पंचकूला नगर निगम के FD घोटाले में अब नया मोड़ आ गया है. पंचकूला स्थित कोटक महिंद्रा बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की ब्रांच के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. कैथल में भी दोनों बैंक के बाहर पुलिसकर्मीियों की तैनाती रही. दरअसल, हरियाणा पुलिस और ACB की जांच के दौरान दोनों बैंकों के कर्मचारियों ने जांच में सहयोग नहीं किया. इसके बाद पुलिस ने कर्मचारियों को ब्रांच का ताला नहीं खोलने दिया. बैंक स्टाफ बाहर खड़ा रहा और अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई.
क्या है पूरा मामला
मामला पंचकूला नगर निगम के साथ हुए 160 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट घोटाले से जुड़ी है. ACB ने पहले बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव को गिरफ्तार किया था. जांच में फर्जी FD रिपोर्ट और गलत ट्रांसफर के सबूत मिले थे. आरोप है कि दिलीप ने मुख्य आरोपी के साथ मिलकर निगम को फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से संबंधित झूठी रिपोर्ट भेजी थीं. फिर बैंक कर्मचारियों ने फर्जी कागज के जरिए एफडी के नगर निगम का पैसा फर्जी खातों में ट्रांसफर किया
निगम ने बैंक के खिलाफ दर्ज कराई थी एफआईआर
मामला तब खुला, जब निगम ने एफडी की मैच्योरिटी राशि खाते में ट्रांसफर करना चाही. बैंक स्टेटमेंट में राशि तो ट्रांसफर दिखाई गई, लेकिन पैसा खाते में नहीं पहुंचा. पुलिस अब दोनों बैंकों से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त करने की प्रक्रिया में है. नगर निगम ने बैंक के खिलाफ FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. साथ ही हरियाणा सरकार को बैंक को डी-इंपैनल करने का पत्र भी लिखा गया है.
(इनपुटः उमंग सिंह श्योरान और सुनील रवीश)
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