- बाड़मेर में HPCL Rajasthan Refinery की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट के पास आग लगने की घटना की उच्चस्तरीय जांच शुरू
- केंद्र सरकार की वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की टीम आग की घटना की जांच के लिए बाड़मेर पहुंच चुकी है
- प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तावित रिफाइनरी उद्घाटन कार्यक्रम को आग लगने के कारण स्थगित कर दिया गया है
राजस्थान के बाड़मेर में HPCL Rajasthan Refinery Ltd (HRRL) रिफाइनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट के पास हुई दुर्भाग्यपूर्ण आग की घटना की हाई‑लेवल जांच शुरू कर दी गई है. इस हादसे की जांच के लिए केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय टीम राजस्थान पहुंच चुकी है. पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने इस हादसे को लेकर कहा कि राजस्थान में पेट्रोकेमिकल प्लांट में हुई दुर्घटना की जांच के लिए मंत्रालय ने एक टीम गठित की है और यह टीम बाड़मेर पहुंच चुकी है. उन्होंने साफ किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मंत्रालय की ओर से आगे की जानकारी साझा की जाएगी.
आग की घटना के बाद पीएम का प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित
इससे पहले सोमवार को पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा था कि HRRL रिफाइनरी में क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट के पास हुई दुर्भाग्यपूर्ण आग की घटना के चलते प्रधानमंत्री द्वारा 21 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित रिफाइनरी उद्घाटन कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है. मंत्रालय ने यह भी बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है और इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है. पीएम मोदी को मंगलवार, 21 अप्रैल को ही राजस्थान के बालोतरा ज़िले के पचपदरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी‑सह‑पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को राष्ट्र को समर्पित करना था, लेकिन आग की इस घटना के चलते उनका दौरा टालना पड़ा. पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, उद्घाटन की नई तिथि की घोषणा जल्द की जाएगी.
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HRRL रिफाइनरी परियोजना: क्षमता, निवेश और तकनीकी खूबियां
पीएम कार्यालय के मुताबिक, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम के तौर पर विकसित इस ग्रीनफील्ड रिफाइनरी‑सह‑पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की सालाना उत्पादन क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन है और इस परियोजना पर कुल 79,450 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है. एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की मदद से तैयार इस state‑of‑the‑art परिसर की पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता 2.4 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है. पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, इस रिफाइनरी का नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 17.0 है, जो इसे उच्च तकनीकी श्रेणी की रिफाइनरी बनाता है.
ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास के लिए अहम है यह परियोजना
नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स एक अंतरराष्ट्रीय मानक है, जो यह दर्शाता है कि कोई रिफाइनरी साधारण कच्चे तेल से कितने उच्च मूल्य के उत्पाद जैसे पेट्रोल और डीजल बनाने में सक्षम है. पीएमओ के मुताबिक, यह पेट्रोकेमिकल परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और औद्योगिक विकास को गति देने में मददगार साबित होगी. इसके साथ ही बालोतरा ज़िले और आसपास के क्षेत्रों में पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक पार्क के विकास के लिए यह एक एंकर इंडस्ट्री की भूमिका निभाएगी.
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