सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जगहों पर तैनात किया गया है. जारी आदेश के अनुसार तुषार दोशी, जो अब तक सातारा के एसपी थे, उन्हें स्थानांतरित कर सांगली का एसपी नियुक्त किया गया है. वहीं निखिल पिंगळे, जो पुणे में पुलिस उप आयुक्त के पद पर कार्यरत थे, उन्हें सातारा जिले का एसपी बनाया गया है. महेश्वर रेड्डी को जळगांव के एसपी द से हटाकर सीआईडी, पुणे में स्थानांतरित किया गया है. वहीं श्रीकांत दिवरे को धुले से जळगांव का एसपी बनाया गया है.
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