- गुजरात तट के पास समुद्र में अचानक उबलते बुलबुले और मटमैला पानी एक बड़े घुमावदार घेरे में दिखाई दिया
- मछुआरों की नाव समुद्र में तेज़ी से घूमते भंवर में फंस गई, लेकिन उन्होंने सूझबूझ से बाहर निकलने में सफलता पाई
- घटना के एक सप्ताह बाद भी सरकारी एजेंसियां इसके कारण के बारे में कोई निश्चित जानकारी नहीं दे पाई हैं
समुद्र के सीने पर अचानक उबलते बुलबुले, मटमैला घूमता पानी और बीच समुद्र में बना एक विराट घेरा, गुजरात तट के पास दिखाई दे रहा है. यह रहस्यमयी नजारा देख मछुआरों के होश उड़ गए हैं. वीडियो सामने है, लेकिन वजह अभी भी रहस्य बनी हुई है. गहरे समुद्र में तेजी से घूमते पानी और उबलते बुलबुलों ने सभी को दहशत में डाल दिया. यह घटना 11 जनवरी को सामने आई, जब वसई के पाचूबंदर की एक मछली पकड़ने वाली नाव इस खतरनाक प्रवाह की चपेट में आ गई.
नाव भंवर में फंसी, मछुआरों ने दिखाई सूझबूझ
कृष्णा मोरलीखांड्या की नाव ‘ओम नमः शिवाय' तट से लगभग 66 नॉटिकल मील दूर मछली पकड़ने गई थी. अचानक मछुआरों ने देखा कि मटमैला पानी एक बड़े घेराव में तेजी से घूम रहा है और अंदर से उबलते पानी जैसा गुबार उठ रहा है. यहां नाव कुछ देर के लिए इस भंवर में फंस गई, लेकिन मछुआरों ने इंजन की रफ्तार बढ़ाई और किसी तरह उस चक्रव्यूह से बाहर निकल आए. वीडियो में पानी के भीतर से उठते बुलबुले और तेज हलचल साफ दिखाई देती हैं.
एक हफ्ते बाद भी नहीं मिला जवाब
वीडियो सामने आने के एक सप्ताह बाद भी कोई सरकारी एजेंसी यह नहीं बता सकी है कि समुद्र में यह अजीब घटना किस कारण हुई. स्थानीय मछुआरों में डर और अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है.
प्रशासन का अनुमान: गैस रिसाव या भूगर्भीय हलचल?
पालघर जिला आपदा प्रबंधन कक्ष के प्रमुख विवेकानंद कदम के अनुसार यह घटना “असामान्य” है. प्रारंभिक अनुमान बताते हैं कि इसका कारण हो सकता है कि समुद्र की गहराई में गैस का रिसाव हो रहा हो या किसी तरह की कोई भूगर्भीय (geological) हलचल हो रही हो. या फिर ONGC पाइपलाइन में लीकेज की दिक्कत हो. हालांकि ये सब महज अनुमान ही है. फिलहाल समुद्री अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर उस क्षेत्र में यात्रा करने वाली नावों व जहाजों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं.
नौसेना, तटरक्षक और NIO को सूचना भेजी गई
मत्स्य विभाग के सहायक आयुक्त दिनेश पाटिल ने बताया कि मामले की जानकारी भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल, और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशियनोग्राफी (NIO) को दे दी गई है. विशेषज्ञों ने यह स्पष्ट किया है कि यह घटना भूकंप से जुड़ी नहीं है. NIO की प्रभारी मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सोनिया सुकुमारन ने ईमेल के माध्यम से कहा कि इस घटना की वास्तविक वजह जानने के लिए जियोफिज़िकल (भूभौतिकीय) अध्ययन कराना अनिवार्य है.
मछुआरों की मांग: “रहस्य सुलझाएं, डर खत्म करें”
रहस्यमयी समुद्री हलचल ने मछुआरों के मन में डर बैठा दिया है. उनकी मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द कारण पता लगाए. संभावित खतरों की निगरानी बढ़ाई जाए
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