गणेश चतुर्थी पर राजस्थान की राजधानी जयपुर सहित राज्य के सभी प्रमुख गणेश मंदिरों में विशेष सजावट और पूजा की गई तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन एवं पूजा करने पहुंचे. राजधानी जयपुर के प्रसिद्ध और मुख्य मोती डूंगरी गणेश मंदिर में रविवार से ही श्रद्धालु आने लगे थे. रविवार को सिंजारा में मेहंदी लेने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. सुबह पांच बजे मंगला आरती के साथ दर्शन शुरू हुए.
लोग इतनी बड़ी संख्या में जुट रहे हैं कि इसका सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है. सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि युवा शादी और रोजगार की मनोकामना लिए मंदिर आ रहे हैं.
सोमवार को मंदिरों में विशेष सजावट और पूजा की गई. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी सोमवार को मोती डूंगरी मंदिर में भगवान श्री गणेश के दर्शन किए. इस दौरान उन्होंने मंदिर में पत्नी के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी के पर्व की शुभकामनाएं दी. मुख्यमंत्री ने कामना की कि विघ्नहर्ता-मंगलकर्ता भगवान श्री गणेश जी की कृपा से सभी प्रदेशवासियों के जीवन में खुशहाली और सुख समृद्धि आए.
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी मोती डूंगरी स्थित गणेश मंदिर पहुंच कर गणेश चतुर्थी पर पूजा-अर्चना की.
जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर में सिंधारा रस्म के लिए जुटे अविवाहित युवा
बीते दिन मोती डूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी से पहले सिंधारा (सिंजारा) रस्म के लिए बड़ी संख्या में अविवाहित लाइन में लगने लगे हैं. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है. सिंधारा जयपुर की पुरानी परंपरा है. जहां जन्म होने या शादी होने पर नए वस्त्र और मेहंदी चढ़ाई जाती है.
मंदिर के पुजारी अभिषेक शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में सिंधारा रस्म शाम 6:30 बजे से मनाया जाएगा. आज शाम भगवान को नई पोशाक और मुकुट धारण कराया जाएगा. इसके बाद प्रसाद रूपी मेहंदी वितरण की जाएगी. भगवान को चढ़ाए जाने के बाद मेहंदी भक्तजनों को दी जाती है."
अभिषेक शर्मा ने बताया कि मान्यता है कि मेहंदी सिधारे पर भक्त जो भी मनोकामना लेकर आते हैं, वह पूरी हो जाती है. मेहंदी का संबंध विवाह से होता है, इसलिए जो विवाह करने की सोच रहे हैं और जिनका विवाह काफी समय से नहीं हुआ है और जो विवाह योग्य हैं, अगर वे हाथों पर ये मेहंदी रचाते हैं, तो माना जाता है कि एक वर्ष के अंदर विवाह संपन्न हो जाता है. आज का असली प्रसाद मेहंदी ही है. ऐसे में हम लोग जितनी मेहंदी बांट सकते हैं, उतनी बांटने की कोशिश की है.
8 जगहों पर मेहंदी बांटी जाएगी
मंदिर के पुजारी ने बताया कि 3500 किलो मेहंदी आई है. देखा जा सकता है कि दर्शनार्थियों का तांता लगा हुआ है. 8 जगहों पर मेहंदी बांटी जाएगी. ऐसे में हमारी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को बांटी जाए.
14 सितंबर को गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी. देशभर में इसकी तैयारी धूमधाम से की जा रही है. इस दिन गणपति स्थापना सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक करना शुभ रहेगा. गणेश चतुर्थी से गणेश उत्वस का शुभारंभ होता है और अनंत चतुर्दशी के दिन इस पर्व का समापन होता है. सुख, शांत-समृद्धि और जीवन के संकट से दूर होने के लिए भगवान गणेश की पूजा की जाती है.
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