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'सुप्रीम लीडर पूरी तरह स्वस्थ पर पब्लिक में नहीं आ सकते' ईरानी राजनयिक ने NDTV वर्ल्ड समिट में किया बड़ा दावा

NDTV World Summit में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि अयातुल्लाह अली खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं और सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं. उन्होंने भारत-ईरान संबंधों, मिडिल ईस्ट में शांति और हालिया हमलों पर भी अपनी बात रखी.

'सुप्रीम लीडर पूरी तरह स्वस्थ पर पब्लिक में नहीं आ सकते' ईरानी राजनयिक ने NDTV वर्ल्ड समिट में किया बड़ा दावा

NDTV वर्ल्ड समिट के एक खास सत्र में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि और सीनियर डिप्लोमैट डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की सेहत को लेकर चल रही तमाम अफवाहों पर पूर्णविराम लगा दिया है. उन्होंने साफ किया कि सुप्रीम लीडर बिल्कुल ठीक हैं, अपना सारा काम खुद देख रहे हैं और हाल ही में उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति के साथ सात घंटे तक लंबी मुलाकात की है.डॉ. इलाही ने ये दावा भी किया कि पिछले दिनों जब वे ईरान गए थे तो खुद ही सुप्रीम लीडर से अच्छी मुलाकात की है....वो अपना सारा काम नियमित तौर पर कर रहे हैं लेकिन सुरक्षा चिंताओं की वजह से मीडिया में सामने नहीं आ रहे हैं. इसके साथ ही ईरानी लीडर ने भारत को न्याय, दया और ज्ञान की धरती बताते हुए मिडिल ईस्ट में शांति लाने के लिए भारत के रोल को बहुत बड़ा बताया.

सुप्रीम लीडर बिल्कुल ठीक और एक्टिव हैं

दरअसल डॉ इलाही से पूछा गया था कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर दुनिया भर में कई तरह की अफवाहें हैं. कहा जा रहा है कि वह हालिया हमलों में गंभीर रूप से घायल हुए हैं. सच्चाई क्या है? इसी के जवाब में डॉ. इलाही ने सुप्रीम लीडर की सेहत को लेकर फैलाई जा रही खबरों को पूरी तरह गलत बताया. उन्होंने कहा कि सुप्रीम लीडर की सेहत काफी अच्छी है और वे बहुत एक्टिव होकर अपना काम कर रहे हैं.

डिप्लोमैट ने यह भी दावा किया कि वे खुद हाल ही में सुप्रीम लीडर से मिलकर आए हैं. डॉ. इलाही ने बताया कि सुप्रीम लीडर ने ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ लगातार सात घंटे तक मुलाकात की और सभी जरूरी मुद्दों पर बात की. हालांकि सुरक्षा वजहों से वे मीडिया के सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन वे लोगों के प्रदर्शनों में शामिल हो रहे हैं और हाल ही में उन्होंने अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी हिस्सा लिया है.

 हमलों का दर्द और मासूम बच्चों की मौत

अपने भाषण के दौरान डॉ. इलाही ने देश पर हुए हमलों का दर्द बयां करते हुए कहा कि 28 फरवरी को उनके देश पर हमला हुआ था. उन्होंने सीधे तौर पर अमेरिका का नाम तो नहीं लिया, लेकिन गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे स्कूलों पर हमले किए गए जिसमें कई मासूम बच्चे मारे गए. उन्होंने भावुक होकर कहा कि हालात ऐसे हैं कि अभी तक हमें कई बच्चों के शव भी नहीं मिल पाए हैं और उनके माता-पिताओं का रो-रोकर बुरा हाल है क्योंकि उनके पास कोई कब्र तक नहीं है जहां जाकर वे रो सकें. उन्होंने नाराजगी जताई कि प्राइमरी स्कूल पर हुए इस हमले के लिए अमेरिका ने अभी तक कोई माफी भी नहीं मांगी है.

भारत और ईरान की 5000 साल पुरानी दोस्ती

ईरानी डिप्लोमैट ने भारत और ईरान के पुराने रिश्तों पर दिल खोलकर बात की. उन्होंने कहा कि ईरान और भारत के बीच 5000 साल पुरानी गहरी दोस्ती है और हम दोनों देश एक जैसी संस्कृति को शेयर करते हैं. डॉ. इलाही ने कहा कि उन्हें भारत में रहकर बिल्कुल भी अलग महसूस नहीं होता और ऐसा लगता है कि वे अपने ही देश में रह रहे हैं. कई बार तो यहां के लोगों को देखकर यह फर्क करना मुश्किल हो जाता है कि ये भारतीय हैं या ईरानी. उन्होंने कहा कि भारतीय बहुत शानदार और वफादार लोग हैं और ईरान भारत का बहुत सम्मान करता है.

मिडिल ईस्ट में शांति ला सकता है भारत

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच डॉ. इलाही ने भारत की ताकत पर बड़ा भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि भारत मिडिल ईस्ट में शांति लाने की कोशिश कर रहा है और इसमें भारत का बहुत बड़ा रोल है. ब्रिक्स का एक मुख्य सदस्य होने की वजह से भारत की जिम्मेदारी भी बहुत बड़ी हो जाती है. उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत इस पूरे मामले में दखल देकर शांति लाने में मदद कर सकता है और जल्द ही यह पूरा क्षेत्र शांति के रास्ते पर लौट आएगा.
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