Rajasthan Pachpadra Refinery Plant: राजस्थान के बालोतरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी बन रही है. इसकी सालाना क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन (9 MMTPA) होगी. पर क्या आप जानते हैं कि ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड रिफाइनरी में क्या अंतर होता है और ग्रीनफील्ड रिफाइनरी की इतनी चर्चा क्यों है.
ऐसे देश जो बदल चुके हैं अपना नाम, तीसरे वाले ने अमेरिका की नाक में दम कर दिया है
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड में अंतर
ग्रीनफील्ड योजना को पूरी तरह से खाली जमीन पर शुरू किया जाता है. जहां पहले से कुछ नहीं बना होता. यानी यहां पहले से फैक्ट्री, बिल्डिंग आदि नहीं होती. यही कारण है कि डिजाइन आदि के अनुरूप यहां काम करने में परेशानी नहीं होती है. यह खाली जमीन पर शुरू होता है. इसे शुरुआत से ही भविष्य को ध्यान में रखकर पर्यावरण फ्रेंडली बनाया जाता है.
AI Facts: क्या आप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में ये 10 बातें जानते हैं?
वहीं, ब्राउनफील्ड परियोजना वह होती है जहां पहले से कोई काम हो रहा हो. या जमीन उपयोग में आई हो. जैसे कोई पुराना उद्योग हो, या फैक्ट्री हो आदि हो. यहां पुर्ननिर्माण किया जाता है. यह विकसित जमीन पर होता है.
क्यों चर्चा में है राजस्थान की ग्रीनफील्ड रिफाइनरी
यह देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी है. यह हर साल 90 लाख टन कच्चे तेल को प्रोसेस करेगी. यानी इस रिफाइनरी में इतना तेल प्रोसेस हो सकेगा, जो हर दिन देश की लाखों कारों की टंकी को फुल करने के लिए काफी होगा. ये रिफाइनरी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और राजस्थान सरकार मिलकर तैयार कर रहे हैं.
क्या आप जानते हैं LPG, PNG, CNG, LNG का फुलफॉर्म, एक-दूसरे से कितना अलग होती हैं ये GAS
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं