- प्रधानमंत्री ने कहा, दशहरा संकट के वक्त धैर्य की जीत का भी प्रतीक
- बाजार में खरीदारी के वक्त स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की वकालत की
- पीएम मोदी 31 अक्टूबर को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के कार्यक्रम में शामिल होंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने देशवासियों से त्योहार में सैनिकों के लिए घर में एक दिया जलाने की अपील की है. रविवार को विजयादशमी (Dussehra) के अवसर पर मन की बात (Mann ki Baat) कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि देशवासी मर्यादा और संयम के साथ त्योहार मना रहे हैं, ऐसे में विजय सुनिश्चिचित है. उन्होंने दशहरे को संकट पर धैर्य से जीत का पर्व बताया.
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प्रधानमंत्री ने कहा, हमें घर में एक दिया भारत माता के इन वीर बेटे-बेटियों के लिए जलाना है. जवानों के लिए पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा, आप भले ही सीमा पर हैं, लेकिन पूरा देश आपके साथ है. मैं उन परिवारों के त्याग को भी नमन करता हूं, जिनके बेटे-बेटियां सीमा पर हैं. जो व्यक्ति देश की किसी जिम्मेदारी को लेकर घर से दूर हैं. मैं हृदय से उनका आभार प्रकट करता हूं.
मर्यादा और संयम के साथ मनाएं त्योहार
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले दुर्गा पूजा के अवसर पर बड़े-बड़े पंडाल लगते थे. दशहरे के अवसर पर भी रामलीला के आयोजन में भी कुछ बंदिशें लगी हैं. नवरात्र में भी मंदिरों पर भी भारी भीड़ रहती थी, लेकिन इस बार सबने संयम बरता है. अभी आगे और पर्व आने वाले हैं, जिनमें ईद, बाल्मीकि जयंती, शरद पूर्णिमा, दीपावली, धनतेरस, छठी मइया की पूजा और गुरु नानक जयंती भी है, लेकिन हमें मर्यादा में रहना है.
बाजार में स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें
पीएम ने कहा, जब त्योहार आता है तो मन में सबसे पहले ख्याल आता है कि बाजार कब जाना है. लेकिन बाजार जाते समय वोकल फॉर लोकल का ध्यान रखना है. हमें स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी है. त्योहारों के इस हर्षोल्लास के समय में हमें लॉकडाउन का भी याद करना चाहिए. उस दौरान हमने उन साथियों को जाना है, जिनके बिना हमारी जिंदगी मुश्किल हो जाती. पुलिसकर्मी, सफाईकर्मी, दूध-अखबार वाले, घरेलू सहायकों को भी त्योहार की खुशी में शामिल कीजिए.
खादी में वैश्विक ब्रांड बनने की क्षमता
मोदी ने कहा, आज जब वोकल फॉर लोकल हो रहे हैं. दुनिया भी हमारे स्थानीय उत्पादों की फैन हो रही है. हमारे कई लोकल प्रोडक्ट में ग्लोबल होने की शक्ति है, जैसे खादी, खादी लंबे समय तक सादगी की पहचान रही है. लेकिन आज यह इको फ्रैंडली पोशाक के तौर पर जानी जाती है. स्वास्थ्य की दृष्टि से यह बॉडी फ्रैंडली है. यह फैशन का बड़ा ब्रांड बन चुकी है. दुनिया में कई जगह खादी बनाई जा रही है. मैक्सिको के गांव ओहाका की खादी प्रसिद्ध हो चुकी है. मैक्सिको के एक युवा मार्क ब्राउन महात्मा गांधी से प्रभावित होकर अहसास हुआ कि खादी एक कपड़ा ही नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता के साथ एक जीवनपद्धति भी है. आज ओहाका खादी ब्रांड बन चुका है.
विषम हालातों में सेंस ऑफ ह्यूमर बेहद जरूरी
मोदी ने सरदार पटेल को भी याद करते हुए कहा कि लौह पुरुष होने के साथ उनका सेंस ऑफ ह्यूमर गजब का था. प्रधानमंत्री ने कहा, "बापू ने सरदार पटेल के बारे में कहा था - उनकी विनोदपूर्ण बातें मुझे इतना हंसाती थी कि पेट में बल पड़ जाते थे. ऐसा दिन में कई-कई बार होता था, बहुत कम लोग मिलेंगे जिनके व्यक्तित्व में एक साथ कई सारे तत्व मौजूद हों - वैचारिक गहराई, नैतिक साहस, राजनैतिक विलक्षणता, कृषि क्षेत्र का गहरा ज्ञान और राष्ट्रीय एकता के प्रति समर्पण भाव." पीएम मोदी 31 अक्टूबर को केवड़िया में ऐतिहासिक Statue of Unity पर हो रहे कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे.
इनोविटव काम कर रही संस्थाओं को सराहा
प्रधानमंत्री ने कहा, एक संस्था ‘पुस्तक परब' है, जो साहित्यिक पुस्तकों के साथ ही दूसरी किताबें निशुल्क उपलब्ध कराती है. इस library में आध्यात्मिक, आयुर्वेदिक उपचार, और कई अन्य विषयों से सम्बंधित पुस्तकें भी शामिल हैं. गुजरात के भावनगर की एक संस्था ‘विकास वर्तुल ट्रस्ट'. प्रतियोगी परीक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए 5,000 पुस्तकों के साथ 140 से अधिक magazine उपलब्ध कराती है. चंडीगढ़ में एक NGO चलाने वाले संदीप कुमार ने एक mini van में mobile library बनाई है, मध्य प्रदेश के सिंगरौली की शिक्षिका उषा दुबे ने तो scooty को ही mobile library में बदल दिया.
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