मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम BRICS समिट के लिए भारत में हैं. उन्होंने NDTV को कन्फर्म किया है कि नई दिल्ली में हुई बातचीत के दौरान भगोड़े जाकिर नाइक के एक्सट्रैडिशन का मुद्दा उठा था. इब्राहिम ने NDTV को बताया कि प्राइवेट बातचीत में बेशक, ये बातचीत हुई है. उन्होंने आगे कहा, "हमने सोचा कि हमें दोनों देशों के हितों की रक्षा के लिए इसे बहुत प्राइवेट रखना चाहिए. लेकिन, हमने, बेशक, इसे अपने देशों के बीच भरोसा और रिश्ते बनाने के लिए प्रायोरिटी लिस्ट में रखा है."
हालांकि, एक्सट्रैडिशन के मुद्दे पर अनवर इब्राहिम ने कहा कि मलेशिया को कानून का राज पक्का करने की जरूरत है. उन्होंने कहा, "हमें इसकी (एक्सट्रैडिशन की मांग) कुछ समझ है लेकिन हमें इसे बहुत सावधानी से करने की जरूरत है."
जाकिर नाइक मलेशिया में परमानेंट रेजिडेंट के तौर पर रह रहा है. जबकि मनी लॉन्ड्रिंग और हेट स्पीच के आरोपों में भारत में वांटेड भगोड़ा बना हुआ है.
नाइक 2016 में मलेशिया चला गया था, जब भारतीय अधिकारियों ने उसके और उसके नेटवर्कके खिलाफ जांच शुरू की थी. इसमें इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन और पीस टीवी शामिल हैं. इसके बाद में उसे परमानेंट रेजिडेंसी दे दी गई थी.
इंडोनेशिया क्या कहता है?
भारत ने फॉर्मल तौर पर उसके एक्सट्रैडिशन की रिक्वेस्ट की है, लेकिन मलेशिया का कहना है कि वह तभी कानूनी तरीकों से सहयोग करेगा जब ठोस और भरोसेमंद सबूत दिए जाएंगे. इंटरपोल ने पहले भी उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी करने से मना कर दिया था, यह कहते हुए कि उसके पास काफी सबूत नहीं हैं.
नाइक मलेशिया के लिए शर्मिंदगी की वजह रहा है. 2019 में, चीनी और भारतीय माइनॉरिटी के बारे में नस्लीय रूप से सेंसिटिव कमेंट्स के बाद उसे मलेशिया में बड़े पैमाने पर पब्लिक और पॉलिटिकल रिएक्शन का सामना करना पड़ा. इसके बाद में उसने इन कमेंट्स के लिए मलेशिया के लोगों से माफी मांगी और मलेशिया के अधिकारियों ने उसे कुछ समय के लिए कई राज्यों में पब्लिक में बोलने से रोक दिया.
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