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गाजियाबाद की गौर ग्रीन सोसाइटी में कैसे लगी भीषण आग? GDA सचिव की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

गाजियाबाद की सोसाइटी में लगी आग मामले में GDA ने जांच कमेटी बनाई है. ये कमेटी आग के कारणों के साथ-साथ सोसाइटी की लापरवाही की जांच करेगी.

गाजियाबाद की गौर ग्रीन सोसाइटी में कैसे लगी भीषण आग? GDA सचिव की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
  • गाजियाबाद की गौर ग्रीन सोसाइटी में लगी भीषण आग की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई
  • फायर ब्रिगेड को अवैध रैंप और दीवारों के कारण अंदर पहुंचने में कठिनाई हुई और राहत कार्य में देरी हुई
  • गाजियाबाद की 350 सोसायटियों में से 130 को फायर सेफ्टी सुधार के नोटिस दिए गए
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गाजियाबाद की गौर ग्रीन सोसाइटी में लगी भीषण आग की जांच के लिए GDA सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है. यह चार सदस्यीय कमेटी आग की घटना की जांच करेगी. यह कमेटी न सिर्फ आग लगने के कारणों का पता लगाएगी, बल्कि उन बाधाओं की भी जांच करेगी जिनसे राहत कार्य में देरी हुई. 

फायर ब्रिगेड को रेस्क्यू में हुई थी दिक्कत

प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, सोसाइटी में अवैध रूप से बनाए गए रैंप और दीवार की वजह से फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ियों को अंदर पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.कई फ्लैट्स में डबल लॉक लगे होने के कारण फायर फाइटर्स को धुआं और आग बुझाने के लिए अंदर दाखिल होने में देरी हुई. आग की सूचना फायर ब्रिगेड को सुबह 8:48 बजे मिली थी. समय पर कॉल मिलने के बावजूद इन बाधाओं ने रेस्क्यू को मुश्किल बनाया.

गाजियाबाद की कई सोसाइटी को नोटिस

यह घटना पूरे शहर के लिए एक अलार्म है. फायर विभाग के ऑडिट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. गाजियाबाद की 350 सोसायटी का फायर ऑडिट हुआ है, इसमें करीब 130 सोसायटी को कमियां सुधारने का नोटिस दिया गया है. 52 सोसायटियां ऐसी हैं जिन्हें बार-बार नोटिस देने के बाद भी उन्होंने फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए. इन 52 डिफॉल्टर सोसायटियों के खिलाफ फायर विभाग अब कोर्ट पहुंच गया है.

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बता दें कि बुधवार को गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में ऊपरी फ्लैटों में भीषण आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में 9वें, 10वें और 11वें तल तक पहुंच गई और पूरी बिल्डिंग में काला जहरीला धुआं भर गया. जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 8:48 बजे फायर स्टेशन वैशाली को घटना की सूचना मिली. सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड की टीम पांच दमकल गाड़ियों के साथ मौके के लिए रवाना हुई. मौके पर पहुंचने पर स्थिति बेहद गंभीर पाई गई, जहां कई फ्लैटों में आग धधक रही थी और कुछ लोग अंदर फंसे हुए थे. आग की भयावहता को देखते हुए तुरंत अन्य फायर स्टेशनों से भी सहायता मांगी गई.

इसके अलावा गौतमबुद्धनगर से हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और अतिरिक्त दमकल वाहन भी बुलाए गए. कुल मिलाकर 17 दमकल गाड़ियां, वाटर बाउजर और 2 हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. दमकल विभाग की टीमों ने दो हिस्सों में बंटकर एक ओर आग बुझाने का काम शुरू किया, वहीं दूसरी ओर सीढ़ियों के जरिए फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान चलाया.

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10 लोगों को किया गया रेस्क्यू

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान लगभग 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इनमें एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति भी शामिल थे, जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे. इमारत में फैले घने धुएं और अफरा-तफरी के बीच लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी. दमकल कर्मियों ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए पूरी बिल्डिंग को खाली कराया. कई फ्लैटों के दरवाजे बंद होने के कारण रेस्क्यू कटर की मदद से दरवाजे काटकर अंदर पहुंचा गया और आग को बुझाया गया. करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया.

इस दौरान लगभग 70 दमकल कर्मियों ने संयुक्त रूप से कार्य किया. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई. हालांकि, कुछ फ्लैटों में धुएं और गर्मी के कारण आंशिक नुकसान हुआ है. इस त्वरित कार्रवाई के चलते आसपास के करीब 22 फ्लैटों को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया. मौके पर सिविल डिफेंस, पुलिस, मेडिकल टीम, एसडीआरएफ और प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

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