- केंद्र सरकार ने NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन का निर्णय लिया है
- संसद में पेपर लीक रोकने हेतु गैर-जमानती धाराओं और भारी जुर्माने वाला कड़ा कानून पेश किया जाएगा
- उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर प्रशासनिक जवाबदेही तय की गई है
NEET UG परीक्षा में पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों तथा युवा संगठनों के विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने पिछले 24 घंटों में कई बड़े और अभूतपूर्व फैसले किए हैं.सरकार का यह कदम आंदोलनकारी छात्रों को शांत करने और देश की परीक्षा प्रणाली में खोए हुए विश्वास को बहाल करने का एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है.
गुरुवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का ऐलान किया. पेपर लीक मामलों की सुनवाई में होने वाली देरी को खत्म करने के लिए सरकार ने विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्णय किया है. इसके तहत दोषियों और माफियाओं को बिना किसी न्यायिक विलंब के त्वरित और सख्त सजा दिलाई जाएगी.
इसके बाद गुरुवार रात को पीएम मोदी ने संसद में नया सख्त कानून लाने की घोषणा की. आज कैबिनेट ने इसे मंजूरी भी दे दी. केंद्र सरकार मौजूदा मॉनसून संसद सत्र में पेपर लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए बेहद कड़ा विधेयक पेश करेगी. इस कानून के तहत आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं और भारी जुर्माने का कड़ा प्रावधान होगा. सजा बढ़ा कर दस साल की जाएगी और जुर्माना दस करोड़ तक होगा. साथ ही, फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट को लीगल बैकिंग भी दी जाएगी. वे हर रोज़ मामले की सुनवाई करेंगी और तीन महीने में फैसला देंगी.
सरकार ने कल रात उच्च शिक्षा सचिव का तबादला भी कर दिया. जवाबदेही तय करने की कड़ी में केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है. शिक्षा मंत्रालय में शीर्ष स्तर पर हुआ यह बदलाव छात्रों के बढ़ते दबाव का नतीजा है.
साथ ही मोदी सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे नहीं करने का फैसला किया है. छात्रों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए गृह मंत्रालय ने निर्देश जारी किया है कि शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज करा रहे छात्रों और अभ्यर्थियों के खिलाफ पुलिस कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं करेगी. सीजेपी के नेताओं से बातचीत में सरकार ने उन्हें यह जानकारी दे दी है.
इनके अलावा पीड़ित परिवारों को मुआावजा देने का फैसला किया गया है. नीट पेपर लीक के कारण पैदा हुए मानसिक तनाव और अवसाद के चलते आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार ने उन्हें उपयुक्त वित्तीय मुआवजा देने का ऐलान किया है.इन फैसलों के बावजूद, कई छात्र संगठनों का कहना है कि वे परीक्षा प्रणाली में ठोस और स्थायी बदलाव होने तक अपनी नजर बनाए रखेंगे.
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