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गुफाओं की खोज जान पर बन आई! मालदीव में इटली के पांचों पर्यटकों की मौत कैसे हुई? हादसे की वजह अब भी साफ नहीं

यह घटना मालदीव में अब तक की सबसे बड़ी एकल स्कूबा डाइविंग दुर्घटनाओं में से एक मानी जा रही है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, ये पांचों इतालवी गोताखोर गुरुवार सुबह पानी में उतरे थे, लेकिन बाद में सतह पर वापस नहीं आए.

गुफाओं की खोज जान पर बन आई!  मालदीव में इटली के पांचों पर्यटकों की मौत कैसे हुई? हादसे की वजह अब भी साफ नहीं
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  • मालदीव में पांच इतालवी पर्यटक गुफाओं की खोज करते समय ५० मीटर गहराई पर स्कूबा डाइविंग दुर्घटना का शिकार हुए
  • मृतकों में जेनोआ विश्वविद्यालय की प्रोफेसर मोनिका मोंटेफाल्कोने, उनकी बेटी और दो शोधकर्ता शामिल हैं
  • खराब मौसम और समुद्र में तेज धाराओं के कारण डाइविंग के दौरान दुर्घटना की आशंका जताई जा रही है
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नई दिल्ली:

मालदीव में स्कूबा डाइविंग के दौरान गुफाओं की खोज करने के दौरान हादसे का शिकार हुए इटली के पांच पर्यटकों की खबर हैरान कर रही है. इटली के विदेश मंत्रालय का कहना है कि सभी पांचों पर्यटक 50 मीटर (164 फीट) गहराई में गुफाओं की खोज करने की कोशिश कर रहे थे, तभी ये हादसा हुआ. मारे गए लोगों में से चार यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोआ की टीम से जुड़े थे, जिनमें इकोलॉजी की प्रोफेसर मोनिका मोंटेफाल्कोने, उनकी बेटी और दो शोधकर्ता (रिसर्चर्स) शामिल थे. अभी तक ये नहीं साफ हो पाया कि इन पांचों की मृत्यु का मुख्य कारण क्या था?

खराब मौसम के चलते अलर्ट भी जारी हुआ था

इटली के विदेश मंत्रालय ने बताया कि जिस "ड्यूक ऑफ यॉर्क" यॉट से यह गोताखोर गए थे, उस पर मौजूद अन्य 20 इतालवी नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें श्रीलंका (कोलंबो) स्थित इतालवी दूतावास की मदद मिल रही है.यॉट फिलहाल मौसम सुधरने का इंतजार कर रही है, जिसके बाद वह मालदीव की राजधानी माले वापस लौटेगी.

यह घटना मालदीव में अब तक की सबसे बड़ी एकल स्कूबा डाइविंग दुर्घटनाओं में से एक मानी जा रही है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, ये पांचों इतालवी गोताखोर गुरुवार सुबह पानी में उतरे थे, लेकिन बाद में सतह पर वापस नहीं आए. जिस डाइविंग वेसल से ये गए थे, उसके क्रू ने गोताखोरों के वापस न लौटने पर उन्हें लापता घोषित कर दिया. पुलिस ने बताया कि घटना के समय समुद्र में खराब मौसम था. यह स्थान राजधानी माले से करीब 100 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है. इसके चलते यात्री नावों और मछुआरों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया था.

हादसे की वजह अब भी साफ नहीं

इस हादसे के कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन डाइव मास्टर मॉरिजियो यूरास ने अंदाजा जताया है कि इसमें “ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी” (ऑक्सीजन का जहरीला प्रभाव) एक वजह हो सकती है. उन्होंने इटली की समाचार एजेंसी AGI से कहा कि यह एक ऐसी स्थिति है जो बहुत गहराई में डाइव करने के दौरान हो सकती है. अगर ऑक्सीजन का मिश्रण (mix) सही नहीं हो, तो कुछ गहराई पर ऑक्सीजन शरीर के लिए ज़हरीली हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि  मौसम की स्थिति भी एक अहम कारक होती है और यह ध्यान रखना होगा कि हिंद महासागर, भूमध्य सागर (Mediterranean) की तरह शांत नहीं है.

यूरास के मुताबिक,हिंद महासागर में तेज धाराएं (strong currents) होती हैं,जो गोताखोरों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर खींच सकती हैं,
और यह एक गंभीर खतरा है.हालांकि मालदीव में डाइविंग और स्नॉर्कलिंग हादसे बहुत सामान्य नहीं हैं, लेकिन हाल के वर्षों में कुछ घटनाएं सामने आई हैं.पिछले दिसंबर, एल्लैधू द्वीप के पास एक ब्रिटिश महिला गोताखोर की मौत हो गई थी.उनके पति की भी 5 दिन बाद तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई.2024 में, एक जापानी सांसद की स्नॉर्कलिंग के दौरान मौत हो गई थी.

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मृतकों की पहचान

जेनोआ विश्वविद्यालय (University of Genoa) ने मृतकों की पहचान इस प्रकार की:
➔मोनिका मोंटेफाल्कोने (इकोलॉजी प्रोफेसर)
➔ बेटी जॉर्जिया सोममाकाल (छात्रा)
➔रिसर्च फेलो म्यूरियल ओडेनिनो
➔मरीन बायोलॉजी ग्रेजुएट फेडेरिको गुआल्तियेरी
➔पांचवें मृतक जियानलुका बेनेडेट्टी, जो बोट ऑपरेशंस मैनेजर और डाइविंग इंस्ट्रक्टर थे

यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोआ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर मृतकों के प्रति गहरा शोक और संवेदना व्यक्त की है. इटली के विदेश मंत्रालय के अनुसार, जिस गुफा में पांचों गोताखोर गए थे, वह तीन बड़े हिस्सों (कमरों) में बंटी हुई है, जो आपस में संकीर्ण रास्तों (narrow passages) से जुड़ी हुई हैं. शुक्रवार सुबह कोस्ट गार्ड के गोताखोरों ने दूसरी बार गोताखोरी कर दो कमरों की जांच की.अब शनिवार को तीसरे कमरे की तलाशी के लिए एक और डाइविंग ऑपरेशन किया जाएगा.

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'मेरी पत्नी बेहतरीन गोताखोर थी'

मोनिका मोंटेफाल्कोने के पति कार्लो सोममाकाल ने इटली के अखबार La Repubblica से बातचीत में कहा कि उनकी पत्नी दुनिया की बेहतरीन गोताखोरों में से एक थीं. उन्होंने उन्हें बेहद तैयार और सावधानीपूर्वक काम करने वाली बताया और कहा कि वहअपनी बेटी या किसी और की जान को कभी खतरे में नहीं डालतीं. उन्होंने यह भी कहा, “शायद उनमें से किसी को कोई दिक्कत हुई होगी, हो सकता है ऑक्सीजन टैंक से जुड़ी कोई समस्या रही हो, लेकिन मुझे इसकी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है.”
 

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