असम में कांग्रेस 126 में से सिर्फ 19 सीट ही जीत पाई है. लगातार तीसरा चुनाव है, जब कांग्रेस असम में इतना बुरा हारी है. इस हार की जिम्मेदारी गौरव गोगोई ने ली है. असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने शनिवाह को गुवाहाटी में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हार की समीक्षा शुरू कर दी है. उन्होंने कहा कि पार्टी ने एक आंतरिक समीक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी है और चुनावी हार की पूरी जिम्मेदारी उनकी है.
गौरव गोगोई ने कहा, 'हाल के विधानसभा चुनावों के नतीजे बेहद निराशाजनक हैं. मैं पहले ही कह चुका हूं कि मैं इस नतीजे की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं. मैंने पार्टी हाईकमान को आगे की राह के बारे में भी अपनी बात बता दी है.'
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस असम में संगठनात्मक ढांचे में बदलाव और भविष्य की रणनीति के बारे में सोच-समझकर फैसले लेगी.
उन्होंने कहा, 'अब हम आगे की कार्रवाई के बारे में सोच-समझकर फैसला लेंगे, जिसमें संगठनात्मक ढांचे में बदलाव और अगले कदमों की रूपरेखा तैयार करना शामिल है. साथ ही, हमने एक आंतरिक समीक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी है. हम पूर्व विधायकों, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों और नए विधायकों से बातचीत कर रहे हैं, ताकि उनकी राय जान सकें, जमीनी हकीकत को समझ सकें और यह तय कर सकें कि आगे क्या करने की जरूरत है.'
हार की समीक्षा का दूसरा चरण शुरू
उनके अनुसार, पार्टी ने जिला-स्तर के नेताओं और वरिष्ठ सदस्यों से सलाह-मशविरा करके अपनी समीक्षा प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा, 'आज इस समीक्षा का दूसरा चरण है, जिसमें हम जिला-स्तर के नेताओं और पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों से बातचीत कर रहे हैं. अगले एक महीने में, हमारा लक्ष्य 2026 के चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन के पीछे के मुख्य कारणों की पहचान करना है.'
बदरुद्दीन अजमल की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कि कांग्रेस अब मुस्लिम लीग जैसी हो गई है, गोगोई ने इस आरोप को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, 'कांग्रेस अपने संवैधानिक मूल्यों और समावेशी विचारधारा के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. हाल की चुनावी हार एक राजनीतिक चुनौती है, और हम इसका सामना पूरी जिम्मेदारी और सुधार के साथ करेंगे.'
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'AIUDF-AIMIM ने बीजेपी को फायदा पहुंचाया'
गोगोई ने यह आरोप भी लगाया कि ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) जैसी पार्टियों ने असम में विपक्षी वोटों को बांटकर सीधे तौर पर BJP को फायदा पहुंचाया है.
उन्होंने कहा, 'असम के बदलते राजनीतिक परिदृश्य में, यह साफ है कि AIUDF और AIMIM जैसी पार्टियों ने, कई बार, वोटों को बांटकर BJP को परोक्ष रूप से फायदा पहुंचाया है। असम के लोग इस बात को अब ज्यादा से ज्यादा समझने लगे हैं.'
विपक्षी नेताओं के BJP में शामिल होने के बारे में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की टिप्पणियों का जवाब देते हुए, गोगोई ने कहा कि कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने और जनता से फिर से जुड़ने पर ही ध्यान केंद्रित रखेगी.
उन्होंने गुवाहाटी में हाल ही में हुई कृत्रिम बाढ़ की घटनाओं को लेकर राज्य सरकार की आलोचना भी की और शासन-प्रशासन तथा बुनियादी ढांचे की तैयारियों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि असम के लोग एक स्पष्ट विकास एजेंडा और ऐसी बार-बार होने वाली समस्याओं के प्रभावी समाधान के हकदार हैं.
गोगोई ने आगे आरोप लगाया कि कोयले जैसे क्षेत्रों में सिंडिकेट-आधारित गतिविधियों के लिए सरकार की ओर से अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता है.
गठबंधन सहयोगियों पर क्या बोले गोगोई?
विपक्षी गठबंधनों के बारे में उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पांच गठबंधन सहयोगियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और उनमें से अधिकांश के साथ अच्छे संबंध बनाए रखे, हालांकि चुनाव प्रचार के दौरान कुछ लोग सत्ताधारी पार्टी के विचारों के ज़्यादा करीब नजर आए. उन्होंने कहा कि 'हम आत्म-मंथन करने, संगठन को फिर से खड़ा करने और असम की जनता के सर्वोत्तम हितों के लिए काम करने के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं.
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