जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के सुदूर गांव कुंतवाड़ा में डॉक्टर डेजी परिहार बच्चों के लिए मसीहा बनकर उभरी हैं. उन्होंने दो स्कूलों में वाई-फाई और स्मार्ट क्लास शुरू करके डिजिटल एजुकेशन की लौ जलाई है. भले ही वे पेशे से डॉक्टर हैं, लेकिन उनका दिल किश्तवाड़ के दूर-दराज और ऊंचे इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए धड़कता है. डॉ. डेजी परिहार एक ऐसा नाम बन गई हैं, जो किश्तवाड़ के बच्चों में उम्मीद जगा रही हैं. जहां कई लोगों को सिर्फ दूरी दिखाई देती है, वहीं उन्हें अपना फर्ज नजर आता है. कुंतवाड़ा और दूसरे दुर्गम गांवों के बच्चों के लिए, वे कभी फ्री मेडिकल कैंप लगाती हैं, तो कभी स्मार्ट क्लास की सुविधा बच्चों के दरवाजे तक पहुंचाती हैं.
एक कदम और आगे बढ़ते हुए, उन्होंने फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स और बायोलॉजी के लिए वॉलंटियर टीचरों को भी शामिल किया है, जो छात्रों के साथ ऑनलाइन जुड़ेंगे और उनका सिलेबस पूरा करने में मदद करेंगे.
'बच्चों को सही रास्ता दिखाना मेरा फर्ज...'
डॉ. डेजी परिहार ने कहती हैं, "इनमें से ज्यादातर स्कूलों में जरूरी टीचर नहीं हैं. टीचरों की भारी कमी है. इस इलाके की नागरिक होने के नाते, मुझे लगा कि इन बच्चों को सही रास्ता दिखाना मेरा फर्ज है." लेकिन एक व्यस्त डॉक्टर को छात्रों के सपनों को पूरा करने में मदद करने के लिए इतनी मुश्किल ऊंचाइयों तक जाने के लिए क्या प्रेरित करता है?
साल 2018 में जिला टीकाकरण अधिकारी के तौर पर अपने ऑफिस को याद करते हुए, डॉ. परिहार ने बताया कि इन दूर-दराज इलाकों के अपने लंबे दौरों के वक्त ही उन्हें एहसास हुआ कि ऐसी कई बस्तियों में आज भी बुनियादी स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं की कमी है.
यह भी पढ़ें | दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक गिरेगा तापमान, पंजाब और कश्मीर में झमाझम बारिश, अब बढ़ने वाली है ठंड
दो दिन पहले जब स्मार्ट स्क्रीन चालू हुईं और वाई-फाई सिग्नल आया, तो वहां मौजूद कई छात्र अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पाए. हाई स्कूल कुंतवारा की नौवीं कक्षा की छात्रा अफरीना अपनी आंखों के आंसू नहीं रोक पाईं. उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि अब उनके स्कूल में भी इंटरनेट की सुविधा है.
उनका कहना है कि यह आइडिया सरल लेकिन असरदार है यानी डिजिटल लिटरेसी (साक्षरता) को वहां बढ़ावा देना, जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है. डॉ. डेजी परिहार ने कहा, "ऐसे दौर में जब शिक्षा ऑनलाइन हो रही है, कुंतवारा के बच्चे कनेक्टिविटी न होने की वजह से पीछे छूट रहे थे."
अब वाई-फाई की मदद से ये छात्र स्मार्ट क्लास और ऑनलाइन स्टडी मटीरियल का इस्तेमाल कर सकते हैं और पहाड़ों से परे की दुनिया से जुड़ सकते हैं. स्टेथोस्कोप से लेकर स्मार्ट क्लास तक, डॉ. डेजी परिहार यह साबित कर रही हैं कि सेवा की कोई सीमा नहीं होती, बशर्ते मकसद आखिरी कतार में बैठे आखिरी बच्चे तक पहुंचना हो.
यह भी पढ़ें | आतंकी बुरहान वानी को PDP नेता ने बताया 'शहीद', कश्मीर में नया सियासी उबाल, BJP हुई हमलावर
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं