- 16,580 फीट की ऊंचाई पर बर्फीली चोटी, शिंकुला दर्रे की खूबसूरती देखिए
- ग्लेशियर, बर्फ और रोमांच... शिंकुला पास पहुंचने वालों का सपना हो रहा पूरा
- हिमाचल का यह दर्रा बना बाइक राइडर्स की पसंदीदा मंजिल
चारों तरफ बर्फ से ढके पहाड़, दूर तक फैले ग्लेशियर और हिमालय की ऊंची पर्वत श्रृंखलाएं. हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में स्थित शिंकुला दर्रा इन दिनों पर्यटकों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है. समुद्र तल से 16,580 फीट की ऊंचाई पर मौजूद यह दर्रा न केवल प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत नजारा पेश करता है, बल्कि रोमांच के शौकीनों के लिए भी खास आकर्षण बना हुआ है. यहां पहुंचने वाले पर्यटक और बाइक राइडर्स इस बर्फीले सफर को यादगार अनुभव के रूप में अपने साथ लेकर लौट रहे हैं. NDTV की टीम भी यहां पहुंची और पर्यटकों से उनके अनुभव के बारे में जाना. लेकिन पहले जानिए यहां के रोमांच और नजारों के बारे में.
शिंकुला दर्रे में बर्फ, ग्लेशियर और रोमांच का संगम
NDTV की टीम जब हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में स्थित शिंकुला दर्रा पहुंची तो यह देखा कि इन दिनों यहां बर्फीले नजारे पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं. समुद्र तल से 16,580 फीट की ऊंचाई पर मौजूद यह दर्रा चारों ओर बर्फ से ढकी पर्वत श्रृंखलाओं और विशाल ग्लेशियरों से घिरा हुआ है. यहां पहुंचने वाले पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता को निहारने के साथ-साथ इस अनूठे अनुभव को अपने कैमरों में भी कैद कर रहे हैं. शिंकुला का रास्ता जितना खूबसूरत है, उतना ही रोमांचक भी माना जाता है. दुर्गम पहाड़ी मार्गों से होते हुए जब यात्री इस दर्रे तक पहुंचते हैं तो उनके सामने हिमालय का भव्य स्वरूप दिखाई देता है, जो उन्हें लंबे समय तक याद रहता है.

शिंकुला पास पर्यटकों को कर रहा है आकर्षित
पर्यटकों के सपनों की मंजिल बना शिंकुला
दर्रे पर पहुंचने वाले पर्यटकों के चेहरों पर उत्साह साफ देखा जा सकता है. कोई तस्वीरें लेने में व्यस्त है तो कोई अपने सफर की वीडियो बना रहा है. कई पर्यटकों के लिए यह वर्षों पुराना सपना पूरा होने जैसा अनुभव है.
इसी तरह ऊना के बाइकर अभिजीत ने कहा कि यहां की वादियों को देखकर वह बेहद खुश हैं और अब वह शिंकुला से होते हुए लेह की यात्रा पर आगे बढ़ रहे हैं. पर्यटक फरहान आलम ने बताया कि वह पहले मनाली तक आ चुके हैं, लेकिन इस बार उनकी इच्छा शिंकुला दर्रे तक पहुंचने की थी, जो अब पूरी हो गई है.

व्यू का आनंद लेते हुए पर्यटक
बाइक राइडर्स के बीच बेहद लोकप्रिय है यह मार्ग
शिंकुला दर्रा एडवेंचर पर्यटन का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. खासकर बाइक राइडर्स के बीच इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. बड़ी संख्या में राइडर्स यहां कुछ समय बिताने के बाद लेह और लद्दाख की ओर आगे बढ़ते हैं. लाहौल-स्पीति को जांस्कर क्षेत्र से जोड़ने वाला यह मार्ग हिमालयी साहसिक पर्यटन के महत्वपूर्ण रूट्स में शामिल माना जाता है. गर्मियों और सड़क खुलने के मौसम में देशभर से हजारों पर्यटक और बाइक प्रेमी यहां पहुंचते हैं.

16 हजार फीट की ऊंचाई पर पर्यटकों की मस्ती
मौसम और ऑक्सीजन की चुनौती भी कम नहीं
शिंकुला दर्रे की खूबसूरती जितनी आकर्षक है, यहां की चुनौतियां भी उतनी ही गंभीर हैं. समुद्र तल से अत्यधिक ऊंचाई पर होने के कारण यहां ऑक्सीजन का स्तर सामान्य क्षेत्रों की तुलना में काफी कम होता है.
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर आगे की चढ़ाई जारी रखने के बजाय तुरंत आराम करने और जरूरत पड़ने पर नीचे उतरकर चिकित्सकीय मदद लेने की सलाह दी जाती है.
तेजी से बदलता है मौसम
शिंकुला दर्रा हिमालय के अत्यधिक ठंडे और दुर्गम क्षेत्रों में शामिल है. यहां मौसम तेजी से बदल सकता है. बर्फबारी और तेज ठंडी हवाओं के कारण तापमान अचानक गिर सकता है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए मौसम की जानकारी को लेकर अपडेट रहने की सलाह दी जाती है.
यह भी पढ़ें : चकराता छोड़ इस हिल स्टेशन का रुख कर रहे पर्यटक, दिल्ली से साढ़े 6 घंटे दूर है ये बर्फीली वादियां
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं